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MP की 17 सरकारी यूनिवर्सिटीज में 81% प्रोफेसर पद खाली, सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन भी बेअसर

MP की 17 सरकारी यूनिवर्सिटीज में 81% प्रोफेसर पद खाली, सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन भी बेअसर

मझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश के 17 विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 81% पद खाली हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में चार महीने के भीतर पद भरने के निर्देश दिए थे।
  • यह डेडलाइन अब बीत चुकी है।
  • इसके बावजूद विश्वविद्यालयों में नियमित शिक्षकों की भर्ती शुरू नहीं हो सकी है।
  • कुल 1949 स्वीकृत पदों में से 1585 पद अब भी खाली पड़े हैं।

मध्य प्रदेश के 17 विश्वविद्यालयों में टीचिंग फैकल्टी यानी शिक्षकों के 81% पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन विश्वविद्यालयों में पढ़ाई ज्यादातर अतिथि विद्वानों के भरोसे चल रही है। एक-एक प्रोफेसर के पास कई अकादमिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में इस मामले पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने चार महीने के भीतर सभी खाली पद भरने के निर्देश दिए थे। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने भी सभी विश्वविद्यालयों से तत्काल भर्ती करने को कहा था।

वहीं डेडलाइन बीतने के बाद भी विश्वविद्यालयों में रेगुलर टीचिंग फैकल्टी की भर्ती नहीं हो पाई है। 17 विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के कुल 1949 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 1585 पद अब भी खाली हैं।

बरकतउल्ला विवि में भी संकट

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी भोपाल भी इस सूची में शामिल है। यहां लंबे समय से स्वीकृत पदों को लेकर असमंजस की स्थिति थी। अब उच्च शिक्षा विभाग ने यह स्थिति साफ कर दी है।

विभाग ने बताया कि बीयू के सभी 105 पद स्वीकृत श्रेणी के ही हैं। इसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया है। यहां फैकल्टी के 65% पद खाली हैं।

3 बड़े कारण, आखिर भर्ती क्यों अटकी

पदों की री-स्ट्रक्चरिंग

जानकारी के अनुसार कई पुराने विश्वविद्यालय पहले से स्वीकृत पदों को री-स्ट्रक्चर करना चाहते हैं। जिन विषयों में छात्रों की संख्या कम हो गई है, वहां के पद खत्म करके डिमांड वाले विषयों में बदलने की योजना है। इससे रेगुलर फैकल्टी की भर्ती हो सके।

विषय के हिसाब से पद तय नहीं

नए विश्वविद्यालयों के लिए शासन ने पद तो स्वीकृत कर दिए हैं लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया कि किस विषय में कितने पद होंगे। छिंदवाड़ा, छतरपुर, खरगोन, गुना और सागर जैसे नए विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 100% पद खाली हैं।

आरक्षण रोस्टर की अड़चन

विश्वविद्यालयों में फैकल्टी भर्ती के लिए आरक्षण रोस्टर तय करना बड़ी तकनीकी बाधा बन गया है। इसी वजह से पुरानी भर्ती प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पा रही है।

किस विवि में कितने पद खाली

विश्वविद्यालयस्वीकृत पदरिक्त पदकमी (%)
बरकतउल्ला विवि, भोपाल1056865%
आरडी विवि, जबलपुर13010681%
जीवाजी विवि, ग्वालियर1047976%
डीएवीवी, इंदौर1546844%

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