News in Short
- पश्चिम एशिया संघर्षों के चलते एलपीजी कीमतों में वृद्धि।
- 1 मई 2026 से और कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना।
- 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की वृद्धि हुई।
- OTP आधारित डिलीवरी और बुकिंग नियम सख्त किए गए।
- ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी कोड-बेस्ड सिस्टम लगभग 98% तक पहुंचे।
News in detail
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों का असर अब भारतीय घरों में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के रूप में देखा जा रहा है। फरवरी के अंत में शुरू हुआ अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध ने तेल मार्केटिंग कंपनियों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि करने के लिए मजबूर किया है। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में अब तक 60 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है।
इसके अलावा, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में एक महीने के भीतर तीन बार वृद्धि की गई है। सबसे हालिया वृद्धि अप्रैल 2026 में मेट्रो शहरों में 196 रुपए से बढ़ाकर 218 रुपए की गई। इससे पहले, 7 मार्च 2026 को प्रति सिलेंडर 114.5 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी।
1 मई से कीमतों में और वृद्धि होने की संभावना
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, 1 मई 2026 से एलपीजी ( LPG Cylinder ) की कीमतों में एक और बदलाव हो सकता है। तेल विपणन कंपनियां, जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल, इस समय नई डिलीवरी और बुकिंग नियमों पर विचार कर रही हैं। ऐसे में, 1 मई से एक और बार कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
बुकिंग नियमों में बदलाव
सरकार ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के जरिए बुकिंग के नियमों को पहले ही सख्त कर दिया है। शहरी इलाकों में दो बुकिंग के बीच का समय पहले 21 दिन था, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में इसे 45 दिन तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, OTP-बेस्ड डिलीवरी ऑथेंटिकेशन सिस्टम को स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है।
ऑनलाइन बुकिंग की बढ़ती संख्या
इस समय, ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 98% तक पहुंच चुकी है। वहीं, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड-बेस्ड डिलीवरी भी लगभग 94% तक पहुंच चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकना है। इसका लक्ष्य सही लोगों तक गैस सिलेंडर पहुंचाना है। वितरण प्रक्रिया को सही तरीके से किया जाएगा।
बढ़ती कीमतों से निपटने के उपाय
एलपीजी की बढ़ती कीमतों और सख्त बुकिंग नियमों के बावजूद, सरकार ने राहत उपाय पेश किए हैं। OTP और कोड-बेस्ड डिलीवरी के जरिए बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 98% तक पहुंच गई है। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड-बेस्ड डिलीवरी लगभग 94% तक पहुंच गई है। इसका मकसद सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकना है।
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