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ड्रग्स आरोपी को बचाने के लिए बताया नाबालिग, फर्जी स्कूल दस्तावेज किये तैयार

ड्रग्स आरोपी को बचाने के लिए बताया नाबालिग, फर्जी स्कूल दस्तावेज किये तैयार

त्तीसगढ़ में ड्रग पैडलर को बचाने परिजनों ने ऐसा खेल खेला, जिसने कोर्ट को चौंका दिया। जेल में बंद आरोपी को नाबालिग साबित करने की कवायद हुई। इसके लिए फर्जी मार्कशीट तैयार कर पेश की गई।

लेकिन कोर्ट की सख्ती के बाद पूरा मामला खुल गया। फर्जीवाड़े में आरोपी के पिता के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।

नशे के साथ पकड़ा गया था आरोपी

मामला 15 जनवरी का है, जब राजेंद्र नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि एक्सप्रेस-वे के पास कुछ युवक नशीले पदार्थ बेचने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीन संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से 71 ग्राम अफीम और 0.80 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। शुरुआत में तीनों को नाबालिग मानते हुए कार्रवाई की गई और एक आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया।

कोर्ट में पेश हुई फर्जी मार्कशीट

आरोपी हबीब अब्बास को बचाने के लिए उसके परिजन गमखार हुसैन ने पुलिस और कोर्ट के सामने राजेंद्र प्रसाद प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल, कैम्प-1 भिलाई की अंकसूची और दाखिल-खारिज रजिस्टर की कॉपी पेश की। दस्तावेजों में आरोपी की जन्मतिथि 17 सितंबर 2009 दर्शाई गई, जिससे वह नाबालिग साबित हो सके। पहली नजर में ये दस्तावेज सही लग रहे थे, लेकिन कोर्ट को इनमें गड़बड़ी का शक हुआ।

बोन टेस्ट ने खोली असली उम्र

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया। मेकाहारा अस्पताल में हुए बोन टेस्ट की रिपोर्ट ने पूरे मामले की पोल खोल दी। जिस युवक को 16 साल का बताया जा रहा था, उसकी उम्र 18 से 20 साल के बीच पाई गई। यानी आरोपी पूरी तरह बालिग निकला। इस खुलासे के बाद कोर्ट ने दस्तावेजों की सत्यता की जांच के आदेश दिए।

जांच में सामने आया नकली स्कूल

कोर्ट के आदेश पर पुलिस टीम भिलाई पहुंची और संबंधित स्कूल की जांच की। यहां सबसे बड़ा खुलासा हुआ। जिस स्कूल की मार्कशीट पेश की गई थी, उस नाम का कोई स्कूल क्षेत्र में अस्तित्व में ही नहीं है। स्थानीय पार्षद ने भी अपनी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की। वहीं दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिलाई ने भी साफ कर दिया कि ऐसा कोई स्कूल कभी संचालित ही नहीं हुआ।

पिता पर दर्ज हुआ केस, साजिश बेनकाब

जांच में साफ हो गया कि आरोपी के पिता गमखार हुसैन ने बेटे को सजा से बचाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस ने इस गंभीर साजिश को देखते हुए आरोपी पिता के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है। अब इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हैं।

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