Indore. सांवेर विधानसभा के विधायक और प्रदेश के कबीना मंत्री तुलसीराम सिलावट को राहत मिल गई है। साल 2020 के उपचुनाव के दौरान सांवेर विधानसभा में चुनाव प्रचार के दौरान उन पर केस हुआ था।
आरोप था कि कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन उन्होंने किया है। इस पर सांवेर में उन पर प्रतिबंधात्मक धारा उल्लंघन पर 188 के तहत केस हुआ था।
क्या बोले मंत्री और वकील
मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि कोर्ट ने बरी किया है, इसके लिए मैं अपने अधिवक्ता को धन्यवाद देता हूं। वहीं सिलावट के वकील ने बताया कि सांवेर विधानसभा चुनाव के दौरान उन पर प्रतिबंधात्मक धारा में केस हुआ था। उनके साथ दिलीप चौधरी भी आरोपी थे। कोर्ट ने इस पर ट्रायल चला, सभी के बयान हुए और इसके बाद कोर्ट ने पाया कि उन्होंने किसी तरह का उल्लंघन नहीं किया था।
सांवेर में हुई थी 22 एफआईआर
कमलनाथ सरकार के समय सांवेर में कांग्रेस से टिकट पर सिलावट जीते थे। लेकिन बाद में वह ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मार्च 2020 में बीजेपी में चले गए और कमलनाथ सरकार गिर गई।
सिलावट ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया। सांवेर सहित मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा पर उपचुनाव हुए। इस दौरान कोविड का काल था। सांवेर में जमकर कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन हुआ और इसमें बीजेपी पर 13 और कांग्रेस नेताओं पर 6 एफआईआर हुई। बाकी तीन अन्य पर हुई।
इन सभी पर हुई थी एफआईआर
बीजेपी के तत्कालीन नेताओं में तुलसी सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, आकाश विजयवर्गीय, राजेश सोनकर और प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा जैसे नेता शामिल थ। वहीं कांग्रेस के जीतू पटवारी, प्रेमचंद गुड्डू, सदाशिव यादव, मकबूल पटेल, विकास सोनी के खिलाफ एफआईआर हुई थी।
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