समझें क्या है पूरा मामला
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कॉलेजों के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया है।
यह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है।
सिलेबस में अब यह विषय शामिल होगा।
स्वयं पोर्टल पर दो मुफ्त कोर्स भी शुरू किए गए हैं।
क्यों जरूरी हुआ यह कदम
यूजीसी ने बताया कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय से एक कम्युनिकेशन मिला था। इसमें अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का पालन करने को कहा गया। साथ ही 25 मई को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया।
इस आदेश में कहा गया था कि शिक्षा के पाठ्यक्रम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को सही तरीके से शामिल किया जाए। इसका मकसद छात्रों में पढ़ाई के जरिए जागरूकता बढ़ाना है।
सिलेबस में क्या-क्या जुड़ेगा
आयोग ने अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए नया फ्रेमवर्क बनाया है। इसमें एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी को भी जोड़ा गया है। यह फ्रेमवर्क चार यूनिट में बंटा है। यूनिट 3, 5, 7 और 9 के तहत अलग-अलग टॉपिक रखे गए हैं।
इनमें पर्यावरण से जुड़े पारिवारिक मुद्दे शामिल हैं। पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य पर भी एक टॉपिक है। पर्यावरण प्रबंधन से जुड़ी केस स्टडी और फील्ड वर्क को भी जगह दी गई है। सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को यह फ्रेमवर्क अपनाने का निर्देश दिया गया है।
स्वयं पोर्टल पर मुफ्त कोर्स शुरू
यूजीसी ने जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वयं (SWAYAM) पोर्टल पर दो नए कोर्स शुरू किए हैं। पहला कोर्स सॉलिड एंड हैजार्डस वेस्ट मैनेजमेंट के नाम से है। यह सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब द्वारा दिया जा रहा है। इसमें कुल चार मॉड्यूल शामिल हैं।
दूसरा कोर्स मिशन लाइफ के नाम से है। इसका पूरा नाम लाइफस्टाइल फॉर एनवायरमेंट है। यह कोर्स इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट भोपाल दे रहा है। दोनों कोर्स पूरी तरह मुफ्त हैं। रजिस्ट्रेशन या पढ़ाई के लिए कोई फीस नहीं लगेगी।
कब तक कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
दोनों कोर्स 21 अगस्त से शुरू होंगे। यह 30 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेंगे। रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। इच्छुक छात्र और शिक्षक स्वयं की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
संस्थानों को दिए गए निर्देश
यूजीसी ने संस्थानों से कहा है कि वे जहां लागू हो वहां खुद को बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में रजिस्टर कराएं। यह रजिस्ट्रेशन सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पोर्टल पर करना होगा। संस्थानों को नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
आयोग ने स्वयं MOOC कोर्स में ज्यादा से ज्यादा एनरोलमेंट बढ़ाने की सलाह भी दी है। इसके अलावा जागरूकता के लिए सेमिनार, वर्कशॉप और एक्सपर्ट लेक्चर आयोजित करने को कहा गया है। कैंपेन, प्रतियोगिता और सफाई ड्राइव जैसी गतिविधियां भी सुझाई गई हैं।
रिसर्च को भी मिलेगा बढ़ावा
यूजीसी ने संस्थानों से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी पर रिसर्च बढ़ाने को भी कहा है। इनोवेशन और एक्सपेरिमेंटल लर्निंग को प्रोत्साहित करने का निर्देश भी दिया गया है। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा।
UGC-NET पेपर लीक दावा: छात्र नेताओं ने खोली पोल, राहुल बोले-सो रही है सरकार
UGC Dual Degree Rules: क्या एक साथ दो रेगुलर डिग्री करना संभव है, जानें इसके नियम
बिना कोचिंग के क्रैक करें UGC NET JRF, ये तरीके बदल देंगे आपकी तैयारी
बच्चों को प्यार दें, उनके सवालों के जवाब दें, NEET प्रदर्शन के बीच मोहन भागवत

