News In Short
- सीबीआई ने इंदौर से सोनी इस्पात के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है।
- मामला बैंक लोन घोटाले से जुड़ा है।
- फर्जी दस्तावेजों से लोन लेने का आरोप है।
- एसबीआई ने इस मामले में शिकायत की थी।
- आरोपी पर पहले भी केस दर्ज हैं।
News In Detail
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर से सोनी इस्पात के डायरेक्टर राजीव लोचन को गिरफ्तार किया है। मामला करोड़ों रुपए के बैंक लोन घोटाले का है। इसमें कुछ साल पहले केस दर्ज हुआ था।
घर से की गई गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी जबलपुर यूनिट द्वारा की गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम दो दिन से इंदौर में डेरा जमाए हुए थी। जानकारी के अनुसार, इंदौर में न्यू पलासिया, मनोरमागंज स्थित उनके बंगले से टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने साल 2022 में उन पर केस दर्ज किया था।
12 करोड़ का लोन घोटाला
सीबीआई ने साल 2022 में बैंक द्वारा की गई शिकायत के आधार पर यह केस दर्ज किया था। मामला 12 करोड़ 87 लाख के बैंक लोन धोखाधड़ी का है। एसबीआई (SBI) ने इसकी शिकायत की थी।
आरोप है कि सोनी ने इंदौर में एसबीआई की आईएनटी (INT) ब्रांच से साल 2006 से 2011 के बीच कैश क्रेडिट लिमिट और लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाएं फर्जी दस्तावेजों से ली थीं। बाद में इस राशि का उपयोग अन्य कार्यों में किया गया।
दूसरे बैंक लोन घोटाले में भी आरोपी
यह कोई पहला मामला नहीं है। राजीव लोचन व अन्य के खिलाफ सीबीआई में 42 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में भी केस है। इसमें राजीव लोचन सोनी, जगदीश चंद्र, शरंग सोनी, विजय सोनी व अन्य पर बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक द्वारा आरोप लगाते हुए केस कराया गया था।
आरोप है कि मेटलमैन ग्रुप के सोनी इस्पात ने जुलाई 2010 से मार्च 2011 तक विभिन्न लोन सुविधाएं ली थीं। इसमें 24 करोड़ 70 लाख रुपए के 17 लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए गए और बिलों का भुगतान बैंक द्वारा किया गया था।
बाद में सामने आया कि सोनी इस्पात द्वारा प्राप्त बिल वास्तविक व्यापारिक लेन-देन के बिना दिखावटी थे। एफआईआर (FIR) में कहा गया है कि कई मौकों पर सोनी इस्पात के कैश क्रेडिट और चालू खाते से धनराशि का अन्य उपयोग किया गया था।
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