समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश के गुना जिले में एक ही मकान से तीन दिन के भीतर तीन शव मिले।
- एक बेटे ने अपनी मां, उनके साथी और एक अन्य की गला रेतकर हत्या की।
- हत्या की वजह मां के अवैध संबंध और जमीन का विवाद बताई गई।
- शवों की पहचान को लेकर शुरुआत में भारी भ्रम हुआ, एक शव का गलत अंतिम संस्कार तक हो गया।
- पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
बदबू से मिला पहला सुराग
गुना के म्याना के हनुमान मंदिर के पास एक मकान से तेज बदबू आ रही थी। आस-पड़ोस के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस पहुंची तो मकान बाहर से बंद था।
पुलिस जब गेट तोड़कर अंदर गई तो एक कमरे में सड़ा हुआ शव पड़ा था। शव कई दिन पुराना था और मौत तीन से चार दिन पहले होने का अनुमान लगाया गया।
शुरुआत में उस शव की पहचान म्याना निवासी ओमप्रकाश शर्मा के रूप में हुई। परिजनों ने मान लिया और अंतिम संस्कार भी कर दिया।
दूसरे कमरे से निकले दो और शव
रविवार, 21 जून की घटना की जांच अभी चल ही रही थी कि, सोमवार, 22 जून की सुबह उसी परिसर के एक बंद कमरे से दो और शव मिले।
दोनों शव भी सड़ी-गली हालत में ही थे। जांच के बाद पोस्टमार्टम के लिए दोनों शव जिला अस्पताल भेजे गए।
जांच में सामने आया कि महिला का शव बदरवास निवासी विंदा बाई जाटव का है। पुरुष शव को कोलारस निवासी रामकिशन जाटव का बताया गया।
पहचान का भ्रम, गलत शव का अंतिम संस्कार
यहीं से मामला और उलझ गया। रामकिशन जाटव के बेटे ने सोमवार को मिले पुरुष शव की पहचान अपने पिता के रूप में मानने से इनकार कर दिया।
पुलिस ने दोबारा पहचान कराई। इस बार परिजनों ने पैरों और गले की चेन के आधार पर उस शव को ओमप्रकाश शर्मा का बताया।
तब सच सामने आया। रविवार को जिस शव को ओमप्रकाश शर्मा समझकर अंतिम संस्कार किया गया था, वह दरअसल रामकिशन जाटव का शव था। सोमवार को विंदा बाई के साथ मिला पुरुष शव असल में ओमप्रकाश शर्मा का निकला।
CCTV और FSL से टूटी गुत्थी
तीन शव मिलने के बाद गुना पुलिस ने कई टीमें बनाईं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। साइबर टीम सक्रिय की गई।
फोरेंसिक साइंस लैब की मदद ली गई। साथ ही घटनास्थल, मृतकों और संदिग्धों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
मां के संबंध और जमीन विवाद बनी वजह
गुना एसपी हितिका वासल ने सोमवार शाम तो इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विंदा बाई का बेटा सीताराम इस ट्रिपल मर्डर का मुख्य आरोपी है।
पुलिस के अनुसार, सीताराम को अपनी मां के ओमप्रकाश शर्मा के साथ कथित संबंधों पर आपत्ति थी। इसके अलावा जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उसने हत्या की साजिश रची।
18 जून को शराब पार्टी में हुई तीन हत्याएं
जानकारी के अनुसार 18 जून को विंदा बाई, ओमप्रकाश शर्मा और रामकिशन जाटव एक साथ मौजूद थे। शराब का दौर चल रहा था।
मौका देखकर सीताराम ने अपने मौसेरे भाई सुरेंद्र और एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों का गला दबा दिया।
हत्या के बाद तीनों आरोपी शवों को कमरों में छोड़कर फरार हो गए। कई दिनों तक कमरे बंद पड़े रहे। शव सड़ते रहे और बदबू बाहर तक फैली, तब जाकर पर्दाफाश हुआ।
पुलिस ने सीताराम और सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश अभी जारी है।
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