समझें क्या है पूरा मामला
- 15 से 29 वर्ष के युवाओं का डेटा जुटाया जाएगा।
- प्रदेशभर में यूथ क्लब गठित किए जाएंगे।
- माई भारत पोर्टल पर युवाओं का पंजीयन होगा।
- 15 अगस्त तक 100% रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य तय।
- पंचायत विभाग को अभियान चलाने के निर्देश।
प्रदेशभर में यूथ क्लब
मध्य प्रदेश सरकार अब 15 से 29 साल के युवाओं तक सीधी पहुंच बनाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेशभर में यूथ क्लब बनाए जाएंगे और युवाओं का पंजीयन माई भारत पोर्टल पर कराया जाएगा। जिम्मेदार अफसरों के मुताबिक इससे युवाओं को कौशल विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण, स्वयंसेवा और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। हालांकि, इस अभियान को लेकर सियासी विवाद भी शुरू हो गया है।
सरकार की योजना क्या है?
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की जानकारी जुटाने को कहा है। इसके बाद उन्हें माई भारत पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा।
ज़िम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि इससे युवाओं की नेतृत्व क्षमता विकसित होगी, उन्हें स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा और सामाजिक सेवा गतिविधियों में भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा।
15 अगस्त तक क्यों चल रहा अभियान?
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वतंत्रता दिवस से पहले विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन कराया जाए। लक्ष्य यह है कि पात्र युवाओं का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित हो।
डेटा पर क्यों शुरू हुई राजनीति?
युवाओं की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया पर कांग्रेस के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार युवाओं का डेटा इकट्ठा कर उन्हें राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर सकती है। पार्टी का यह भी कहना है कि सरकार युवाओं के बढ़ते आंदोलनों और असंतोष से चिंतित है।
भाजपा का जवाब
भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। भाजपा के मुताबिक सरकार और संगठन अलग-अलग हैं तथा सरकारी रिकॉर्ड में नागरिकों की जानकारी पहले से उपलब्ध रहती है।
अब आगे क्या?
आने वाले दिनों में यह अभियान केवल पंजीयन तक सीमित रहता है या फिर युवाओं के लिए नए कार्यक्रमों और अवसरों का आधार बनता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल यह योजना प्रशासनिक पहल के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी विषय बन गई है।युवाओं का डेटा, यूथ क्लब और सियासत... MP में नए मिशन पर क्यों मचा बवाल?
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