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एमपी की बिजली कंपनी में चयनित सहायक ग्रेड को ज्वाइनिंग नहीं, उधर स्टाफ की कमी बताकर रिटायर्ड को ले रहे

एमपी की बिजली कंपनी में चयनित सहायक ग्रेड को ज्वाइनिंग नहीं, उधर स्टाफ की कमी बताकर रिटायर्ड को ले रहे

News In Short

  • बिजली कंपनी में जुलाई 2025 में 50 हजार पद मंजूर हुए थे।
  • सिलक्टेड युवाओं की ज्वाइनिंग 10 महीने से रुकी हुई है।
  • अधिकारियों ने पद कम होने का तर्क दिया है।
  • 200 से ज्यादा को ज्वाइनिंग नहीं देने की बात कही है।
  • स्टाफ की कमी बताकर रिटायर्ड कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है।

News In Detail

मध्यप्रदेश बिजली कंपनी (mpeb indore) में चयनित सहायक ग्रेड के युवाओं को अभी तक ज्वाइनिंग नहीं मिली है। वहीं स्टाफ की कमी बताकर रिटायर्ड कर्मचारियों (बिजली कर्मचारी) को वापस लिया जा रहा है।

जुलाई 2025 में कंपनी में 50 हजार पद मंजूर हुए थे, लेकिन अब तक चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। यह स्थिति नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए चिंता का कारण बन गई है।

बिजली कंपनी में मनमानी का दौर

एमपी की बिजली कंपनी में भर्ती को लेकर मनमानी का दौर चल रहा है। सीएम मोहन यादव ने स्टाफ कमी को देखते हुए भर्ती की मंजूरी (mpeb vacancy 2025) दी थी। जुलाई 2025 की कैबिनेट बैठक (मोहन कैबिनेट) में 50 हजार पद मंजूर ( mpeb recruitment 2025) भी हुए थे।

अगस्त 2025 में एक हजार चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। तब भी 50 हजार भर्ती की बात दोहराई गई थी।

10 माह से चयनित सहायक ग्रेड इंतजार कर रहे

सहायक ग्रेड पदों के लिए दो बार रिजल्ट संशोधित हो चुका है। अंतिम रिजल्ट (mpeb result) मई 2025 में जारी किया गया था। वहीं जून में दस्तावेज सत्यापन हुआ था। इसमें 545 युवाओं को सिलेक्ट किया गया था। इसके बाद से ही इन युवाओं को ज्वाइनिंग मिलना बाकी है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं दी गई।

अभी पद नहीं होने का कारण बताया

जब नियुक्ति न करने का कारण पूछा गया, तो कहा गया कि अभी पद खाली नहीं हैं। अब सवाल यह उठता है कि फिर भर्ती कैसे निकाली गई? अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ 204 युवाओं को ज्वाइनिंग दी जाएगी। बाकी को बाद में चरणबद्ध तरीके से बुलाया जाएगा।

इधर स्टाफ की कमी पर रिटायर्ड कर्मियों की भर्ती का आदेश

मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने 01 अप्रैल को एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी। इस बैठक में स्टाफ की कमी पर भी चर्चा हुई थी। इसके बाद रिटायर्ड कर्मचारियों से काम की पूर्ति करने के लिए निर्देश दिए गए थे।

इसके बाद, मध्यप्रदेश पश्चिमी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आदेश जारी किए। यह आदेश उज्जैन रीजन के चीफ इंजीनियर ने जारी किया था।

इंजीनियरों से रिटायर्ड कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। साथ ही प्रस्ताव भी मांगे गए ताकि रिटायर्ड कर्मचारियों की भर्ती हो सके। पत्र में मंत्री के निर्देशों का उल्लेख किया गया है। साथ ही तकनीकी स्टाफ की कमी का हवाला दिया गया है।

इसमें रिटायर्ड अधिकारियों को काम के लिए बुलाने को कहा गया है। इसके अलावा जूनियर और सहायक इंजीनियरों को शामिल करने को कहा गया है। तृतीय श्रेणी तकनीकी कर्मचारियों को भी जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि जरूरत के अनुसार तय समय के लिए उन्हें जोड़ा जाएगा।

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