Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
धार भोजशाला पर सुनवाई में आई बात- यह मंदिर ही है और 1935 से पहले यहां कभी नमाज नहीं हुई

धार भोजशाला पर सुनवाई में आई बात- यह मंदिर ही है और 1935 से पहले यहां कभी नमाज नहीं हुई

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी।
  • हिंदू पक्ष ने मंदिर होने का दावा किया।
  • 1935 से पहले नमाज नहीं होने की बात कही।
  • एएसआई रिपोर्ट और ऐतिहासिक तथ्य पेश।
  • बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

धार भोजशाला को लेकर चल रही सुनवाई में दूसरे दिन भी दो घंटे तक बहस हुई और हिंदू पक्ष द्वारा अपने तर्क रखे गए। इसमें कहा गया कि Once a temple, always a temple, यानी एक बार मंदिर रहा स्थल हमेशा मंदिर ही माना जाएगा। सुनवाई बुधवार को भी होगी।

धार भोजशाला को लेकर शुरू हुई अंतिम सुनवाई मंगलवार को भी जारी रही। हिंदू फ्रंट की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने तर्क रखे। इसमें पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट के साथ ही ऐतिहासिक दस्तावेज पेश किए गए।

कहा गया कि Once a temple, always a temple, यानी एक बार मंदिर रहा स्थल हमेशा मंदिर ही माना जाएगा। साल 1935 में यहां लगा भोजशाला का बोर्ड हटाया गया और इसके बाद पहली बार नमाज की गई।

एएसआई की रिपोर्ट के तथ्य रखे गए

वरिष्ठ अधिवक्ता जैन और उनके साथ अधिवक्ता विनय जोशी ने अपनी बात रखी। भोजशाला का इतिहास बताते हुए कहा कि इसका इतिहास मस्जिद से सैकड़ों साल पुराना है।

एएसआई की रिपोर्ट में हवन कुंड, खंभों पर संस्कृत के श्लोक जैसे कई तथ्य मिले हैं, जिनका मस्जिद में कोई उपयोग नहीं होता। सर्वे में संस्कृत यंत्र, सूर्य और हवन कुंड के प्रमाण मिले हैं। सुनवाई के दौरान कुतुब मीनार का भी उल्लेख हुआ। कहा गया कि राजा भोज ने इसका निर्माण कराया था।

विदेश में एक नहीं, दो प्रतिमाएं हैं

वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि भोजशाला से सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो प्रतिमाएं विदेश गई थीं। एएसआई रिपोर्ट के अनुसार परिसर में मौजूद स्तंभ, छत और दीवारों पर कमल और देवी देवताओं से जुड़े प्रतीकों की नक्काशी पाई गई है, जो पारंपरिक हिंदू मंदिर वास्तुकला को दर्शाती है।

मंदिर को ध्वस्त किया गया

अधिवक्ताओं ने कहा कि भोजशाला वास्तव में एक मंदिर था, जिसे मुगल आक्रमणकारियों द्वारा ध्वस्त किया गया था। साथ ही सरस्वती माता की मूर्ति के बारे में भी जानकारी दी गई, जो वर्तमान में ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित रखी गई है।

ये खबरें भी पढ़ें...

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: d sutr