Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
देश में पहली बार डिजिटल जनगणना, आज से छत्तीसगढ़ में ट्रायल शुरू

देश में पहली बार डिजिटल जनगणना, आज से छत्तीसगढ़ में ट्रायल शुरू

त्तीसगढ़ में पहली बार पूरी तरह डिजिटल तरीके से होने वाली जनगणना की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मुख्य जनगणना से पहले राज्य के 38 चयनित गांवों में प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) किया जाएगा।

यह प्रैक्टिस आज यानी 6 से 18 जुलाई तक चलेगी, जबकि 19 और 20 जुलाई को पुनर्परीक्षण (रिविजनल टेस्ट) आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली, मोबाइल एप, सॉफ्टवेयर और फील्ड स्तर की व्यवस्थाओं की जांच करना है।

अधिकारियों के अनुसार यह ट्रायल मुख्य जनगणना से पहले संभावित तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याओं की पहचान करने के लिए किया जा रहा है, ताकि वास्तविक सर्वेक्षण के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

38 गांवों में होगा डिजिटल सिस्टम का टेस्ट

प्री-टेस्ट के दौरान जनगणना से जुड़े कर्मचारी चयनित गांवों में जाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे। इस दौरान मोबाइल एप्लिकेशन, सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता, नेटवर्क सपोर्ट, डेटा अपलोडिंग और फील्ड स्टाफ की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा।

विशेष बात यह है कि इस परीक्षण के दौरान जुटाए गए आंकड़ों का उपयोग मुख्य जनगणना में नहीं किया जाएगा। मुख्य सर्वे शुरू होने पर इन गांवों में दोबारा जनगणना कर वास्तविक आंकड़े दर्ज किए जाएंगे।

फीडबैक के आधार पर होंगे सुधार

प्रशासन का मानना है कि प्री-टेस्ट से मिले फीडबैक के आधार पर डिजिटल सिस्टम और सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव किए जा सकेंगे। इससे मुख्य जनगणना के दौरान डेटा संग्रहण अधिक तेज, सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से जनगणना प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। साथ ही फील्ड स्तर की चुनौतियों को पहले ही पहचानकर उनका समाधान किया जा सकेगा।

दिसंबर 2026 में जारी होगी अधिसूचना

प्रारंभिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्य जनगणना के लिए दिसंबर 2026 में अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद फरवरी 2027 से प्रदेशभर में जनगणना का दूसरा और मुख्य चरण शुरू होगा।

जनगणना प्रक्रिया का पहला चरण, जिसमें मकानों की गणना और मकान सूचीकरण का कार्य शामिल है, पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब मुख्य फोकस जनसंख्या संबंधी आंकड़ों के संग्रह पर रहेगा।

विकास योजनाओं का आधार बनेंगे आंकड़े

विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण, शहरी और ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करते हैं।

राज्य सरकार और केंद्र सरकार विभिन्न नीतिगत निर्णयों में जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करती हैं। इसलिए इस बार डिजिटल जनगणना को अधिक सटीक और आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पहली बार बड़े स्तर पर डिजिटल जनगणना

छत्तीसगढ़ में यह पहली ऐसी जनगणना होगी जिसमें डेटा संग्रहण के लिए बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

फरवरी 2027 में शुरू होने वाली मुख्य जनगणना से पहले जुलाई में होने वाला यह ट्रायल प्रदेश की डिजिटल जनगणना व्यवस्था की असली परीक्षा माना जा रहा है।

ये खबरें भी पढ़ें...

6 जुलाई से छत्तीसगढ़ में प्री-टेस्ट जनगणना : जानें पूरा शेड्यूल

जनगणना ड्यूटी के बाद कर्मचारियों की मांग, अर्जित अवकाश और मानदेय भुगतान दे सरकार

Chhattisgarh Census: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया

जनगणना 2027 के दौरान गलत जानकारी देने पर लगेगा जुर्माना, ये है गाइडलाइन

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: d sutr