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कागजों पर शिफ्टिंग, सड़कों पर वही पुराना हाल, राजधानी का ट्रैफिक सबसे बड़ी चुनौती

कागजों पर शिफ्टिंग, सड़कों पर वही पुराना हाल, राजधानी का ट्रैफिक सबसे बड़ी चुनौती

NEWS IN SHORT

  • 16 बाजारों को शहर से बाहर शिफ्ट किया गया।
  • ट्रांसपोर्टिंग गंज मंडी से ही हो रही है।
  • तेलघानी नाका और स्टेशन रोड पर जाम की समस्या।
  • ट्रांसपोर्टरों ने 50 एकड़ जमीन की मांग की।
  • पुलिस ने नो-एंट्री का समय बढ़ाया, लेकिन समस्या जस की तस।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ट्रैफिक सुधारने के लिए 16 प्रमुख बाजारों को शहर के बाहर शिफ्ट किया गया था। इसके बावजूद जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। इसके पीछे कारण यह है कि बाजारों का माल अब भी शहर के भीतर गंज मंडी से ट्रांसपोर्ट किया जा रहा है। जिससे तेलघानी नाका, स्टेशन रोड और गंज मंडी क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम लगता है। इस कारण रोजाना सुबह और शाम के समय दो से तीन घंटे का जाम लगना एक आम बात बन चुकी है।

ट्रैफिक का दबाव कम नहीं

विभिन्न प्रयासों के बावजूद ट्रैफिक का दबाव कम नहीं हो सका है। एक महीने तक ट्रैफिक पुलिस ने सर्वे किया। जिसमें पता चला कि तेलघानी नाका रोड से हर घंटे 5 हजार वाहन गुजरते हैं। जिनमें 1 हजार 200 मालवाहक वाहन शामिल हैं। इस मार्ग से रोजाना औसतन 60 हज़ार से अधिक वाहन गुजरते हैं, और क्योंकि यह रेलवे स्टेशन का मुख्य रास्ता भी है। यहां ट्रैफिक दबाव और बढ़ जाता है।

गंज मंडी में ट्रांसपोर्टिंग समस्या बनी रही

गंज मंडी क्षेत्र में 270 से अधिक ट्रांसपोर्टरों के गैरेज हैं, जो पिछले 35 साल से संचालित हो रहे हैं। पहले गुढियारी थोक बाजार समेत कई अन्य बाजारों का माल भी यहीं लाया जाता था। अब कपड़ा बाजार, एमजी रोड, गोलबाजार रायपुर और शास्त्री बाजार रायपुर का माल भी यहीं से आता-जाता है। इन बाजारों को डूमरतराई और लालपुर-देवपुरी में शिफ्ट किया गया था, लेकिन ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था अब भी गंज मंडी से ही हो रही है।

गंज मंडी में 50 एकड़ जमीन की मांग

ट्रांसपोर्टर पिछले कई वर्षों से गंज मंडी में 50 एकड़ जमीन की मांग कर रहे हैं, ताकि शहर से बाहर लोडिंग और अनलोडिंग की व्यवस्था स्थापित की जा सके। वर्तमान में गंज मंडी 26 एकड़ में फैली हुई है, और ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर हर दिन समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

पुलिस विभाग ने शाम के समय मालवाहनों के लिए दो घंटे की नो-एंट्री लागू की है। इस समस्या का स्थायी समाधान तब तक मुश्किल है, जब तक ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था शहर से बाहर नहीं जाती। महापौर मीनल चौबे और चेंबर के अध्यक्ष सतीश थोरानी सहित ट्रांसपोर्टर्स इस समस्या का समाधान निकालने के लिए शासन से जमीन की मांग कर रहे हैं।

निष्कर्ष

शहर के ट्रैफिक की समस्या का समाधान बाजारों की शिफ्टिंग से नहीं हो पा रहा है क्योंकि माल की ट्रांसपोर्टिंग अभी भी गंज मंडी से हो रही है। ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था को बाहर शिफ्ट किए बिना, जाम की समस्या बनी रहेगी।

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