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लाड़ली बहना को 1500 की जगह 3000, इस मैसेज पर भूलकर भी न करें भरोसा, नहीं तो...

लाड़ली बहना को 1500 की जगह 3000, इस मैसेज पर भूलकर भी न करें भरोसा, नहीं तो...

द सूत्र 2 months ago

नए फार्म का झांसा

मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई अफवाह तेजी से फैल रही है। इसमें कहा जा रहा है कि योजना में नए फार्म भरे जा रहे हैं।

ठगों ने इसके लिए एक बहुत ही शातिर तरीका अपनाया है।

वे ग्वालियर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को वाट्सएप पर पुराने फार्म भेज रहे हैं। बता दें कि ये फार्म तीन साल पहले, यानी 2023 में भरे गए थे।

इन फार्म पर महिला का फोटो, नाम और मोबाइल नंबर तक दर्ज है। यह देखकर महिलाएं आसानी से भरोसा कर लेती हैं। फार्म असली लगते हैं इसलिए झांसे में आना आसान हो जाता है।

क्यूआर कोड से मांगे रुपए

जानकारी के अनुसार फार्म के साथ ठग एक क्यूआर कोड भी भेज रहे हैं। इस कोड पर 1350 रुपए भेजने को कहा जाता है। दावा किया जाता है कि रुपए भेजते ही योजना की किस्त शुरू हो जाएगी।

कुछ ठग तो किस्त की राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपए तक करने का लालच भी दे रहे हैं। यह सुनकर कई महिलाएं जल्दबाजी में स्कैनर पर रुपए भेज चुकी हैं। जांच में सामने आया कि यह पुराना डेटा ठगों तक कैसे पहुंचा, इसकी पड़ताल जारी है।

पुलिस वर्दी में ठगी

भिंड जिले के अमायन गांव की रहने वाली पूनम ने अपना अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि 2023 में उन्होंने अमायन में लाड़ली बहना योजना का फार्म भरा था। यह फार्म उन्हें भी याद नहीं था।

पूनम ने बताया कि पिछले हफ्ते यही पुराना फार्म उनके मोबाइल पर भेजा गया था। जिस वाट्सएप नंबर से यह भेजा गया, उस पर पुलिस वर्दी पहने एक युवक की फोटो लगी थी। इससे पूनम को भरोसा हो गया कि मामला असली है।

पूनम ने कहा कि उस व्यक्ति ने क्यूआर कोड पर 1350 रुपए भेजने को कहा। बदले में फार्म को योजना में शामिल कर किस्त शुरू करने का वादा किया गया। पूनम ने रिश्तेदारों से बात की तब जाकर पता चला कि ऐसी कोई नई योजना चल ही नहीं रही है।

31 अगस्त तक शिविर का दावा

ठगों ने एक और फर्जी प्रचार शुरू किया है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं कि लाड़ली बहना योजना का तीसरा चरण शुरू हो गया है। दावा है कि जिला और तहसील स्तर पर 31 अगस्त तक शिविर लगेंगे।

इन विज्ञापनों में महिलाओं से कहा जा रहा है कि वे पंचायत या शिविर में जाकर आवेदन करें। यह पूरा प्रचार भ्रामक है और प्रशासन ने इसे साफ तौर पर खारिज किया है।

महिलाएं शिकायत करने से बच रहीं

ग्वालियर में तो कई महिलाएं ठगी का शिकार होकर क्यूआर कोड से रुपए भेज चुकी हैं। इसके बावजूद अधिकांश महिलाएं इस बारे में प्रशासन को शिकायत नहीं कर रही हैं। इससे आशंका है कि प्रदेशभर में ऐसे और मामले भी हो सकते हैं।

बता दें कि अकेले ग्वालियर जिले में ही लाड़ली बहना योजना से तीन लाख 10 हजार से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इतनी बड़ी संख्या के चलते ठगों के लिए निशाना बनाना आसान हो जाता है।

ग्वालियर कलेक्टर ने बताई सच्चाई

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि लाड़ली बहना योजना के तहत फिलहाल कोई नया पंजीयन नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर चल रहा प्रचार पूरी तरह गलत बताया गया है।

अगर भविष्य में पंजीयन शुरू होता है, तो इसकी जानकारी सरकारी पोर्टल और आधिकारिक माध्यमों से ही दी जाएगी।

एक्सपर्ट की राय

साइबर सेल क्राइम ब्रांच के धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार, पुराना फार्म भेजकर नया पंजीयन कराने या कोई शुल्क लेने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले सरकारी पोर्टल से पुष्टि जरूर करें।

विभाग ने जारी की एडवाइजरी

वहीं जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि ये खबर पूरी तरह फर्जी है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी एडवाइजरी जारी करके बताया है कि अभी लाड़ली बहना योजना में नए आवेदन या नए रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं हुए हैं।

सोशल मीडिया पर ठगी का खेल

विभाग के मुताबिक कुछ लोग सोशल मीडिया पर झूठी पोस्ट और मैसेज फैलाकर महिलाओं को योजना में नाम जोड़ने का लालच दे रहे हैं। इसके बदले वे पैसों की मांग कर रहे हैं। ऐसी कई शिकायतें प्रशासन और पुलिस तक पहुंच चुकी हैं। कुछ महिलाएं इन ठगों का शिकार भी हो चुकी हैं।

विभाग ने क्या कहा?

महिला एवं बाल विकास अधिकारी राहुल पाठक ने साफ कहा है कि फिलहाल लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन नहीं हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। अगर कोई पंजीयन के नाम पर पैसे मांगता है, तो वह सीधी ठगी कर रहा है।

महिलाओं के लिए जरूरी सलाह

विभाग ने महिलाओं से अपील की है कि किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट या व्हाट्सऐप मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पंजीयन के नाम पर किसी को भी पैसे न दें। योजना से जुड़ी सही जानकारी सिर्फ महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय से ही लें।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी फैलाने और लोगों से ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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