समझें क्या है पूरा मामला
आईपीएस सुनील मेहता ने वीआरएस के लिए आवेदन दिया है।
वे फिलहाल इंदौर जोन 4 में डीसीपी पद पर हैं।
मुख्यालय से अभी वीआरएस आवेदन को मंजूरी नहीं मिली है।
मेहता ने व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों को वजह बताया है।
वर्ष 2023 में उन्हें इंडियन पुलिस मेडल मिला था।
इंदौर में पदस्थ आईपीएस सुनील मेहता अब नौकरी छोड़कर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Retirement) ले रहे हैं। उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन दे दिया है। मेहता राज्य पुलिस सेवा से चयनित हुए और साल 2016 बैच के प्रमोटी आईपीएस बने थे। मई 2026 में ही वह इंदौर जोन 4 डीसीपी पद पर पदस्थ हुए। इसके पहले ग्रामीण इंदौर में एसपी पद पर थे।
अब पारिवारिक जिम्मेदारी निभाना है
मेहता ने इस संबंध में द सूत्र से कहा कि अब पारिवारिक जिम्मेदारी निभाना है। व्यक्तिगत कारणों के चलते वीआरएस के लिए आवेदन किया है।
विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित
इससे पहले, सिवनी एसपी सुनील मेहता के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें वर्ष 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए इंडियन पुलिस मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
ऐसा रहा आईपीएस सुनील मेहता का सफर
आईपीएस सुनील मेहता 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी डीएसपी है। पीएससी से चयनित हुए। बाद में आईपीएस पर पदोन्नत हुए और 2016 बैच के आईपीएस बने।
इंदौर में पहले ट्रैफिक में एडिशनल एसपी रह चुके हैं। जून 2024 में सिवनी एसपी बने। बाद में इंदौर ग्रामीण एसपी बने और हाल ही में मई माह में इंदौर डीसीपी जोन 4 नियुक्त हुए थे।
पहले सिवनी में थे पदस्थ
सिवनी हवाला कांड के दौरान एसपी पद पर मेहता ही थे। अक्टूबर 2025 में मप्र के चर्चित हवाला कांड में नौ पुलिसकर्मियों पर एक्शन हुआ था। आरोप लगे थे कि इनके द्वारा कटनी के हवाला कारोबारी से एक करोड़ 45 लाख की लूट की गई।
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