समझें क्या है पूरा मामला
एक नई रिसर्च में सामने आया है कि जल्दी खाना खाना मोटापे का सबसे बड़ा कारण है।
जल्दी-जल्दी खाना खाने वाले लोगों में पेट की चर्बी बढ़ने का खतरा दोगुना हो जाता है।
हमारे मस्तिष्क तक पेट भरने का संकेत पहुंचने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है।
ज्यादातर लोग 10 से 15 मिनट के भीतर ही अपना पूरा भोजन खत्म कर लेते हैं।
सिर्फ जिम जाने या व्यायाम करने से वजन नहीं घटेगा जब तक खाने की रफ्तार न बदले।
खाने की रफ्तार और मोटापे का रिश्ता
आपने कभी सोचा है कि आप कितनी तेजी से खाना खाते हैं? एक नई वैज्ञानिक स्टडी कहती है कि यह रफ्तार आपके वजन पर सीधा असर डालती है। जो लोग तेज खाते हैं, उनमें मोटापे और पेट की चर्बी का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
यह रिसर्च 465 बड़े लोगों पर की गई। इनमें 51.6 फीसदी पुरुष और 48.4 फीसदी महिलाएं थीं। इनमें से 49 फीसदी लोग 35 साल से कम उम्र के थे। बाकी में सर्विस कर्मचारी और छात्र शामिल थे।
धीरे, मध्यम और तेज खाने वालों में फर्क
रिसर्च में लोगों को तीन हिस्सों में बांटा गया। पहले वे जो हर निवाले को 20 से ज्यादा बार चबाते हैं यानी धीरे खाने वाले। ये 10.9 फीसदी लोग थे। दूसरे वे जो 10 से 20 बार चबाते हैं यानी मध्यम गति से खाने वाले। ये 44.7 फीसदी थे। तीसरे वे जो 10 से कम बार चबाते हैं यानी तेज खाने वाले। ये भी 44.3 फीसदी थे।
नतीजे हैरान करने वाले थे। धीरे खाने वालों में से 43.1 फीसदी लोग सामान्य वजन के थे। वहीं तेज खाने वालों में सिर्फ 33.9 फीसदी ही सामान्य वजन के निकले।
पेट की चर्बी का खतरा दोगुना से ज्यादा
पेट की खतरनाक चर्बी को मेडिकल भाषा में बेली फैट फैट कहते हैं। तेज खाने वालों में यह चर्बी बढ़ने का खतरा मध्यम गति से खाने वालों की तुलना में 2.1 गुना ज्यादा पाया गया। यह चर्बी दिल की बीमारी और शुगर का खतरा बढ़ाती है।
मोटापा यानी ओवरवेट और ओबेसिटी (Obesity) के मामले में भी तेज खाने वालों में जोखिम 1.7 गुना ज्यादा मिला। खास बात यह है कि जैसे-जैसे खाने की रफ्तार बढ़ती है, शरीर में चर्बी भी उसी अनुपात में बढ़ती जाती है।
व्यायाम से मोटापा नहीं जाएगा अगर यह आदत न बदली
रिसर्चर्स ने एक और अहम बात कही। उन्होंने बताया कि तेज खाने वाले और धीरे खाने वाले लोगों में मेटाबॉलिज्म (Metabolism) यानी शरीर की ऊर्जा जलाने की क्षमता लगभग एक जैसी होती है। इसका मतलब है कि मोटापे का कारण स्लो मेटाबॉलिज्म नहीं बल्कि तेज खाने की आदत है।
साथ ही रिसर्च में यह भी पता चला कि व्यायाम मोटापे को तभी कम करेगा जब तेज खाने की आदत पहले बदली जाए। सिर्फ जिम जाने से काम नहीं चलेगा।
20 मिनट में खाना खाओ, मोटापे से बचो
शरीर को यह महसूस होने में करीब 20 मिनट लगते हैं कि पेट भर गया है। लेकिन स्टडी में शामिल सिर्फ 9 फीसदी लोग ही खाने में 20 मिनट से ज्यादा समय लगाते थे। 25.1 फीसदी लोग 10 मिनट से भी कम में खाना खत्म कर लेते थे।
44.7 फीसदी लोगों ने 10 से 15 मिनट में खाना खाया। यानी ज्यादातर लोग उस वक्त से पहले ही खाना खत्म कर लेते हैं जब उनके शरीर को पेट भरने का संकेत मिले।
खाने की आदत कैसे सुधारें
रिसर्चर्स ने कुछ आसान तरीके सुझाए हैं।
हर निवाले को कम से कम 20 बार चबाएं।
खाने में कम से कम 20 मिनट का समय लगाएं।
खाते वक्त हर निवाले के बाद कांटा या चम्मच नीचे रख दें।
खाना खाते समय मोबाइल और स्क्रीन से दूर रहें।
इससे शरीर को सही वक्त पर पेट भरने का संकेत मिल सकेगा।
तला हुआ खाना और तेज खाना-दोहरा खतरा
स्टडी में यह भी सामने आया कि 42 फीसदी से ज्यादा लोग हफ्ते में 3 से 4 बार तला-भुना खाना खाते हैं। जब यह आदत तेज खाने की आदत से मिल जाती है, तो मोटापे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
रिसर्चर्स ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए खाने की गुणवत्ता के साथ-साथ खाने की गति पर भी ध्यान देना जरूरी है।
FAQ
Q. तेज खाने से मोटापा क्यों बढ़ता है? A. जब हम जल्दी खाते हैं तो शरीर को पेट भरने का संकेत मिलने में देर लगती है। इस बीच हम जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। रिसर्च के अनुसार शरीर को यह संकेत मिलने में करीब 20 मिनट लगते हैं। Q. खाना खाने में कितना समय लगाना चाहिए? A. रिसर्चर्स के अनुसार हर भोजन में कम से कम 20 मिनट लगाने चाहिए। हर निवाले को 20 से ज्यादा बार चबाना चाहिए। इससे शरीर को सही समय पर पेट भरने का संकेत मिल जाता है। Q. क्या व्यायाम से तेज खाने के नुकसान दूर हो सकते हैं? A. नहीं। इस रिसर्च में साफ कहा गया है कि तेज खाने और धीरे खाने वालों का मेटाबॉलिज्म लगभग एक जैसा होता है। व्यायाम तभी असरदार होगा जब पहले तेज खाने की आदत बदली जाए।

