समझें क्या है पूरा मामला
- आज पूरी दुनिया में केवल 7500 भाषाएं ही बोली जाती हैं।
- प्राचीन काल में दुनिया भर में 75 हजार भाषाएं थीं।
- येल यूनिवर्सिटी की नई स्टडी में यह दावा किया गया है।
- बड़े साम्राज्यों के फैलने से पुरानी भाषाएं खत्म हो गईं।
- आज दुनिया की आधी भाषाएं लुप्त होने के कगार पर हैं।
भाषाओं का इतिहास
Ancient languages history: क्या आपने कभी सोचा है कि इंसान आपस में बात कैसे करने लगा? आज की यंग जनरेशन भले ही व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर चैट करती हो। हम अंग्रेजी, हिंदी या स्पैनिश में अपने विचार शेयर करते हैं। लेकिन अगर हम इतिहास के पन्ने पलटें तो चौंक जाएंगे। भाषा का इतिहास केवल अक्षरों का खेल नहीं है। यह इंसान के विकसित होने की सबसे बड़ी कहानी है।
हाल ही में येल यूनिवर्सिटी की एक खास रिसर्च सामने आई है। इस रिसर्च ने भाषा विज्ञान की पूरी दुनिया को हिला दिया है। वैज्ञानिकों ने पाया कि भूतकाल में बहुत भाषाएं बोली जाती थीं। आज की तुलना में तब दस गुना ज्यादा बोलियां थीं। लगभग 12 हजार साल पहले धरती पर भाषाओं का मेला था।
उस दौर में छोटे-छोटे कबीले और समूह रहते थे। हर समूह के पास अपनी एक अलग भाषा हुआ करती थी। लेकिन फिर दुनिया में बड़े-बड़े साम्राज्य बनने लगे। ताकतवर देशों ने अपनी संस्कृति और भाषा दूसरों पर थोप दी। इस वजह से हजारों बोलियां इतिहास के पन्नों में दब गईं। आइए जानते हैं भाषाओं के गायब होने की पूरी कहानी...
आज कितनी भाषाएं बोली जाती हैं
आज पूरी दुनिया में लगभग 7500 भाषाएं मौजूद हैं। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, मंदारिन और स्पैनिश काफी आगे हैं। ज्यादातर लोग इन्हीं मुख्य भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं।
यह संख्या इतिहास के मुकाबले बहुत ही कम है। प्राचीन काल में भाषाओं का दायरा बहुत बड़ा था। येल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने यह नया दावा किया।यह रिसर्च साइंस नाम के प्रसिद्ध जर्नल में छपी है।
12 हजार साल पुराना इतिहास क्या है
वैज्ञानिकों ने इसके लिए खास गणितीय मॉडल तैयार किया। उन्होंने मानवशास्त्र और जनसांख्यिकी के डेटा का इस्तेमाल किया। यह डेटा पिछले 12 हजार साल पुराना बताया गया है।
इसे वैज्ञानिक भाषा में होलोसीन युग कहा जाता है। तब हिमयुग खत्म हो रहा था और इंसान फैल रहा था। लोग छोटे समूहों में पूरी दुनिया में घूमते थे। वे शिकारी और भोजन तलाशने वाले कबीले हुआ करते थे।
प्राचीन समय में कितनी भाषाएं थीं
वैज्ञानिकों के मुताबिक, तब 45 सौ से 62 सौ कबीले थे। हर कबीले की अपनी एक बिल्कुल अलग बोली थी। दुनिया में 30 हजार से 75 हजार भाषाएं थीं। यह मानव इतिहास का स्वर्णिम भाषाई दौर कहलाता था।
हर भाषा के पास अपनी पुरानी यादें और ज्ञान था। लोग अपनी भाषा में ही अपनी संस्कृति बचाते थे। भाषाओं का वह विविधता भरा दौर अब खत्म हो चुका है।
लिखने की शुरुआत कहां से हुई थी
इंसान ने सबसे पहले लिखना मेसोपोटेमिया में सीखा। वहां सुमेरियन भाषा को पहली बार लिखा गया था। यह घटना चौथी शताब्दी ईसा पूर्व की मानी जाती है। इसे इतिहास में क्यूनीफॉर्म लिपि कहा जाता है।
इसके बाद मिस्र और चीन में लिखावट शुरू हुई। मध्य अमेरिका में भी अपनी लिपि तैयार की गई थी। लिखित भाषा ने इतिहास को सहेजने में मदद की।
भाषाएं इतिहास में कैसे खो गईं
जैसे-जैसे दुनिया में बड़े-बड़े साम्राज्य फैलने शुरू हुए। यूरोपीय देशों ने दुनिया भर में अपने उपनिवेश बनाए। ताकतवर राज्यों ने अपनी भाषा को सबसे आगे रखा।
इस वजह से स्थानीय बोलियों (Ancient Tradition) का इस्तेमाल बंद हो गया। लोगों को नई और बड़ी भाषाएं सीखनी पड़ीं। पुरानी बोलियां बोलने वाले लोग धीरे-धीरे कम हो गए। इस तरह हजारों भाषाएं हमेशा के लिए खत्म हो गईं।
आज क्यों मंडरा रहा है बड़ा खतरा
आज इस्तेमाल होने वाली आधी भाषाएं खतरे में हैं। इन्हें बोलने वाले बुजुर्ग लोग अब बहुत कम बचे हैं। दुनिया की 90 फीसदी आबादी 10 फीसदी भाषाएं बोलती है।
जब किसी भाषा को बोलने वाले खत्म होते हैं, भाषा (Foreign Language) मरती है। कई बार लोग दबाव में नई भाषा अपना लेते हैं। इससे उनकी पुरानी बोली हमेशा के लिए खो जाती है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर के लिए बड़ा नुकसान है।
वैज्ञानिकों की रिसर्च का निष्कर्ष
प्रोफेसर क्लेयर बोवेर्न ने इस रिसर्च को लीड किया। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल के रिकॉर्ड बहुत कम हैं। वैज्ञानिकों को पुराने डेटा के आधार पर काम करना पड़ा।
उन्होंने 171 शिकारी कबीलों (Language Education) का डेटा इस्तेमाल किया। इससे भाषाई मॉडल को आसानी से समझा जा सका। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, पूरी संस्कृति होती है। इसे बचाना हमारी भावी पीढ़ियों के लिए बहुत जरूरी है।
भाषाओं के इतिहास से जुड़ी रोचक बातें
प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) - लगभग एक लाख से 70 हजार साल पहले
भाषा का जन्म (Origin of Speech): होमियो सेपियंस (आधुनिक इंसानों) ने इशारों और बुनियादी आवाजों से हटकर पहली बार संकेतों और शब्दों के जरिए बात करना शुरू किया।
कबीलाई बोलियां: छोटे-छोटे शिकारी और संग्राहक समूहों ने अपनी-अपनी स्थानीय बोलियां विकसित कीं।
भाषा का स्वर्णिम दौर (Linguistic Golden Age) - लगभग 10 हजार से चार हजार ईसा पूर्व (BC)
कृषि क्रांति और कबीले: खेती की शुरुआत से इंसान एक जगह बसने लगा। दुनियाभर में लगभग 30 हजार से 75 हजार तक अलग-अलग भाषाएं और बोलियां अस्तित्व में आईं।
प्रोटो-इंडो-यूरोपियन (PIE): इस दौर में एक मुख्य 'मदर लैंग्वेज' विकसित हुई, जिससे आगे चलकर हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, लैटिन और ग्रीक जैसी कई भाषाएं निकलीं।
पहली लिखित भाषाओं का युग (First Written Languages) - 35 सौ से दो हजार ईसा पूर्व (BC)
क्यूनिफॉर्म लिपि (Cuneiform) - 3400 BC: मेसोपोटेमिया (आज का इराक) में सुमेरियन लोगों ने पहली बार मिट्टी की पट्टियों पर उकेरकर लिखना शुरू किया।
हिएरोग्लिफिक्स (Hieroglyphics): प्राचीन मिस्र (Egypt) में चित्र-लिपि की शुरुआत हुई।
वैदिक संस्कृत और सिंधु घाटी: भारतीय उपमहाद्वीप में वैदिक संस्कृत की मौखिक परंपरा मजबूत हुई और सिंधु घाटी सभ्यता की अपनी लिपि विकसित हुई।
शास्त्रीय और प्राचीन युग (Classical Era) - हजार ईसा पूर्व से 500 ईस्वी (AD)
महान शास्त्रीय भाषाएं: संस्कृत, ग्रीक (यूनानी), लैटिन, तमिल और हिब्रू जैसी भाषाएं अपने साहित्य और व्याकरण के चरम पर पहुंचीं।
धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथ: वेद, उपनिषद, बौद्ध ग्रंथ (पाली/प्राकृत) और ग्रीक दर्शन इन्हीं भाषाओं में लिखे गए।
मध्यकाल (Medieval Period) - 500 ईस्वी से 1500 ईस्वी (AD)
स्थानीय भाषाओं का उदय: लैटिन के बिखराव से फ्रेंच, स्पैनिश और इटैलियन भाषाएं बनीं। भारत में अपभ्रंश से हिंदी, मराठी, बंगाली जैसी आधुनिक भाषाएं विकसित हुईं।
प्रिंटिंग प्रेस का चमत्कार (1440 AD): गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किया। इसके बाद किताबों की छपाई शुरू हुई और भाषाओं का मानकीकरण (Standardization) हुआ।
औपनिवेशिक दौर और भाषाओं का अंत (Colonial Era) - 1600 से 1900 ईस्वी (AD)
साम्राज्यवाद का फैलाव: ब्रिटिश, स्पैनिश और फ्रेंच साम्राज्यों के विस्तार से अंग्रेजी, स्पैनिश और फ्रेंच वैश्विक भाषाएं बन गईं।
स्थानीय भाषाओं का नुकसान: बड़े साम्राज्यों के दबाव में अमेरिका, अफ्रीका और एशिया की हजारों स्थानीय और कबीलाई बोलियां हमेशा के लिए विलुप्त हो गईं।
आधुनिक और डिजिटल युग (Modern & Digital Era) - 20वीं सदी से आज तक
इंटरनेट और ग्लोबल लैंग्वेज: अंग्रेजी दुनिया की मुख्य संपर्क भाषा (Lingua Franca) बनी।
डिजिटल कोड और एआई (AI): भाषाओं का अनुवाद (Translation) अब सॉफ्टवेयर और एआई के ज़रिए रियल-टाइम में होने लगा है।
दुनिया में आज लगभग 75 सौ भाषाएं बची हैं, जिनमें से आधी विलुप्त होने की कगार पर हैं। आज दुनिया की 90% आबादी केवल 10% मुख्य भाषाएं बोलती है। भाषाई शिक्षा सुधार
Reference:
- साइंस जर्नल (Journal Science) में प्रकाशित येल यूनिवर्सिटी की रिसर्च रिपोर्ट
- प्रोफेसर क्लेयर बोवेर्न (भाषाविज्ञान एवं नृविज्ञान विभाग, येल यूनिवर्सिटी)
- रॉयटर्स (Reuters) अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी
FAQ
Q. आज पूरी दुनिया में लगभग कितनी भाषाएं बोली जाती हैं? A. आज दुनिया भर में लगभग 7,500 भाषाएं बोली जाती हैं। इनमें अंग्रेजी, मंदारिन चीनी, हिंदी, स्पैनिश, अरबी और फ्रेंच सबसे ज्यादा बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं। Q. इतिहास की सबसे पहली लिखित भाषा कौन सी मानी जाती है? A. इतिहास में सबसे पहली लिखित भाषा मेसोपोटेमिया की 'सुमेरियन' मानी जाती है, जिसे चौथी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान क्यूनीफॉर्म लिपि में लिखा गया था। Q. पुरानी भाषाएं इतिहास में कैसे गायब हो गईं? A. प्राचीन काल में बड़े साम्राज्यों के विस्तार और यूरोपीय उपनिवेशवाद के कारण मुख्यधारा की भाषाओं का प्रभाव बढ़ा, जिससे स्थानीय बोलियां बोलना बंद हो गईं और भाषाएं खत्म हो गईं।
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