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एमपी मेडिकल एडमिशन पर बड़ा फैसला, मैनेजमेंट कोटा और NRI नियमों में बदलाव रद्द

एमपी मेडिकल एडमिशन पर बड़ा फैसला, मैनेजमेंट कोटा और NRI नियमों में बदलाव रद्द

मझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेज प्रवेश के नए नियम इस साल लागू नहीं होंगे।
  • निजी कॉलेजों में प्रस्तावित मैनेजमेंट कोटा भी टाला गया है।
  • एनआरआई कोटे में बदलाव की योजना भी फिलहाल रुकी है।
  • सभी एडमिशन पुराने 2018 वाले नियमों से ही होंगे।
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 5 अगस्त से शुरू हो चुका है।

नए नियम क्यों टाले गए

राज्य सरकार ने इस साल मेडिकल प्रवेश नियमों में बदलाव का मसौदा तैयार किया था। इसमें निजी मेडिकल कॉलेजों में पहली बार 30 से 35 प्रतिशत सीटें मैनेजमेंट कोटे से भरने का प्रस्ताव था।

इस प्रस्ताव का छात्रों और अभिभावकों ने विरोध किया। कई संगठन भी इसके खिलाफ खड़े हो गए। मामला कोर्ट तक भी पहुंच गया। इसके बाद सरकार ने फिलहाल नए नियम टालने का फैसला लिया।

चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया। डीएमई डॉ. अरुणा कुमार ने बताया कि इस सत्र में प्रस्तावित बदलाव लागू नहीं किए जा रहे हैं।

मैनेजमेंट कोटे का प्रस्ताव क्या था

निजी मेडिकल कॉलेजों में 30 से 35 प्रतिशत सीटें मैनेजमेंट कोटे से भरने की योजना थी। यह व्यवस्था इस सत्र में लागू नहीं होगी। एडमिशन पुराने नियमों के हिसाब से ही होंगे।

एनआरआई कोटे में क्या बदलना था

अभी कोई छात्र किसी पात्र एनआरआई रिश्तेदार के सहारे एनआरआई कोटे में प्रवेश ले सकता है। सरकार इस व्यवस्था को बदलना चाहती थी। फिलहाल पुराने नियम ही चलते रहेंगे।

प्रवेश किस नियम के तहत होंगे

इस साल एमबीबीएस और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम-2018 के तहत होंगे। इससे छात्रों को प्रक्रिया समझने में आसानी होगी।

पहले राउंड का पूरा शेड्यूल

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 5 से 13 अगस्त तक चलेगी। सीट मैट्रिक्स 13 अगस्त को जारी होगा। राज्य मेरिट सूची 14 अगस्त को आएगी।

चॉइस फिलिंग 15 से 18 अगस्त तक होगी। पहला सीट आवंटन 20 अगस्त को होगा। दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश 21 से 27 अगस्त तक चलेगा।

दूसरे राउंड की अपग्रेडेशन प्रक्रिया भी 21 से 27 अगस्त के बीच होगी। अभ्यर्थियों को अपग्रेडेशन के लिए यस या नो का विकल्प चुनना होगा। विकल्प नहीं चुनने पर 27 अगस्त रात 11:55 बजे तक संशोधन किया जा सकेगा।

नीट यूजी मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

इसी बीच नीट-यूजी 2026 से जुड़ा एक मामला भी सामने आया है। छह अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

इन छात्रों का दावा है कि 21 जून की दोबारा परीक्षा में उनके भरे गए उत्तर, एनटीए (NTA – National Testing Agency) की वेबसाइट पर मौजूद ओएमआर कॉपी से मेल नहीं खाते। छात्रों के वकील ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच से कहा कि काउंसलिंग शुरू हो चुकी है।

वकील के अनुसार, ओएमआर में अंतर की वजह से 600-650 से ज्यादा अंक पाने वाले इन अभ्यर्थियों की रैंक और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्रभावित हो सकता है। यह मामला भी मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया से जुड़ा है, इसलिए छात्रों के लिए इसे जानना जरूरी है।

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