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MPPSC के असिस्टेंट प्रोफेसर इतिहास रिजल्ट में सामान्य को पद नहीं, इंटरव्यू अंक से भी नाराजगी

MPPSC के असिस्टेंट प्रोफेसर इतिहास रिजल्ट में सामान्य को पद नहीं, इंटरव्यू अंक से भी नाराजगी

द सूत्र 2 months ago

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का रिजल्ट शुक्रवार शाम को जारी कर दिया। इसमें कुल 97 पद थे, जिसमें 87 फीसदी कैटेगरी में 83 पद थे। इसमें से कुल 77 पदों पर भर्ती का रिजल्ट जारी हुआ है।

लेकिन दो मामलों को लेकर विवाद उठा है।

पहला विवाद सामान्य वर्ग के पद का

इस भर्ती में अनारक्षित यानी जनरल कैटेगरी के कुल 10 पद थे। इनमें चार पद महिलाओं के लिए, तीन पद गेस्ट फैकल्टी के लिए और दो पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थे। जनरल पुरुष के लिए सिर्फ एक पद बचा था, लेकिन उस पर ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार का चयन हुआ है। खास बात यह है कि इस उम्मीदवार ने मेरिट में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए और टॉपर भी बना।

इसी तरह जनरल महिलाओं के लिए तय चार पदों में से तीन पर ईडब्ल्यूएस और एक पर ओबीसी महिला उम्मीदवार का चयन हुआ। गेस्ट फैकल्टी महिला के लिए जनरल कैटेगरी में तीन पद थे। इनमें एक पद एससी, एक ओबीसी और एक पद जनरल महिला उम्मीदवार को मिला है। बाकी दो पद दिव्यांग उम्मीदवारों के खाते में गए।

इस तरह देखा जाए तो सामान्य कैटेगरी के किसी भी पुरुष या महिला उम्मीदवार का सीधे चयन नहीं हुआ। जनरल वर्ग से जो एक महिला चुनी गई है, उसका चयन भी गेस्ट फैकल्टी कैटेगरी में हुआ है।

इतिहास विषय में रिजल्ट में मिले अंक-

मेरिट से इस तरह जाता है अनारक्षित का पद

मध्यप्रदेश में फिलहाल ओबीसी को 27 फीसदी, एसटी को 20 फीसदी, एससी को 16 फीसदी और ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। यानी कुल मिलाकर 73 फीसदी पद आरक्षित श्रेणी में आते हैं।

हालांकि ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण को लेकर मामला कोर्ट में चल रहा है। इसलिए सरकार अभी 13 फीसदी ओबीसी आरक्षण लागू कर रही है, जबकि बाकी 13 फीसदी पदों का रिजल्ट फिलहाल प्रोविजनल रखा जाता है।

बाकी बचे 27 फीसदी पद अनारक्षित यानी सामान्य कैटेगरी के होते हैं। इन पदों पर चयन सिर्फ मेरिट के आधार पर होता है। यानी जिस उम्मीदवार के सबसे ज्यादा अंक होते हैं, वह अनारक्षित पद पर चयनित हो सकता है। इसके लिए यह जरूरी नहीं है कि वह सामान्य वर्ग से ही हो। यदि किसी आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार ने बिना आरक्षण का लाभ लिए मेरिट में जगह बनाई है, तो उसे अनारक्षित सीट पर शामिल किया जाता है।

ऐसे में उस उम्मीदवार की मूल कैटेगरी की एक सीट खाली हो जाती है और वह सीट उसी वर्ग के दूसरे उम्मीदवार को मेरिट के आधार पर मिल जाती है।

मेरिट सूची-

ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी से ये खुश नहीं

अभी लगातार रिजल्ट्स में देखने में आ रहा है कि अनारक्षित कैटेगरी के पदों में कैटेगरी वाले उम्मीदवार मेरिट से आ रहे हैं। इसमें भी सर्वाधिक ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वाले होते हैं। हालांकि ईडब्ल्यूएस भी सामान्य वर्ग के लिए ही लागू है, जो गरीब उम्मीदवारों के लिए 10 फीसदी लागू है।

वहीं, इससे सामान्य वर्ग की संख्या हर रिजल्ट में लगातार घट रही है। इसके चलते अब सामान्य वर्ग की आपत्ति 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर उठ रही है। साथ ही, वे हाईकोर्ट में यह बात रख रहे हैं कि उनके लिए अनारक्षित में भी पद नहीं बचते हैं।

पद की संख्या

इंटरव्यू के अंक से भी नाराजगी

वहीं एक बार फिर पीएससी के इंटरव्यू में अंकों के भेदभाव वाली बात उठी है। हालांकि टॉपर को लिखित परीक्षा में सर्वाधिक अंक आए हैं। साथ ही, इंटरव्यू में भी 100 में से 84 अंक मिले हैं। वहीं टॉप टू रैंक वाले को लिखित में अधिक अंक हैं और इंटरव्यू में 74 अंक मिले हैं। वहीं, ऐसे कई उम्मीदवार हैं जिनके लिखित में अच्छे अंक थे, लेकिन इंटरव्यू में काफी कम अंक मिले। लिखित परीक्षा 800 अंक की और इंटरव्यू 100 अंक का था।

  • टॉपर को लिखित में 684 अंक, इंटरव्यू में 84 अंक

  • टॉप टू रैंक वाले को लिखित में 648 और इंटरव्यू में 74 अंक

  • वहीं लिखित परीक्षा में 660 अंक लाने वाले को केवल 18 अंक। इसी तरह एक 652 अंक लाने वाले को केवल 44 अंक। एक अन्य उम्मीदवार के 648 अंक लिखित में और इंटरव्यू में केवल 38 अंक। एक अन्य उम्मीदवार को लिखित में 632 लेकिन इंटरव्यू में केवल 25 अंक मिले हैं।

  • वहीं जिस उम्मीदवार के लिखित में 548 अंक हैं, उसे इंटरव्यू में सर्वाधिक 92 अंक। इसी तरह 468 अंक वाले को दूसरे सर्वाधिक 91 अंक। इसी तरह 524 अंक वाले को भी 91 अंक, 608 व 588 अंक लाने वाले को 90-90 अंक इंटरव्यू में मिले हैं।

  • इस संबंध में उम्मीदवार पहले भी कह चुके हैं कि इंटरव्यू के अंक कम होने चाहिए। इसमें अंकों में अधिक अंतर होने से उम्मीदवार लिखित में अधिक अंक लाने के बाद भी चयन में पिछड़ जाता है। वह या तो मेरिट से ही बाहर हो जाता है या फिर बड़े पद की जगह निचले पद पर आ जाता है।

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