समझें क्या है पूरा मामला
Raipur : छत्तीसगढ़ में नकटी पर सियासी घमासान और तेज हो गया है। कांग्रेस की कमेटी ने नकटी मामले की जांच रिपोर्ट जारी की है। यह जांच कांग्रेस के नेताओं ने नकटी जाकर की है।
इस जांच रिपोर्ट में कुछ अहम बिंदु बताए गए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजेपी झूठ बोल रही है
कि अतिक्रमण हटाया गया है बल्कि सच ये है कि नकटी में विधायकों के आवास के लिए ही बुलडोजर चलाया गया है। कांग्रेस के समय में यह प्रस्ताव आया था जिसे खारिज कर दिया गया था। कांग्रेस ने इसे सरकार का आपराधिक कार्य बताया है। कांग्रेस इस मामले में कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।
यह है जांच रिपोर्ट
कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने कहा कि सरकार ने वहां पर 85 मकानो को तोड़ा है जिनमें 25 से अधिक प्रधानमंत्री आवास शामिल थे। मानवीय आधार पर बारिश के समय 10 जून के बाद विस्थापन की कार्यवाही नहीं की जाती है। नकटी गांव में तोड़-फोड़ की कार्यवाही 29 जून को की गयी जो पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी प्रक्रिया है। इस कार्यवाही में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए।
सरकार कानूनी कार्यवाही नहीं करेगी तो हम इस मामले को लेकर कोर्ट भी जाएंगे। सरकार ने नकटी में खसरा न. 460 में तोड़ फोड़ की। आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद के पत्र के अनुसार वहां पर खसरा नं. 460 के अलावा 465, 524, 698, 700, 701 सहित कुल 29.172 हेक्टयर अर्थात लगभग 72 एकड़ जमीन को खाली कराएंगे। इसका मतलब अभी खतरा पूरे गांव पर है।
विधायकों के आवास की योजना
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंहदेव और मंत्री केदार कश्यप कहते है कि वहां पर विधायकों के लिये मकान बनाने का कोई योजना नहीं है। अक्टूबर 2024 में आवास एवं पर्यावरण सचिव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर षष्ठम विधानसभा के जनप्रतिनिधियों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए नकटी में अतिक्रमण भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये कहा था।
इस पत्र में आयुक्त, गृह निर्माण मंडल के पत्र क्र. 58 दिनांक 25.09.2024 का हवाला भी दिया है। यह पत्र बताता है कि बीजेपी नेता जो हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन है, उन्होंने अपनी सरकार की गलती छुपाने झूठ बोला है। विधानसभा में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा जब बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह के सवाल का जवाब दे रहे थे
उस समय उनको बताते हुये आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि नकटी गांव में विधायकों के लिये आवास के लिए जगह चिन्हांकित की है। कांग्रेस के शासनकाल में नकटी में विधायकों के आवास बनाने की कोई योजना नहीं बनी और न ही किसी को विस्थापन करने का कोई नोटिस दिया गया। हम केदार कश्यप को चुनौती देते है कि वे एक भी नोटिस एक भी शासकीय आदेश दिखा दें।
1 कमरे घर में 20 लोगों का विस्थापन
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में लोगों पर अत्याचार करके आम आदमी के मकानों को तोड़ कर अराजकता सरकार फैला रही और गरीबों की आवाज उठाने पर कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का बेशर्मीपूर्वक आरोप पर लगा रही है। भाजपाई मंत्री कांग्रेस पर आरोप लगाकर अपने सरकार के अपराध को छुपा नहीं सकते।
सरकार ने बिना व्यवस्थापन कार्य को पूरा किये वहां पर रह रहे लोगो को समान हटाने का अवसर दिये बिना तोड़-फोड़ किया। उनके घरों में बुलडोजर चलवाया जहां पर व्यवस्थापन किया गया वह भी वर्तमान निवास से बहुत दूर है। 1 कमरे के घर में 20 से 25 सदस्यीय परिवार को व्यवस्थापन दिया गया है। उनका गुजारा कैसे होगा, वहां पर बिजली, पानी जैसी मूलभूत जरूरतें भी नहीं है।
IMP FACTS
कांग्रेस ने नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर जांच रिपोर्ट जारी की।
कांग्रेस का आरोप: अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों के घर तोड़े गए।
कांग्रेस के मुताबिक, 85 मकान तोड़े गए, जिनमें 25 से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास शामिल थे।
कार्रवाई 29 जून को की गई, जिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाए।
कांग्रेस का दावा: नकटी में विधायकों के आवास के लिए जमीन खाली कराई जा रही है।
रिपोर्ट में खसरा नंबर 460 समेत 465, 524, 698, 700 और 701 का जिक्र किया गया।
कांग्रेस के अनुसार कुल करीब 29.172 हेक्टेयर (लगभग 72 एकड़) जमीन खाली कराने की योजना है।
कांग्रेस ने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पार्टी ने कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो मामला कोर्ट में ले जाएंगे।
सरकार और बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया है।
FAQ
Q. नकटी गांव में विवाद किस बात को लेकर है? A. नकटी गांव में घरों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों के मकान तोड़े गए। Q. कांग्रेस की जांच रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है? A. कांग्रेस का दावा है कि कार्रवाई में 85 मकान तोड़े गए, जिनमें 25 से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास शामिल थे। पार्टी ने इसे गलत प्रक्रिया बताते हुए सवाल उठाए हैं। Q. कांग्रेस ने आगे क्या कदम उठाने की बात कही है? A. कांग्रेस ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो वह इस मामले को कोर्ट में ले जाएगी।
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