समझें क्या है पूरा मामला
- नरसिंहपुर के गाडरवारा में EOW ने बड़ी कार्रवाई की।
- रिटायर्ड नगर पालिका अधिकारी योगेंद्र ढिमोले के घर छापा मारा गया।
- जांच में कई मकान, प्लॉट, वाहन और जमीनें मिलीं है।
- यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद हुई।
- टीम अब सभी संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई हुई। ईओडब्ल्यू जबलपुर की टीम गाडरवारा शहर पहुंची। जहां टीम ने नगर पालिका के रिटायर्ड सहायक निरीक्षक योगेंद्र ढिमोले के घर छापा मारा। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद की गई।
ढिमोले पहले लखनादौन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी यानी सीएमओ का प्रभार संभाल चुके हैं। बाद में उनका तबादला गाडरवारा हुआ था। अप्रैल 2026 में वे रिटायर्ड हो गए। लखनादौन में तैनाती के दौरान ही उनके खिलाफ शिकायत मिली थी।
विशेष कोर्ट से मिला वारंट
शिकायत की जांच के बाद EOW (Economic Offences Wing) ने विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट लिया। इसके बाद टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गाडरवारा में करीब 15 से 20 सदस्यीय EOW टीम सुबह एमपीईबी कॉलोनी स्थित योगेंद्र ढिमोले के घर पहुंची।
टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के साथ संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन शुरू किया। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर लोगों की भीड़ भी जुटी रही।
घर से मिली अपार संपत्ति
प्रारंभिक जांच में कई बड़ी संपत्तियां सामने आईं। गाडरवारा में दो प्लॉटों पर बने मकान मिले। इसके अलावा लखनादौन में भी एक मकान और एक खाली प्लॉट पाया गया।
जांच में दो कृषि भूमि का भी पता चला। बेटे के नाम पर एक दुकान भी दर्ज मिली। वाहनों में एक कार, एक थार और तीन मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। इसके अलावा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और मिक्सर मशीन भी मिली।
घर की तलाशी के दौरान नकदी और आभूषण भी मिले हैं। ईओडब्ल्यू टीम अब इनका मूल्यांकन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संपत्तियों की जांच पूरी होने के बाद ही असली आंकड़ा सामने आएगा।
अधिकारी ने क्या जानकारी दी
EOW के डीएसपी मनजीत सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ढिमोले के खिलाफ लखनादौन पोस्टिंग के दौरान शिकायत मिली थी। इसी आधार पर जांच शुरू की गई थी।
आगे क्या होगा
फिलहाल EOW की टीम सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट होगा कि वैध आय के मुकाबले कितनी अतिरिक्त संपत्ति मिली। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई (ईओडब्ल्यू टीम की कार्रवाई) तय होगी।

