समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी बसों के लिए 40 लंबे रूट तय कर दिए हैं।
- परिवहन विभाग ने इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है।
- आम लोगों से 30 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं।
- इसके बाद बसों के संचालन की प्रक्रिया शुरू होगी।
- बसों में ई-टिकट, लाइव लोकेशन और सुरक्षा जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
राज्य सड़क परिवहन स्कीम के तहत यह बदलाव किया जा रहा है। सरकार का मकसद बस सेवा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है। यात्रियों को समय पर बस मिले, यह भी इस योजना का हिस्सा है।
रूट में कौन-कौन से जिले
इस योजना से मध्य प्रदेश के कई बड़े जिले जुड़ेंगे। इनमें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर शामिल हैं। इसके अलावा रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा और खरगोन भी इस सूची में हैं।
बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर और नरसिंहपुर जैसे जिले भी जुड़ेंगे। कुल मिलाकर 40 प्रमुख इंटरसिटी मार्ग नोटिफाई किए गए हैं। इन रूटों पर अब सरकारी और निजी दोनों तरह की बसें चलेंगी। सरकारी बस सेवाएं
सबसे लंबे और छोटे रूट
इन 40 रूटों में सबसे लंबा रूट इंदौर से सिंगरौली तक है। इसकी दूरी 889 किलोमीटर है। दूसरा सबसे लंबा रूट इंदौर से शहडोल तक है, जो 791 किलोमीटर का है।
तीसरे नंबर पर इंदौर से मऊगंज रूट है, जिसकी दूरी 780 किलोमीटर है। चौथे नंबर पर इंदौर से अनूपपुर तक का रूट है, जो 760 किलोमीटर लंबा है। वहीं सबसे छोटा रूट खरगोन से आगर मालवा तक है, जिसकी दूरी सिर्फ 258 किलोमीटर है।
इंदौर से चलेंगी 22 बसें
रूट चार्ट के अनुसार इंदौर से कुल 22 बसें चलेंगी। ये बसें इंदौर से अनूपपुर, भिंड, दतिया, गुना, मैहर, मऊगंज, मुलताई, निवाड़ी, रीवा, श्योपुर और सिंगरौली तक जाएंगी।
इसके अलावा इंदौर से बंडा, बीना, डिंडोरी, ग्वालियर, मनासा, मुरैना, नरसिंहपुर, पिपरिया, शहडोल, शिवपुरी और उमरिया तक भी बस सेवा मिलेगी।
बाकी जिलों के लिए भी अलग-अलग रूट तय किए गए हैं। जैसे अलीराजपुर से आगर मालवा, मंदसौर और शाजापुर तक की बसें चलेंगी। बड़वानी, बुरहानपुर, धार और खंडवा से भी कई शहरों के लिए बसें उपलब्ध रहेंगी।
कितनी होंगी बस की सीटें
सामान्य मार्गों पर मिडी बस चलेंगी, जिनमें 23 से 34 सीटें होंगी। ये साधारण, सेमी डीलक्स और डीलक्स श्रेणी की होंगी।
वहीं इंटरसिटी मार्गों पर बड़ी बसें चलेंगी। इनमें 35 से 70 सीटें होंगी। ये एसी डीलक्स, एसी लग्जरी और एसी सुपर लग्जरी कैटेगरी की होंगी।
यात्रियों को क्या सुविधा मिलेगी
सभी बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाई जाएगी। यह हर 5 से 10 सेकेंड में बस की लोकेशन और स्पीड की जानकारी भेजेगी। यह जानकारी राज्य और क्षेत्रीय कमांड सेंटर तक पहुंचेगी।
यात्री मोबाइल ऐप के जरिए बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। साथ ही बस के पहुंचने का अनुमानित समय भी पता चलेगा। बसों की समय-सारिणी भी मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगी। यात्रियों की मांग के अनुसार बसों की संख्या तय की जाएगी।
इसले अलावा टिकट अब पूरी तरह डिजिटल होंगे। इसके लिए ई-टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। शिकायत के लिए हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन सिस्टम भी मिलेगा।
बसों में सुरक्षा, स्वच्छता और फिटनेस मानकों का पालन जरूरी होगा। तेज गति या नियम तोड़ने पर चालक और परिचालक पर कार्रवाई होगी।
कब से शुरू होगा संचालन
परिवहन विभाग ने बताया है कि मध्य प्रदेश यात्री बस परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नोटिफाई किए गए रूटों पर बसें चलाएगा। राज्य परिवहन उपक्रम के नाम पर परमिट जारी होंगे।
निजी बस संचालकों के साथ भी सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP – Public Private Partnership) मॉडल के तहत एग्रीमेंट किया जाएगा। योजना लागू होने के सात दिन बाद बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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