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MP-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में 4 सितंबर से बदलेगा मौसम

MP-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में 4 सितंबर से बदलेगा मौसम

Weather Update: मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मानसून का अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अगले चार दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी है। वहीं प्रदेश में बारिश का आंकड़ा फिलहाल सामान्य से 9 प्रतिशत कम दर्ज हुआ है।

उधर छत्तीसगढ़ में 29 अगस्त से बारिश की तेजी और दायरा दोनों बढ़ने वाला है।

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तरी इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ राजस्थान में बारिश का ब्रेक लगने से गर्मी और उमस बढ़ गई है। राजस्थान में अब 4 सितंबर से मानसून का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश मौसम रिपोर्ट - 29 अगस्त 2026

MP Weather update: (मध्यप्रदेश का मौसम): मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले चार दिन बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार को सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इनमें रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। भोपाल में रिमझिम बारिश हो सकती है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में तेज बारिश के आसार कम हैं।

जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला और डिंडौरी में भी बारिश हो सकती है। पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान है। उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बादल बरस सकते हैं।

लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ एक्टिव

मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक प्रदेश के आसपास लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। मानसून ट्रफ भी एक्टिव है। हालांकि इसका असर पूरे मध्य प्रदेश में नहीं दिख रहा है। इसी वजह से सभी जिलों में एक जैसी बारिश नहीं होगी।

सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश

मध्य प्रदेश में अब तक 683.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह करीब 26.9 इंच के बराबर है। इस समय तक सामान्य तौर पर 29.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 2.6 इंच कम बारिश हुई है।

पूरे प्रदेश की बात करें तो बारिश 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 12 प्रतिशत है।

37 जिलों में कम बारिश

प्रदेश के कई जिलों में इस बार बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश कम हुई है।

बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह और जबलपुर में कमी दर्ज हुई है। कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज और नरसिंहपुर भी इसमें शामिल हैं। पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में भी सामान्य से कम पानी गिरा है। कई जिलों में यह कमी 1 से 49 प्रतिशत तक है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास और धार में बारिश कम हुई है। हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना और मंदसौर में भी सामान्य से कम पानी गिरा है।

नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा और रायसेन में भी बारिश का आंकड़ा पीछे है। रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इन जिलों में कमी करीब 4 से 50 प्रतिशत तक है।

18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

कुछ जिलों में मानसून ज्यादा मेहरबान रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

इनमें अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल और बुरहानपुर में भी ज्यादा पानी गिरा है। दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में भी बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज हुई है।

छत्तीसगढ़ मौसम रिपोर्ट - 29 अगस्त 2026

CG Weather update: (छत्तीसगढ़ का मौसम): छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है। मौसम विभाग के रायपुर केंद्र ने 28 अगस्त को नया पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक 29 अगस्त से प्रदेश में बारिश का दायरा और तेजी दोनों बढ़ सकती है।

मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है।

कहां भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 29 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

एक-दो जगह भारी बारिश भी हो सकती है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी खतरा है।

30 और 31 अगस्त को भी बारिश जारी रह सकती है। 1 सितंबर को भी कई इलाकों में पानी गिरने की संभावना है। इस दौरान कुछ जगह भारी बारिश और बिजली गिर सकती है।

सितंबर में भी बरसेंगे बादल

मौसम विभाग के अनुसार 2 सितंबर को भी बारिश के आसार हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कुछ जगह भारी बारिश की संभावना भी बनी हुई है। 3 सितंबर को बारिश का असर और बढ़ सकता है।

इस दिन कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई जगह गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी संभव है।

अभी कैसा है मौसम

पिछले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश हुई। ज्यादातर जगह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

बलरामपुर जिले में कुछ जगह भारी बारिश भी हुई। अंबिकापुर में 32.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

जगदलपुर में 6.4 मिलीमीटर बारिश हुई। दुर्ग में 3.6 मिलीमीटर पानी गिरा।

प्रदेश में अब तक की बारिश सामान्य के करीब है। हालांकि औसत से करीब 3 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

बिजली गिरने पर रहें सावधान

मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में खड़े न रहें।

बिजली कड़कने पर तुरंत पक्के घर में चले जाएं। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल भी कम करें। बिजली की लाइनों से दूरी बनाकर रखें।

किसानों को खुले में रखा अनाज और सामान सुरक्षित जगह रखने की सलाह दी गई है।

राजस्थान मौसम रिपोर्ट - 29 अगस्त 2026

Rajsthan weather update: ( राजस्थान का मौसम): राजस्थान में मानसून आने के बाद शुक्रवार पहला ऐसा दिन रहा, जब पूरे राज्य में कहीं बारिश नहीं हुई। बारिश थमने और तेज धूप निकलने से गर्मी बढ़ गई। जयपुर, टोंक और अलवर समेत 15 शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज हुआ।

श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा गर्मी रही। यहां तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून का यह ब्रेक सितंबर के पहले सप्ताह तक रह सकता है। इसके बाद बारिश का दौर फिर शुरू होने की उम्मीद है।

धूप निकली तो बढ़ी गर्मी

जयपुर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में शुक्रवार को मौसम साफ रहा। अजमेर और जोधपुर संभाग में भी दिनभर धूप निकली रही।

कई शहरों में तापमान 1 से 2 डिग्री तक ऊपर-नीचे हुआ। सबसे ज्यादा गर्मी श्रीगंगानगर में महसूस की गई। बारिश नहीं होने से दिन के समय उमस और गर्मी बढ़ गई।

4 सितंबर से बारिश के आसार

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सितंबर के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम बन सकता है। इसके असर से राजस्थान में 4 से 5 सितंबर के आसपास मानसून फिर एक्टिव होने की उम्मीद है।

फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य जगह से थोड़ा उत्तर की तरफ खिसकी हुई है। यह अमृतसर, देहरादून और लखीमपुर खीरी से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।

आने वाले दिनों में मानसून ट्रफ के अपनी सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना है। ऐसा होने पर राजस्थान में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

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