समझें क्या है पूरा मामला
- पति की हत्या कर सूटकेस में छिपाई लाश, पत्नी को उम्रकैद
- सूटकेस में मिला पति का शव, पत्नी को कोर्ट ने दी सजा
- हत्या के बाद मुंबई भाग रही थी पत्नी, रास्ते में पकड़ी गई
- जशपुर हत्याकांड में पत्नी दोषी, कोर्ट ने सुनाया उम्रकैद फैसला
- विवाद के बाद पति की हत्या, सबूत मिटाने पर भी सजा
Jashpur : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पति की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी पत्नी मंगरीता बाई को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही कोर्ट ने उस पर जुर्माना भी लगाया है। यह मामला दुलदुला थाना क्षेत्र के भिंजपुर गांव का है और काफी समय से चर्चा में था।
विवाद के बाद पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम
जानकारी के अनुसार भिंजपुर गांव निवासी संतोष भगत और उसकी पत्नी मंगरीता बाई के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। दोनों के रिश्तों में तनाव इतना बढ़ गया था कि मंगरीता कुछ समय के लिए रोजगार की तलाश में मुंबई चली गई थी।
कुछ समय बाद वह वापस अपने गांव लौटी। इसी दौरान 7 नवंबर 2025 की रात पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद की वजह महिला के एक रिश्तेदार के साथ कथित संबंधों को लेकर बताई गई थी।
विवाद बढ़ने पर मंगरीता बाई ने घर में रखे मसाला पीसने वाले पत्थर से पति संतोष भगत के सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने और ज्यादा खून बहने से संतोष की मौके पर ही मौत हो गई।
शव को सूटकेस में छिपाने की कोशिश
पति की मौत के बाद महिला ने घटना को छिपाने की कोशिश की। उसने संतोष भगत के शव को एक ट्रॉली सूटकेस में रखा और घर के अंदर छिपा दिया। इसके बाद उसने घर में फैले खून के निशान भी साफ किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला शव को कहीं दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना बना रही थी। हालांकि शव भारी होने के कारण वह ऐसा नहीं कर सकी। इसके बाद उसने घर को बाहर से बंद किया और मुंबई जाने के इरादे से रायगढ़ की ओर निकल गई।
परिजनों की सूचना पर खुला पूरा मामला
जब संतोष भगत काफी समय तक घर से बाहर नहीं निकले तो परिजनों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस की मौजूदगी में घर का दरवाजा खोला गया। घर के अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। जांच के दौरान सूटकेस में संतोष भगत का शव मिला। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
रास्ते में पुलिस ने पत्नी को किया गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी महिला की तलाश शुरू कर दी। जशपुर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए मुंबई की ओर जा रही मंगरीता बाई को रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई साक्ष्य और गवाह पेश किए।
कोर्ट ने नहीं दिखाई नरमी
कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश बलराम देवांगन की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंगरीता बाई को हत्या का दोषी माना।
कोर्ट ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और 1000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य मिटाने के अपराध में बीएनएस की धारा 238 के तहत 3 साल का सश्रम कारावास और 500 रुपए जुर्माना लगाया गया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के गंभीर और जघन्य अपराधों में किसी तरह की नरमी समाज और न्याय दोनों के हित में उचित नहीं है।
FAQ
Q. पति की हत्या का मामला कहां का है? A. यह मामला छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के दुलदुला थाना क्षेत्र के भिंजपुर गांव का है। यहां पत्नी पर पति की हत्या का आरोप लगा था। Q. पत्नी ने पति की हत्या कैसे की थी? A. पुलिस जांच के अनुसार विवाद के दौरान पत्नी ने मसाला पीसने वाले पत्थर से पति के सिर पर हमला किया था। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई थी। Q. कोर्ट ने आरोपी पत्नी को क्या सजा सुनाई है? A. कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में पत्नी मंगरीता बाई को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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