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NEET पर बहस से पीछे क्यों हटी सरकार? सदन में टकराव, विपक्ष का वॉकआउट

NEET पर बहस से पीछे क्यों हटी सरकार? सदन में टकराव, विपक्ष का वॉकआउट

द सूत्र 2 months ago

समझें क्या है पूरा मामला

  • कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा सदन पहुंचे।
  • NEET पर स्थगन प्रस्ताव लाया, लेकिन अध्यक्ष ने ठुकराया।
  • विपक्ष ने नारेबाजी के बाद सदन से वॉकआउट किया।
  • उमंग सिंघार ने सरकार पर युवा मुद्दों से बचने का आरोप लगाया।
  • ई-अटेंडेंस की सुरक्षा पर सवाल उठे, सरकार ने सिस्टम सुरक्षित बताया।

मानसून सत्र का तीसरा दिन

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर सियासी संघर्ष का मंच बन गया। NEET पेपर लीक को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। लेकिन स्थगन प्रस्ताव खारिज होने के बाद सदन में तीखा हंगामा हुआ। विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं के सबसे बड़े सवाल पर चर्चा से बच रही है, जबकि सरकार का कहना है कि मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

NEET बना सबसे बड़ा सियासी मुद्दा

विधानसभा शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि NEET विवाद से प्रदेश के छात्र भी प्रभावित हुए हैं, इसलिए इस पर सदन में खुली चर्चा जरूरी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सिर्फ बजट पेश करना पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि सरकार युवाओं और आम जनता के मुद्दों पर कितनी जवाबदेह है।

स्थगन प्रस्ताव पर बढ़ा विवाद

विपक्ष ने NEET पर स्थगन प्रस्ताव रखा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का नहीं है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सदन से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे सरकार की जवाबदेही से बचने की रणनीति बताया।

ई-अटेंडेंस पर भी घिरी सरकार

कांग्रेस विधायक सुनील उइके ने ई-अटेंडेंस सिस्टम की विश्वसनीयता और डेटा सुरक्षा पर सवाल उठाए। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में सिस्टम सफलतापूर्वक चल रहा है। केवल कुछ इलाकों में नेटवर्क की समस्या है और डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।
विपक्ष ने इस बार विधानसभा में सिर्फ विरोध नहीं किया, बल्कि युवाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता को एक साथ जोड़कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। अब राजनीतिक बहस इस बात पर केंद्रित है कि क्या शिक्षा जैसे बड़े मुद्दों पर सदन में अलग से चर्चा होनी चाहिए।

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