Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
MP में श्रम प्रहरी हेल्पलाइन शुरू, बिना रजिस्ट्रेशन चल रही फैक्ट्रियों पर सरकार कसेगी शिकंजा

MP में श्रम प्रहरी हेल्पलाइन शुरू, बिना रजिस्ट्रेशन चल रही फैक्ट्रियों पर सरकार कसेगी शिकंजा

समझें पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश सरकार ने नियम तोड़ने वाली फैक्ट्रियों पर नकेल कसी है।
  • आम नागरिक अब श्रम प्रहरी बनकर अवैध निर्माण की शिकायत कर सकेंगे।
  • इसके लिए श्रम विभाग ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
  • शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
  • नियम तोड़ने वाले मालिकों पर भारी जुर्माना और जेल की सजा होगी।

मध्य प्रदेश के श्रम विभाग ने एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है। राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन चल रही अवैध फैक्ट्रियों पर अब रोक लगेगी। इसके लिए सरकार ने आम जनता को एक बड़ी ताकत दी है। अब कोई भी नागरिक अवैध काम की शिकायत कर सकता है।

सरकार ने इस नई मुहिम का नाम श्रम प्रहरी रखा है। इसका मतलब है कि अब राज्य का हर नागरिक लेबर वॉचडॉग बन सकेगा। वह अपने आसपास चल रहे गलत कामों पर नजर रख सकेगा। इसके लिए बकायदा एक टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की गई है।

श्रम विभाग ने 27 मई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में रजिस्टर्ड निर्माण परियोजनाओं और फैक्ट्रियों के नाम शामिल हैं। कोई भी व्यक्ति इस सरकारी पोर्टल पर जाकर आसानी से सूची चेक कर सकता है।

कैसे काम करेगी श्रम प्रहरी हेल्पलाइन?

अगर आपको अपने आसपास कोई संदिग्ध फैक्ट्री या कंस्ट्रक्शन साइट दिखाई देती है। आप तुरंत उसकी जानकारी सरकारी लिस्ट से मिला सकते हैं। अगर उसका नाम लिस्ट में नहीं है तो आप हेल्पलाइन पर फोन कर सकते हैं।

आपकी दी गई जानकारी के आधार पर लेबर डिपार्टमेंट तुरंत एक्शन मोड में आएगा। विभाग के अधिकारी उस जगह का औचक निरीक्षण करने पहुंचेंगे। यदि शिकायत सही पाई गई तो मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया में शिकायतकर्ता को डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। विभाग आपकी पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखेगा। किसी भी हालत में आपका नाम उजागर नहीं किया जाएगा। आप सुरक्षित रहकर समाज की मदद कर सकते हैं।

मजदूरों की सुरक्षा के लिए उठाया सख्त कदम

इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य मजदूरों को सुरक्षित माहौल देना है। कई बार बिना रजिस्ट्रेशन वाली जगहों पर मजदूरों का शोषण किया जाता है। उन्हें सरकार की सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।

अब नए नियमों के मुताबिक हर संस्थान को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। काम शुरू करने से पहले लेबर डिपार्टमेंट को इसकी सूचना देनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले मालिकों पर सरकार कानूनी शिकंजा कसने के लिए तैयार है।

फैक्ट्री एक्ट 1948 के तहत इसके लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं। अगर किसी जगह 20 या उससे ज्यादा मजदूर काम कर रहे हैं। तो उस परिसर के लिए मुख्य कारखाना निरीक्षक से लाइसेंस लेना बेहद जरूरी होगा।

नियम तोड़ने पर मिलेगी जेल और भारी जुर्माना

अगर कोई मालिक अपनी फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन कराने में नाकाम रहता है। तो उस पर 1 लाख रुपए तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही उसे दो साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है।

इसी तरह निर्माण साइट्स का रजिस्ट्रेशन न कराने पर भी सख्त एक्शन होगा। इसके लिए दो हजार रुपए का जुर्माना और तीन महीने की जेल हो सकती है। सरकार ने सभी नियोक्ताओं को समय पर रजिस्ट्रेशन कराने की चेतावनी दी है।

इस नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार और अवैध कामों पर पूरी तरह रोक लगेगी। श्रम विभाग की इस कोशिश से मजदूरों को उनका सही हक मिल सकेगा। आम जनता के सहयोग से यह मुहिम राज्य में बड़ा बदलाव लाएगी।

FAQ
Q. मध्य प्रदेश सरकार की श्रम प्रहरी पहल क्या है और यह कैसे काम करती है? A. श्रम प्रहरी मध्य प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई एक नई नागरिक केंद्रित पहल है। इसके तहत राज्य का कोई भी आम नागरिक एक सजग प्रहरी की भूमिका निभा सकता है। यदि किसी को अपने आसपास कोई ऐसी फैक्ट्री या निर्माण साइट दिखती है जो पंजीकृत नहीं है, तो वह विभाग द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन पर इसकी गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकता है। Q. क्या शिकायत करने वाले नागरिक की पहचान को गुप्त रखा जाएगा? A. हां, श्रम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है। हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत और उसे करने वाले नागरिक की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। किसी भी स्तर पर शिकायतकर्ता का नाम या पता उजागर नहीं किया जाएगा ताकि लोग बिना किसी डर के अवैध गतिविधियों की रिपोर्ट कर सकें।

ये खबरें भी पढ़ें....

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: d sutr