News In Short
- आज 10 अप्रैल को कुल 11 डिवीजन बेंच (DB) में सुनवाई निर्धारित है।
- चीफ जस्टिस 4 अलग-अलग DB बेंचों में सुनवाई करेंगे।
- सुबह 10:30 बजे से सुनवाई का सिलसिला शुरू होगा।
- कई बेंच After No. के आधार पर क्रमवार सुनवाई करेंगी।
- सिंगल बेंच (SB) भी DB कार्य के अधीन कार्य करेंगी।
News In Detail
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में 10 अप्रैल 2026 को विशेष बेंचों का गठन किया गया है, जिसमें न्यायिक कार्यवाही को तेज करने के लिए व्यापक व्यवस्था बनाई गई है।
चीफ जस्टिस खुद चार अलग-अलग डिवीजन बेंचों में सुनवाई करेंगे, जो इस दिन की खासियत बन गई है। कुल 11 डिवीजन बेंचों में महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई तय की गई है। इससे कई लंबित मामलों में प्रगति की उम्मीद है।
विशेष बेंचों का गठन, न्यायिक कार्य में तेजी की कोशिश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल 2026 के लिए विशेष बेंचों का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। इसमें न्यायिक कार्यों के त्वरित निपटारे के लिए डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच का संतुलित गठन किया गया है।
इस विशेष व्यवस्था का उद्देश्य लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुनना और न्यायिक प्रक्रिया को गति देना है।
चीफ जस्टिस की 4 बेंचों में मौजूदगी बनी खास
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चीफ जस्टिस स्वयं चार अलग-अलग डिवीजन बेंचों में शामिल होकर सुनवाई करेंगे। वे क्रमशः जस्टिस विनय सराफ, जस्टिस विशाल धगत, जस्टिस विशाल मिश्रा और जस्टिस अनुराधा शुक्ला के साथ विभिन्न मामलों की सुनवाई करेंगे।
इससे यह संकेत मिलता है कि उच्च प्राथमिकता वाले मामलों पर सीधे शीर्ष स्तर से निगरानी रखी जा रही है।
11 डिवीजन बेंचों में होंगे अहम मामलों के निर्णय
जारी सूची के अनुसार कुल 11 डिवीजन बेंचों में सुनवाई प्रस्तावित है, जिनमें अलग-अलग न्यायाधीशों की जोड़ी महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई करेगी।
इनमें जस्टिस विवेक रूसिया, जस्टिस प्रदीप मित्तल, जस्टिस देव नारायण मिश्रा, जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह, जस्टिस विवेक जैन, जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन और जस्टिस बी.पी. शर्मा जैसे न्यायाधीश शामिल हैं।
समय और क्रम के अनुसार चलेगी सुनवाई
अधिकांश डिवीजन बेंचों में सुनवाई सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी, जबकि कई बेंच After No. के आधार पर क्रमवार मामलों को सुनेंगी।
इसका मतलब है कि एक बेंच में सुनवाई समाप्त होने के बाद दूसरी बेंच में सुनवाई शुरू होगी, जिससे पूरे दिन न्यायिक कार्यवाही निर्बाध रूप से चलती रहेगी।
सिंगल बेंच भी DB कार्य के अधीन रहेंगी सक्रिय
सिंगल बेंचों को भी Subject to DB work के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी जहां डिवीजन बेंच का कार्य प्राथमिक होगा, वहीं आवश्यकता अनुसार सिंगल बेंच भी मामलों की सुनवाई करेंगी। इससे न्यायिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया गया है।
अन्य बेंच सामान्य रूप से करेंगी कार्य
जारी नोट के अनुसार, विशेष बेंचों के अलावा अन्य सभी बेंच सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि नियमित मामलों की सुनवाई भी प्रभावित न हो और अदालत की कार्यप्रणाली संतुलित बनी रहे।
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