समझें क्या है पूरा मामला
- मंडला की 34.9 प्रतिशत महिलाएं किसी रूप में तंबाकू लेती हैं।
- डिंडौरी के 64.8 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं।
- आलीराजपुर की 13.4 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं।
- इंदौर की 37.8 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट या मोटापे की शिकार हैं।
- प्रदेश में कम वजन, मोटापा और ब्लड शुगर साथ बढ़े हैं।
मध्य प्रदेश की नई स्वास्थ्य रिपोर्ट ने दोहरी चिंता बढ़ाई है। एक तरफ कुपोषण और कम वजन की समस्या है। दूसरी तरफ मोटापा और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ रहे हैं।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण यानी NFHS (National Family Health Survey)-6 ने यह तस्वीर दिखाई है। रिपोर्ट में जिला स्तर पर बड़े अंतर सामने आए हैं। आदिवासी जिलों में तंबाकू और शराब का सेवन ज्यादा मिला है।
मंडला, डिंडौरी, आलीराजपुर और उमरिया के आंकड़े खासतौर पर चिंताजनक हैं। इंदौर और भोपाल में मोटापा तेजी से बढ़ा है। शहरी जिलों में ब्लड शुगर भी गंभीर चुनौती बन रही है।
मंडला की महिलाएं सबसे ज्यादा खाती हैं तंबाकू
मंडला में महिलाओं का तंबाकू सेवन सबसे ज्यादा दर्ज हुआ। यहां 34.9 प्रतिशत महिलाएं किसी प्रकार का तंबाकू लेती हैं। पिछली NFHS-5 रिपोर्ट में यह आंकड़ा 29.5 प्रतिशत था। दोनों सर्वेक्षणों के बीच 5.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। यह बदलाव तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
नरसिंहपुर में महिलाओं का तंबाकू सेवन 27.2 प्रतिशत था। नई रिपोर्ट में यह बढ़कर 30 प्रतिशत पहुंच गया। यहां 2.8 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई।
बालाघाट में सबसे तेज बढ़ोतरी सामने आई है। यहां पुराना आंकड़ा 20.2 प्रतिशत था। अब 28.4 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। यह बढ़ोतरी 8.2 प्रतिशत अंक की है।
छिंदवाड़ा में यह दर 21.1 प्रतिशत से बढ़ी है। अब जिले में आंकड़ा 26.9 प्रतिशत पहुंच गया। डिंडौरी में दर 22.8 प्रतिशत से 26.8 प्रतिशत हुई। इन पांच जिलों में बालाघाट का उछाल सबसे ज्यादा है। मंडला में कुल अनुपात प्रदेश में सबसे ऊपर है।
पुरुषों में डिंडौरी जिला आगे
पुरुषों में तंबाकू सेवन की तस्वीर अधिक गंभीर दिखती है। प्रदेश का औसत 47.7 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसमें 15 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष शामिल हैं। डिंडौरी में 64.8 प्रतिशत पुरुष तंबाकू लेते हैं। मंडला में यह अनुपात 64.2 प्रतिशत है। उमरिया में 64.1 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं।
नरसिंहपुर में यह आंकड़ा 60.5 प्रतिशत दर्ज हुआ। पन्ना में 60.4 प्रतिशत पुरुष तंबाकू लेते हैं। पांच जिलों में दर 60 प्रतिशत से ज्यादा है। डिंडौरी में पिछली दर 60.6 प्रतिशत थी। नई रिपोर्ट में यह 64.8 प्रतिशत हो गई। यहां 4.2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।
मंडला में दर 57.5 प्रतिशत से 64.2 प्रतिशत पहुंची। यहां 6.7 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई। शीर्ष पांच जिलों में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। उमरिया में आंकड़ा 59.1 प्रतिशत से 64.1 प्रतिशत हुआ। नरसिंहपुर में दर 55.2 प्रतिशत से 60.5 प्रतिशत पहुंची। पन्ना में यह 55.5 प्रतिशत से 60.4 प्रतिशत हुई।
आलीराजपुर में महिला शराब सेवन सर्वाधिक
महिलाओं में शराब सेवन का प्रदेश औसत 1.2 प्रतिशत है। इसके मुकाबले आलीराजपुर का आंकड़ा कई गुना ज्यादा है। यहां 13.4 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। पिछले सर्वेक्षण में आलीराजपुर का आंकड़ा सात प्रतिशत था। नई रिपोर्ट में यह लगभग दोगुना हो गया। वृद्धि 6.4 प्रतिशत अंक की रही।
डिंडौरी में 9.6 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं। मंडला में यह अनुपात 7.8 प्रतिशत है। उमरिया में 4.4 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। अनूपपुर, बालाघाट, बैतूल और छिंदवाड़ा में दर 3.1 प्रतिशत है। इन जिलों का आंकड़ा भी प्रदेश औसत से ज्यादा है।
डिंडौरी में पुरानी दर 6.8 प्रतिशत थी। अब यह बढ़कर 9.6 प्रतिशत हो गई। मंडला में दर 3.6 प्रतिशत से 7.8 प्रतिशत पहुंची। उमरिया में आंकड़ा दो प्रतिशत से 4.4 प्रतिशत हुआ। अनूपपुर में शराब सेवन की दर कुछ घटी है। यह 3.7 प्रतिशत से 3.1 प्रतिशत रह गई।
डिंडौरी के पुरुष शराब सेवन में आगे
प्रदेश में पुरुषों के शराब सेवन का औसत 18.5 प्रतिशत है। डिंडौरी में यह दर 41.4 प्रतिशत दर्ज हुई। यह राज्य औसत से दोगुने से भी ज्यादा है।
आलीराजपुर में 41.2 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं। उमरिया में यह अनुपात 39.6 प्रतिशत है। मंडला में 36.3 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं।
अनूपपुर में यह दर 35.5 प्रतिशत मिली है। ये सभी जिले आदिवासी आबादी वाले क्षेत्रों में आते हैं। इसलिए स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।
डिंडौरी में पिछला आंकड़ा 36 प्रतिशत था। नई रिपोर्ट में यह 41.4 प्रतिशत पहुंचा। यहां 5.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।
आलीराजपुर में दर 37.4 प्रतिशत से 41.2 प्रतिशत हुई। उमरिया में यह 29.8 प्रतिशत से 39.6 प्रतिशत पहुंची।
उमरिया में 9.8 प्रतिशत अंक की सबसे तेज वृद्धि हुई। मंडला में दर 28.6 प्रतिशत से 36.3 प्रतिशत पहुंची।
अनूपपुर में इसके विपरीत मामूली कमी दर्ज हुई। वहां आंकड़ा 36.2 प्रतिशत से 35.5 प्रतिशत रह गया।
कम वजन में आलीराजपुर आगे
रिपोर्ट में शरीर के वजन से जुड़ी चिंता भी उभरी है। BMI (Body Mass Index) शरीर के अनुपात का स्वास्थ्य संकेतक है। कम BMI शरीर में पोषण की कमी दिखा सकता है। प्रदेश की 15 से 49 वर्षीय महिलाओं में औसत 26.5 प्रतिशत है। यानी इतनी महिलाएं सामान्य से कम BMI श्रेणी में हैं।
आलीराजपुर में यह अनुपात 43 प्रतिशत दर्ज हुआ। इसका अर्थ लगभग हर 2.3 महिलाओं में एक महिला है। यह राज्य औसत से बहुत अधिक है। बड़वानी में कम BMI वाली महिलाओं का अनुपात 39.6 प्रतिशत है। श्योपुर में यह आंकड़ा 36.8 प्रतिशत मिला है।
डिंडौरी में 34.2 प्रतिशत महिलाएं कम BMI श्रेणी में हैं। बालाघाट में यह आंकड़ा 33.8 प्रतिशत दर्ज हुआ है। आलीराजपुर का पिछला आंकड़ा 19.6 प्रतिशत था। नई रिपोर्ट में यह बढ़कर 43 प्रतिशत हुआ। यह 23.4 प्रतिशत अंक की असामान्य बढ़ोतरी है।
इंदौर के लोगों में मोटापा ज्यादा
कम वजन के साथ मोटापा भी बड़ी चुनौती बन रहा है। प्रदेश की 22.2 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट या मोटापे की शिकार हैं।
इंदौर में यह दर सबसे ज्यादा 37.8 प्रतिशत मिली है। भोपाल में 36.6 प्रतिशत महिलाएं इस श्रेणी में आती हैं। होशंगाबाद में यह अनुपात 31.4 प्रतिशत दर्ज हुआ। जबलपुर में 29.6 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट या मोटापे की शिकार हैं। रीवा में यह आंकड़ा 29.3 प्रतिशत है।
इंदौर की पिछली दर केवल 19 प्रतिशत थी। अब यह बढ़कर 37.8 प्रतिशत हो गई। इस तरह आंकड़ा लगभग दोगुना हो गया है। यह स्थिति बदलती जीवनशैली की तरफ संकेत करती है। खानपान, कम शारीरिक गतिविधि और शहरी दिनचर्या प्रमुख कारण हो सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट कारणों पर सीधे निष्कर्ष नहीं देती।
कुपोषण की दोहरी चुनौती
मध्य प्रदेश में कम वजन और मोटापा साथ बढ़ रहे हैं। इसे पोषण की दोहरी चुनौती माना जा सकता है। महिलाओं में कम BMI की दर पहले 23 प्रतिशत थी। अब यह बढ़कर 26.5 प्रतिशत हो गई। इसमें 3.5 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई।
पुरुषों में यह बदलाव ज्यादा तेज है। कम BMI की दर 20.8 प्रतिशत से 28.3 प्रतिशत पहुंची। यह 7.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी है।
दूसरी तरफ महिलाओं में मोटापा भी बढ़ा है। पिछली रिपोर्ट में यह दर 16.6 प्रतिशत थी। अब यह बढ़कर 22.2 प्रतिशत पहुंच गई। पुरुषों में ओवरवेट या मोटापे की दर 15.6 प्रतिशत थी। नई रिपोर्ट में यह 17.6 प्रतिशत दर्ज हुई।
इंदौर में ब्लड शुगर अधिक
महिलाओं में बढ़ा ब्लड शुगर भी चिंता पैदा कर रहा है। प्रदेश में इसका औसत 14.5 प्रतिशत दर्ज हुआ। इसमें बहुत ज्यादा ब्लड शुगर वाले मामले शामिल हैं। नियंत्रण की दवा लेने वाली महिलाएं भी इसमें शामिल हैं।
इंदौर में महिलाओं का अनुपात सबसे ज्यादा 20.3 प्रतिशत है। भिंड में यह आंकड़ा 18.4 प्रतिशत दर्ज हुआ। कटनी में 18.2 प्रतिशत महिलाओं में यह स्थिति मिली। भोपाल में अनुपात 17.9 प्रतिशत है। जबलपुर में यह दर 17.7 प्रतिशत दर्ज हुई।इंदौर का पिछला आंकड़ा 9.9 प्रतिशत था। नई रिपोर्ट में यह दोगुने से ज्यादा हो गया।
राज्य स्तर पर महिलाओं का आंकड़ा 9.8 प्रतिशत से बढ़ा है। अब यह 14.5 प्रतिशत पहुंच गया। पुरुषों में दर 12.2 प्रतिशत से 18.3 प्रतिशत हुई। महिलाओं में वृद्धि 4.7 प्रतिशत अंक की रही। पुरुषों में 6.1 प्रतिशत अंक का उछाल आया। इसलिए पुरुषों में स्थिति ज्यादा तेजी से बिगड़ी है।
ब्लड प्रेशर में राहत
BP (Blood Pressure) के राज्य औसत में कमी दिखी है। महिलाओं में उच्च BP का अनुपात 14.2 प्रतिशत है। इसमें नियंत्रण की दवा लेने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। बालाघाट में यह दर सबसे ज्यादा 22.6 प्रतिशत है। भोपाल में 21.1 प्रतिशत महिलाओं में उच्च BP मिला। सिवनी में यह अनुपात 21 प्रतिशत दर्ज हुआ। डिंडौरी में 20.2 प्रतिशत महिलाएं इस श्रेणी में हैं। होशंगाबाद में यह आंकड़ा 19.2 प्रतिशत है।
पुरुषों में प्रदेश का औसत 15.4 प्रतिशत है। जबलपुर में सबसे ज्यादा 24.2 प्रतिशत मामले दर्ज हुए। बालाघाट में 21.7 प्रतिशत पुरुष प्रभावित मिले। सिवनी में यह दर 21.6 प्रतिशत है। भोपाल और होशंगाबाद में अनुपात 21.3 प्रतिशत है।महिलाओं का राज्य औसत पहले 20.6 प्रतिशत था। अब यह घटकर 14.2 प्रतिशत हुआ। पुरुषों में दर 22.7 प्रतिशत से 15.4 प्रतिशत हुई।
जरूरी FAQ
मध्य प्रदेश में किस जिले की महिलाएं सबसे ज्यादा तंबाकू खाती हैं?
NFHS-6 के अनुसार मंडला में महिलाओं का तंबाकू सेवन सबसे ज्यादा है। जिले की 34.9 प्रतिशत महिलाएं किसी प्रकार का तंबाकू लेती हैं। पिछली रिपोर्ट में यह दर 29.5 प्रतिशत थी। दोनों सर्वेक्षणों के बीच 5.4 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई है।
मध्य प्रदेश में शराब सेवन किस जिले में सबसे ज्यादा है?
महिलाओं में आलीराजपुर का आंकड़ा सबसे ज्यादा 13.4 प्रतिशत है। पुरुषों में डिंडौरी 41.4 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है। आलीराजपुर के पुरुषों की दर 41.2 प्रतिशत दर्ज हुई। दोनों आंकड़े राज्य औसत से काफी ज्यादा हैं।
NFHS-6 में मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चिंता क्या है?
प्रदेश में कम वजन और मोटापा दोनों साथ बढ़े हैं। ब्लड शुगर के मामलों में भी तेजी आई है। आदिवासी जिलों में तंबाकू और शराब का सेवन ज्यादा है। बड़े शहरों में मोटापा तथा बढ़ा ब्लड शुगर प्रमुख चिंता है।
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