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कवासी लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, हाईकोर्ट ने सुनाया ये फैसला

कवासी लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, हाईकोर्ट ने सुनाया ये फैसला

द सूत्र 9 months ago

CG liquor scam:छत्तीसगढ़ में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। शुक्रवार को जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

अदालत में क्या हुआ?

लखमा की ओर से एडवोकेट हर्षवर्धन परगनिहा ने तर्क दिया कि यह केस 2024 में दर्ज हुआ था, लेकिन गिरफ्तारी डेढ़ साल बाद की गई, जो अनुचित है। साथ ही यह भी कहा गया कि लखमा को केवल बयानों के आधार पर फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।

घोटाले में लखमा की भूमिका

जांच एजेंसियों के अनुसार, कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों ने यह घोटाला किया। आरोप है कि 64 करोड़ रूपए की रकम लखमा और उनके परिजनों के हितों में खर्च की गई। इस मामले में अब तक चार चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और 13 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

गिरफ्तारी और जेल

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। उससे पहले उनसे पूछताछ के लिए दो बार बुलाया गया और 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भी रखा गया। 21 जनवरी से वे न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद हैं। पिछली पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी।

ये खबर भी पढ़ें... जेल में बंद कवासी लखमा और चैतन्य से मिले देवेंद्र यादव, बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप

कवासी लखमा जमानत याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला

  1. सुनवाई पूरी – छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है।
  2. फैसला सुरक्षित – जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

  3. लखमा की दलीलें – बचाव पक्ष ने कोर्ट में कहा कि गिरफ्तारी डेढ़ साल बाद हुई और केवल गवाहों के बयानों के आधार पर उन्हें फंसाया गया है।

  4. ईडी और EOW की कार्रवाई – इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) दोनों ने लखमा को आरोपी बनाया और चार्जशीट दाखिल की है।

  5. 21 जनवरी से जेल में – कवासी लखमा को इसी साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

शराब घोटाले की शुरुआत 2022 में आयकर विभाग की याचिका से हुई थी, जिसमें छत्तीसगढ़ में रिश्वत और अवैध वसूली के नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके आधार पर ईडी ने नवंबर 2022 में PMLA एक्ट के तहत केस दर्ज किया। जांच में पाया गया कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन के बाद, 2019 से अनवर ढेबर और अन्य अधिकारियों ने मिलकर अवैध सिंडिकेट चलाया और 3200 करोड़ रूपए का घोटाला किया।Kawasi Lakhma

ईडी ने 30 जून को पेश अपनी चार्जशीट में लखमा सहित 21 आरोपियों को आरोपी बनाया। इसमें अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, कई कारोबारी और शराब कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। अब हाईकोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि कवासी लखमा को जमानत मिलती है या उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा।

FAQ
Q. कवासी लखमा कौन हैं और उन पर क्या आरोप है? A. कवासी लखमा छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री हैं। उन पर करोड़ों के शराब घोटाले में शामिल होने का आरोप है। Q. छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में और कौन-कौन आरोपी हैं? A. इस घोटाले में अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया सहित कई अधिकारी, ठेकेदार और कारोबारी आरोपी बनाए गए हैं। Q. कवासी लखमा कब से जेल में हैं? A. कवासी लखमा को जनवरी 2025 में ईडी ने गिरफ्तार किया था और वह 21 जनवरी से जेल में हैं।

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