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कौन हैं आईएएस राधा चौहान, जो खोलेंगी सीबीएसई मार्किंग स्कैम की पोल, PM को देंगी पल- पल की खबर

कौन हैं आईएएस राधा चौहान, जो खोलेंगी सीबीएसई मार्किंग स्कैम की पोल, PM को देंगी पल- पल की खबर

समझें क्या है पूरा मामला

  • सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
  • नंबरों में भारी गड़बड़ी के बाद सरकार ने चेयरमैन और सचिव को हटा दिया।
  • इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
  • रिटायर आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया।
  • राधा चौहान वर्तमान में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।

सीबीएसई मामले की होगी जांच

सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल को लेकर इन दिनों हर तरफ काफी चर्चा है। छात्रों और पैरेंट्स ने इस नए इवैल्यूएशन सिस्टम पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार तुरंत फुल एक्शन मोड में आ गई।

सरकार ने बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को हटा दिया। अब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की गहराई से जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

अब इस जांच की कमान रिटायर आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान को दी गई है। राधा चौहान शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का बहुत लंबा अनुभव रखती हैं। वह पूरी निष्पक्षता के साथ इस सिस्टम की कमियां ढूंढेंगी। आइए आईएएस एस राधा चौहान के बारें में जानें...

यूपी कैडर की अधिकारी रही हैं राधा चौहान

एस राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वे एडमिनिस्ट्रेटिव सर्कल्स में अपने सख्त और पारदर्शी काम के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान लॉ की डिग्री भी हासिल की थी। वे पिछले साल 30 जून 2025 को सरकारी सेवा से रिटायर हुई थीं।

रिटायरमेंट के समय वे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training) में सेक्रेटरी के पद पर थीं। उनके बेहतरीन काम को देखते हुए सरकार ने उन्हें नई जिम्मेदारी दी।

रिटायरमेंट के ठीक बाद उन्हें कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का चेयरमैन बनाया गया था। इस अहम पद पर रहते हुए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिपोर्ट करती हैं। अब उनके पास सीबीएसई की जांच का अतिरिक्त जिम्मा है।

नोएडा से रहा है राधा का खास रिश्ता

राधा चौहान ने अपने लंबे करियर में कई जरूरी पदों पर काम किया है। उत्तर प्रदेश के कई बड़े और हाई-प्रोफाइल शहरों में उनकी तैनाती रही है। वे गाजियाबाद शहर की कमिश्नर के रूप में काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वे नोएडा अथॉरिटी की चीफ एग्जीक्यूटिव अधिकारी यानी CEO भी रहीं।

ग्रेटर नोएडा में उन्होंने डिप्टी सीईओ के पद पर अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने बुलंदशहर, पीलीभीत, आगरा और मेरठ में भी काम किया है। इन सभी जिलों में वे एडिशनल कमिश्नर और डीएम के पद पर रहीं। इन अहम पदों पर काम करने की वजह से उनका एडमिनिस्ट्रेटिव नेटवर्क बहुत मजबूत है। उन्हें हर विभाग के कामकाज की बहुत गहरी समझ है।

शिक्षा मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर भी संभाल चुकी हैं कमान

आईएएस राधा चौहान के पास केवल फील्ड का ही नहीं बल्कि मंत्रालयों का अनुभव है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में काम किया। इसके साथ ही उन्होंने कौशल विकास के क्षेत्र में भी बड़े सुधार किए। साल 2011 से 2015 तक वे ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट मिनिस्ट्री में तैनात थीं।

वहां उन्होंने स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी का पद संभाला। इस दौरान उन्होंने भारतीय स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बहुत करीब से देखा। वे नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन यानी NeGD की चेयरपर्सन और सीईओ भी रहीं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस पर काफी काम किया था। उनके इसी डिजिटल अनुभव का फायदा अब सीबीएसई जांच में मिलेगा।

जानें क्या है पूरा मामला

Big decision of CBSE:यह पूरा मामला सीबीएसई 12वीं के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) और इवैल्यूएशन (कॉपी चेकिंग) में हुई बड़ी लापरवाही से जुड़ा है। डिजिटल चेकिंग के दौरान सॉफ्टवेयर और कोडिंग की गड़बड़ी के कारण हजारों छात्रों को उम्मीद से बहुत कम मार्क्स मिले।

जब स्टूडेंट्स ने Re-evaluation (पुनर्मूल्यांकन) के लिए अप्लाई किया, तो सीबीएसई का पोर्टल और री-चेकिंग सिस्टम भी क्रैश और फेल हो गया। इस मिसमैनेजमेंट और स्टूडेंट्स की परेशानी को देखते हुए पीएमओ (PMO) ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया।

सीबीएसई के तत्कालीन चेयरमैन राहुल सिंह और सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता को तुरंत पद से हटा दिया गया है। अब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सरकार ने सीनियर आईएएस अधिकारी एस. राधा चौहान की अगुवाई में एक हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई है।

एक महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट

बता दें कि, सीबीएसई 12वीं कक्षा का रिजल्ट के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के इस विवाद के बाद सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। एस राधा चौहान की अध्यक्षता वाली इस कमेटी को बहुत अधिकार दिए गए हैं। वे जांच के लिए किसी भी दूसरे सरकारी विभाग के अधिकारी की मदद ले सकती हैं।

एस राधा चौहान को कोई भी नया एक्सपर्ट अपनी टीम में शामिल करने की छूट है। कैबिनेट सचिवालय ने आदेश जारी कर जांच के लिए समय सीमा तय कर दी है। राधा चौहान को ठीक एक महीने के भीतर अपनी डिटेल रिपोर्ट सौंपनी होगी। ये रिपोर्ट सीधे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training) के पास जमा की जाएगी।

FAQ
Q. रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान कौन हैं? A. एस राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की एक बेहद वरिष्ठ और प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वे एक लॉ ग्रेजुएट हैं और प्रशासनिक सुधारों में माहिर मानी जाती हैं। अपने शानदार करियर के दौरान वह केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव और उत्तर प्रदेश के नोएडा अथॉरिटी की सीईओ जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुकी हैं। Q. एस राधा चौहान को CBSE के किस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है? A. सीबीएसई (CBSE) की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) और उसके बाद के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल में बड़े पैमाने पर तकनीकी और प्रशासनिक कमियों की शिकायतें सामने आई थीं। तो अब इस पूरे ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर और मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच के लिए एस राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। Q. सीबीएसई मामले की जांच के लिए गठित समिति के पास क्या अधिकार हैं? A. कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, एस राधा चौहान की अध्यक्षता वाली इस जांच समिति को व्यापक प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। जांच को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए राधा चौहान अपनी पसंद के किसी भी सरकारी अधिकारी या तकनीकी विशेषज्ञ को अपनी समिति में शामिल कर सकती हैं।

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