समझें क्या है पूरा मामला
- बुरहानपुर के 8115 किसानों को मुआवजा राशि मिली।
- सीएम मोहन यादव ने 107.72 करोड़ रुपए भेजे।
- मई-जून की आंधी से केला फसल खराब हुई।
- किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए राशि मिली।
- बलराम कृषि महोत्सव में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
एक क्लिक से बड़ी राहत
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में गुरुवार को किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 8115 किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की। कुल मुआवजा राशि 107 करोड़ 72 लाख रुपए रही।
यह पैसा प्राकृतिक आपदा से खराब हुई केला फसल के नुकसान की भरपाई के लिए दिया गया। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए राशि जारी की।
कैसे तबाह हुई केला फसल
जिले में 29 मई, 30 मई और 1 जून की सुबह तेज आंधी चली थी। इस आंधी ने बड़े पैमाने पर केला फसल को नुकसान पहुंचाया। कुल 8963 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी।
बुरहानपुर का केला देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। इसलिए यह नुकसान किसानों के लिए बड़ा झटका था। सरकार ने जल्द सर्वे कराकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद
यह आयोजन बलराम कृषि महोत्सव के तहत बुरहानपुर में हुआ। इसमें खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील मौजूद रहे। साथ ही बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस और नेपानगर विधायक मंजू दादू भी शामिल हुईं।
कलेक्टर आईएएस हर्ष सिंह और एसपी आशुतोष बागरी सहित कई अधिकारी भी वहां रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने और महापौर माधुरी पटेल ने भी शिरकत की।
सांसद और विधायकों ने क्या कहा
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि किसानों को राहत दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के मुद्दे आगे भी उठाए जाते रहेंगे।
विधायक अर्चना चिटनिस ने सर्वे प्रक्रिया की पारदर्शिता को सराहा। उन्होंने बताया कि इस बार मुआवजा सिर्फ खेती करने वाले किसानों को ही मिला। किराए पर या बंटाई पर खेती करने वालों को भी पंचनामे के आधार पर पैसा दिया गया।
विधायक मंजू दादू ने कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके अनुसार यह राशि नए कृषि सीजन की तैयारी में मददगार साबित होगी।
महोत्सव में किसानों को मिली नई जानकारी
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें गुणवत्तायुक्त बीज और जैविक खेती के तरीके शामिल थे।
आगे क्या है उम्मीद
इस मुआवजे से बुरहानपुर के किसानों को नई फसल की तैयारी में राहत मिलेगी। सरकार का दावा है कि आगे भी ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। किसान संगठन इस कदम को सकारात्मक बता रहे हैं।
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