समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में स्टेट इलेक्शन कमीशन ने बड़ा डोर-टू-डोर सर्वे कराया है।
- इस विशेष अभियान में प्रदेशभर से 28 लाख फर्जी मतदाता पाए गए है।
- भोपाल जिले से अकेले 1.25 लाख अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए है।
- इस लिस्ट में मृत और दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोग शामिल थे।
- अब नई वोटर लिस्ट से ही आने वाले निकाय और पंचायत चुनाव होंगे।
मध्य प्रदेश में बड़ा सर्वे अभियान
MP Voter List 2026: मध्य प्रदेश में चुनाव सुधार को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। स्टेट इलेक्शन कमीशन (Election Commission) ने प्रदेशभर में डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया है।
इस दौरान अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का फिजिकल वेरिफिकेशन किया है। जांच में प्रदेशभर से 28 लाख फर्जी नाम सामने आए। इन सभी नामों को अब मतदाता सूची से हटा दिया गया है। आयोग का मकसद पूरी तरह से निष्पक्ष चुनाव कराना है।
भोपाल में हटे 1.25 लाख फर्जी नाम
राजधानी भोपाल में भी इस अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है। भोपाल जिले से अकेले 1.25 लाख अनफिट वोटरों को बाहर किया गया है। इनमें से कई लोग ऐसे थे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।
कई लोग स्थाई रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे। फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान ये लोग मौके पर नहीं पाए गए। इसके बाद नियमानुसार इनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का आंकड़ा
आयोग के मुताबिक नगरीय क्षेत्रों में अब एक करोड़ 60 लाख 50 हजार 984 मतदाता हैं। वहीं पंचायत क्षेत्रों में चार करोड़ छह लाख 70 हजार 369 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
यानी पंचायत क्षेत्रों का मतदाता आधार शहरी क्षेत्रों से करीब ढाई गुना ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से करीब 12 लाख ज्यादा है।
एक साल में कितने वोटर घटे
एक जनवरी 2025 की मतदाता सूची से तुलना करें तो बड़ा फर्क दिखता है। उस समय शहरी क्षेत्र में 1.73 करोड़ और पंचायतों में 4.21 करोड़ मतदाता थे।
इन दोनों आंकड़ों की तुलना करने पर एक साल में करीब 28 लाख वोटर कम हो गए। इनमें शहरी क्षेत्र में 13.45 लाख और गांवों में 14.80 लाख मतदाता घटे हैं। आयोग के मुताबिक मृत्यु, स्थानांतरण और दोहरी प्रविष्टियों की वजह से भी कई नाम सूची से हटाए गए हैं।
शहरों में साढ़े छह लाख महिला वोटर कम हुईं
शहरी क्षेत्र के आंकड़ों में महिला मतदाताओं की कमी सबसे ज्यादा चर्चा में है। 2025 की शुरुआती नगरीय सूची में करीब 85.64 लाख महिला मतदाता दर्ज थीं।
अंतिम सूची में यह संख्या घटकर करीब 78.74 लाख रह गई है। यानी शहरी क्षेत्रों में करीब 6.90 लाख महिला मतदाता कम हुई हैं। इसी दौरान थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या भी घटकर 937 रह गई है।
एसआइआर के बाद फिर बढ़े मतदाता
केंद्रीय चुनाव आयोग ने नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआइआर करवाया था। उस समय अंतिम प्रकाशन में मतदाताओं की संख्या 5.39 करोड़ बताई गई थी।
इसमें 2.79 करोड़ पुरुष और 2.60 करोड़ महिला मतदाता शामिल थीं। लेकिन अब राज्य निर्वाचन आयोग की सूची में 5.67 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। एसआइआर के आंकड़ों से तुलना करें तो करीब 27.40 लाख मतदाता फिर से बढ़ गए हैं।
23 अप्रैल से 30 जुलाई तक चला अभियान
स्टेट इलेक्शन कमीशन ने ये स्पेशल वेरिफिकेशन ड्राइव लंबे समय तक चलाया गया। ये ड्राइव 23 अप्रैल से शुरू होकर 30 जुलाई तक जारी रहा। इस दौरान BLO ने हर घर का दरवाजा खटखटाया।
टीमों ने मौके पर जाकर हर एक नागरिक का डेटा जांचा। जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, उनका नाम तुरंत हटाए गए। फर्जी एंट्री रोकने के लिए यह कदम बहुत कारगर साबित हुआ है।
केंद्र और राज्य की सूची में बड़ा अंतर
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और स्टेट इलेक्शन कमीशन की सूची में बड़ा अंतर था। पहले केंद्र की वोटर लिस्ट में 5.41 करोड़ मतदाता दर्ज थे। जबकि राज्य आयोग की लिस्ट में 5.94 करोड़ नाम शामिल थे। दोनों सूचियों के बीच लगभग 53 लाख मतदाताओं का भारी अंतर था। अब इस विशेष सफाई अभियान के बाद यह अंतर घटकर 25 लाख रह गया है। इससे फर्जी वोटिंग पर रोक लगेगी।
नई वोटर लिस्ट से होंगे आगामी चुनाव
अगले वर्ष राज्य में नगर निगम और नगर पालिका के चुनाव होंगे। इसके अलावा नगर परिषद और ग्राम पंचायत चुनाव भी कराए जाएंगे। ये सभी स्थानीय चुनाव अब इसी नई सूची से होंगे।
आयोग द्वारा जारी अंतिम प्रकाशित सूची ही ऑथॉरिजेड मानी जाएगी। इसमें केवल उन्हीं लोगों के नाम हैं जिनका वेरिफिकेशन सही मिला है। नए 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को भी जोड़ा गया है।
FAQ
Q. मध्य प्रदेश की मतदाता सूची से कितने फर्जी नाम हटाए गए हैं? A. राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान के तहत मध्य प्रदेश की वोटर लिस्ट से लगभग 28 लाख फर्जी और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इनमें से अकेले भोपाल जिले से 1.25 लाख नाम बाहर किए गए हैं। Q. मतदाता सूची से किन लोगों के नाम हटाए गए हैं? A. इस सर्वे के दौरान ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी थी या जो स्थाई रूप से किसी दूसरी जगह रहने चले गए थे। भौतिक सत्यापन में मौके पर न पाए जाने वाले अपात्र लोगों को सूची से बाहर किया गया है। Q. अब मध्य प्रदेश में होने वाले स्थानीय चुनाव किस वोटर लिस्ट से होंगे? A. आने वाले समय में होने वाले नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद और ग्राम पंचायत चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई इसी नई और अंतिम प्रकाशित वोटर लिस्ट के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए जाएंगे।
कृषि शिक्षक भर्ती: बीएड और टीईटी हुआ अनिवार्य, नए नियम से 90 फीसदी छात्र बाहर
लापता बेटियों को ढूंढने में पुलिस की रफ्तार धीमी, 27% बढ़े अनसुलझे केस
प्रेमी के चक्कर में की पतियों की हत्या, अब भोग रहीं कर्मों की सजा
आयुष्मान योजना और मतदाता सूची विवाद ने विधानसभा में मचाया हंगामा

