समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश सरकार 48 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री देने की योजना बना रही है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक होगी।
- स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड को रजिस्ट्री में बदला जा सकता है।
- इस फैसले से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस माफ होगी।
- इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के गरीब परिवारों को फायदा मिलेगा।
मोहन कैबिनेट की बैठक आज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी 02 जून की सुबह 11 बजे कैबिनेट बैठक होनी है। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा कदम उठा रही है। राज्य के गरीब, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जमीन और मकान के मालिकों को सरकार ने बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सरकार इन्हें निशुल्क रजिस्ट्री के जरिए संपत्ति का असली मालिकाना हक सौंपेगी।
राजस्व विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। जानकारी के अनुसार बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगाई जा सकती है।
48 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो करीब 48 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। ये वे परिवार हैं जो सालों से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास पक्के दस्तावेज यानी रजिस्ट्री नहीं है।
इन परिवारों को सरकार पहले ही संपत्ति कार्ड बनाकर दे चुकी है। अब इन्हीं कार्डों को बाकायदा कानूनी रजिस्ट्री में बदला जाएगा। इससे इन परिवारों को जमीन और मकान पर पूरा कानूनी हक मिल जाएगा।
स्टांप ड्यूटी से मिलेगी राहत
निशुल्क रजिस्ट्री होने से गरीब परिवारों को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस से बड़ी राहत मिलेगी। आम तौर पर रजिस्ट्री कराने में हजारों रुपए खर्च होते हैं। यह खर्च गरीब परिवारों के लिए बड़ी रुकावट बनता था। अब सरकार यह पूरा खर्च खुद उठाएगी।
इससे उन लाखों परिवारों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो लंबे समय से घर में रहते आए हैं, पर कागजों पर मालिक नहीं थे। अब वे कानूनी तौर पर अपनी संपत्ति के मालिक बन सकेंगे।
स्वामित्व योजना से जुड़ा है प्रस्ताव
यह प्रस्ताव केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में घरों की ड्रोन मैपिंग की गई। इसी के आधार पर संपत्ति कार्ड बनाए गए। अब राज्य सरकार इन कार्डों को रजिस्ट्री में बदलकर इस योजना को पूरा करेगी।
इस कदम से गरीब परिवार बैंक से लोन लेने में भी सक्षम होंगे। रजिस्ट्री होने के बाद वे अपनी संपत्ति को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे उनके आर्थिक हालात सुधरने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट में और भी अहम फैसले
इस बैठक में सिर्फ निशुल्क रजिस्ट्री का प्रस्ताव ही नहीं रखा जाएगा। कुछ नए इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) प्रोजेक्ट्स और जनहित की अन्य योजनाओं पर भी चर्चा होगी। इन पर भी मुहर लगने की संभावना है।
FAQ
Q. मध्यप्रदेश में निशुल्क रजिस्ट्री योजना का फायदा किसे मिलेगा? A. जवाब: इस योजना का फायदा मध्यप्रदेश के करीब 48 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा। इनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के वे लोग शामिल हैं जो वर्षों से अपने घरों और जमीनों पर रह रहे हैं, लेकिन उनके पास कानूनी रजिस्ट्री नहीं है। सरकार इन परिवारों के संपत्ति कार्ड को निशुल्क रजिस्ट्री में बदलेगी। Q. निशुल्क रजिस्ट्री से गरीब परिवारों को क्या-क्या फायदे होंगे? A. जवाब: निशुल्क रजिस्ट्री होने से परिवारों को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी, जिससे हजारों रुपए बचेंगे। रजिस्ट्री मिलने के बाद वे अपनी संपत्ति को बैंक लोन के लिए गारंटी के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। साथ ही उन्हें जमीन पर पूरा कानूनी अधिकार मिल जाएगा। Q. स्वामित्व योजना क्या है और इससे यह रजिस्ट्री कैसे जुड़ी है? A. जवाब: स्वामित्व योजना केंद्र सरकार की एक पहल है। इसके तहत गांवों और शहरों में घरों की ड्रोन मैपिंग की गई और संपत्ति कार्ड बनाए गए। मध्यप्रदेश सरकार अब इन्हीं संपत्ति कार्डों को बाकायदा कानूनी रजिस्ट्री में बदलेगी, जिससे लोगों को असली मालिकाना हक मिलेगा।
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