शादियों का सीजन शुरू होते ही महंगाई ने अपना कड़ा रंग दिखाना शुरू कर दिया है। शहनाइयों की गूंज के बीच अब आम आदमी को बजट की भारी चिंता सताने लगी है। अगले ढाई महीनों में प्रदेश के भीतर लगभग 20 हजार से ज्यादा शादियां होने वाली हैं।
बाजारों में रौनक तो बहुत है लेकिन सामानों के दाम आसमान छूते नजर आ रहे हैं। सोना-चांदी और खाने की प्लेट महंगी होने से मिडिल क्लास फैमिली का बजट बिगड़ गया है। अब एक सामान्य शादी का कुल खर्च करीब 5 से 6 लाख रुपए तक बढ़ गया है। आइए जानते हैं कि इस बार किन चीजों ने शादियों का पूरा गणित बिगाड़ कर रख दिया है।
सोना-चांदी के दाम ने उड़ाए होश
शादी में सबसे बड़ा खर्च गहनों पर होता है। भोपाल के सराफा कारोबारियों के मुताबिक, पिछले एक साल में सोने की कीमतों में करीब 60 हजार रुपए और चांदी के दाम में डेढ़ लाख रुपए तक का उछाल आया है।
पहले जो जेवर पांच लाख रुपए में बन जाते थे, अब उतनी ही ज्वेलरी के लिए 10 लाख रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि जो लोग पहले दो तोला सोना खरीदते थे, वे अब बजट के कारण केवल एक तोला सोने में ही संतोष कर रहे हैं।
सराफा कारोबारी नवनीत अग्रवाल कहते हैं कि एक साल में सोने के रेट दोगुने और चांदी तीन गुना महंगी हुई है। इससे लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करना पड़ रहा है। जेवर का वजन भी घटा है।
सिलेंडर की किल्लत से महंगी हुई खाने की प्लेट
महंगाई का असर केवल जेवरों तक सीमित नहीं है, बल्कि खाने की थाली भी महंगी हो गई है। बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत के कारण कैटरर्स ने प्रति प्लेट 100 रुपए तक रेट बढ़ा दिए हैं।
भोपाल के कैटरर्स का कहना है कि सिलेंडर न मिलने की वजह से अब खाना बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हों तक का सहारा लेना पड़ रहा है। अगर आप 500 लोगों का रिसेप्शन कर रहे हैं, तो केवल खाने पर ही आपका खर्च 50 हजार से 1 लाख रुपए तक बढ़ गया है।
महंगाई का सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास पर
भोपाल के करोंद निवासी पंकज यादव के परिवार की कहानी हर मिडिल क्लास फैमिली की हकीकत बयां करती है। पंकज ने बताया कि हाल ही में उनके भाई की शादी हुई और अब वे चचेरी बहन की शादी की तैयारी कर रहे हैं।
भाई की शादी में बजट पांच लाख रुपए से ऊपर चला गया था। अब बहन की शादी के लिए सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, इसलिए उन्होंने विकल्प के तौर पर लकड़ियों की व्यवस्था की है। महंगाई के कारण उन्हें शादी की लिस्ट से कई जरूरी चीजों में कटौती करनी पड़ी है। मध्यप्रदेश में सोना-चांदी महंगा के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सामान में भी उछाल
घर बसाने के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन की कीमतों में भी पांच प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है। गार्डन बुकिंग, डेकोरेशन और कपड़ों पर होने वाला खर्च भी पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गया है। कुल मिलाकर एक सामान्य शादी जो पहले 15-20 लाख में निपट जाती थी, अब उसके लिए 25 लाख रुपए से ज्यादा का इंतजाम करना पड़ रहा है।
इस साल के शादियों के शुभ मुहूर्त
मध्य प्रदेश में शादियों का यह दौर 14 मई तक जोरों पर रहेगा। 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर हजारों जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसके बाद 26 अप्रैल और फिर 5 से 14 मई तक लगातार मुहूर्त हैं। गुरुवार 14 मई के बाद एक महीने के लिए खरमास के कारण ब्रेक लगेगा। इसके बाद दोबारा 19 जून से 7 जुलाई तक शादियों की धूम रहेगी। इस दौरान गृह प्रवेश और मुंडन जैसे अन्य मांगलिक कार्य भी होंगे।
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