पांच पाइंट में समझें पूरी खबर
- प्रेम प्रसंग: मुरैना के भूपेंद्र धाकड़ और दतिया की राधा चौबे एक-दूसरे से प्यार करते थे।
- पारिवारिक विरोध: दोनों अलग-अलग जाति के थे, इसलिए उनके घर वाले इस शादी के खिलाफ थे।
- मंदिर में शादी: कोई रास्ता न देख, दोनों ने नूराबाद के एक मंदिर में सात फेरे लिए।
- खौफनाक कदम: शादी के बाद दोनों ने तौलिए से हाथ बांधकर साक नदी में छलांग लगा दी।
- शव बरामद: स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ ने दोनों के शव नदी से निकाले।
रतन मिश्रा@ग्वालियर. यह कहानी मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की है। यहां प्यार का बेहद खौफनाक अंत देखने को मिला। समाज की खोखली दीवारों ने फिर दो जान ले ली। इस घटना ने पूरे चंबल इलाके को हिलाकर रख दिया।
नूराबाद इलाके में सोमवार को एक खौफनाक मंजर दिखा। सोमवार दोपहर साक नदी के नए पुल पर हलचल तेज थी। तभी एक प्रेमी जोड़े ने वहां से छलांग लगा दी। उन्होंने पहले आपस में अपने हाथ कसकर बांधे थे। जब तक लोग कुछ समझ पाते दोनों डूब चुके थे।
मंदिर में रचाई शादी, फिर मौत को लगाया गले
इस खौफनाक कदम को उठाने से पहले दोनों मंदिर गए। युवक की पहचान भूपेंद्र धाकड़ के रूप में हुई। उसकी उम्र सत्ताईस साल थी और वह कैलारस का था। युवती का नाम राधा चौबे था जो दतिया की थी।
दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। वे समाज के डर के बिना साथ जीना चाहते थे। उन्होंने नूराबाद के एक मंदिर में भगवान को साक्षी माना।
सुधाकर चतुर्वेदी, सहायक उप निरीक्षक के अनुसार मौके पर मौजूल मछली पकड़ने वालों ने बताया कि, सबसे पहले दोनों युवक युवती पुल के पास मौजूद माता के मंदिर में गए। वहां उन्होंने युवती की मांग भरी। काफी देर तक बैठे रहे। उसके बाद पुल पर आए और साफी से एक दूसरे का हाथ बांधकर नदी में छलांग लगा दी।
बुलेट छोड़ मौत के सफर पर निकल पड़े दोनों
शादी की रस्में पूरी करने के बाद वे बाहर आए। वे अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर पुल तक पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ी नूराबाद के पुराने पुल पर खड़ी की। इसके बाद दोनों पैदल चलकर नए पुल की तरफ बढ़े।
उन्होंने एक तौलिए से अपने हाथों को आपस में बांधा। इसके बाद दोनों ने साक नदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी।
चश्मदीदों ने दी पुलिस को सूचना, SDRF ने निकाले शव
वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने यह खौफनाक मंजर देखा। उन्होंने तुरंत बिना वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस को फोन किया। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू टीम बुलाई गई।
एसडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने दोनों शवों को ढूंढा। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
अंतरजातीय विवाह के खिलाफ था दोनों का परिवार
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। भूपेंद्र धाकड़ और राधा चौबे अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखते थे। दोनों के परिवार वाले इस अंतरजातीय विवाह के सख्त खिलाफ थे।
बड़े-बड़े दावों और सरकारी विज्ञापनों में भले ही समाज बदल रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत आज भी बेहद क्रूर और डरावनी है। अपनों की बेरुखी देखकर दोनों ने मौत का रास्ता चुन लिया। चंबल की साक नदी इन दो प्रेमियों की मूक गवाह बन गई।
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