MP NEET UG 2026: मध्यप्रदेश में आज 03 मई को नीट-यूजी 2026 परीक्षा होने वाली है। इसे लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। पुलिस आरक्षक भर्ती में पूर्व में हुई गड़बड़ियों से सबक लेते हुए, इस बार मध्यप्रदेश पुलिस ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए हैं कि चूक की कोई गुंजाइश न रहे।
03 मई को आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए सबसे अहम चरण परीक्षा से ठीक 72 घंटे पहले शुरू होगा। इस दौरान प्रदेश के बड़े अधिकारी कागजी कार्रवाई से निकलकर सीधे जमीनी स्तर पर उतरेंगे।
डीजीपी कैलाश मकवाना ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी खुद केंद्रों का दौरा करेंगे और 'सिक्योरिटी ऑडिट' (Security Audit) की जांच करेंगे।
72 घंटे का 'सिक्योरिटी ऑडिट' प्लान: क्या होगा खास?
मध्यप्रदेश के 30 शहरों में 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 1.18 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे। इन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए 5-स्तरीय ऑडिट प्लान (5-Level Audit Plan) तैयार किया गया है।
सेंटर्स का फिजिकल वेरिफिकेशन
अधिकारी केंद्रों पर पहुंचकर प्रवेश और निकास बिंदुओं (Entry-Exit Points) की सघन जांच करेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था और केंद्र के आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।
स्ट्रॉन्ग रूम की कड़ी सुरक्षा
प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने वाले स्ट्रॉन्ग रूम्स में डबल लॉक सिस्टम (Double Lock System) और पुलिस गार्डों की 24x7 तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। यहां लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्य स्थिति की भी बारीकी से जांच होगी।
रूट और ट्रांसपोर्ट का ट्रायल
प्रश्नपत्रों को लाने और ले जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले मार्गों का 'फिजिकल चेकिंग' किया जाएगा। यदि किसी मार्ग पर समस्या आती है, तो इसके लिए एक ऑप्शनल रास्ता या 'कंटिंजेंसी प्लान' (Contingency Plan) भी तैयार रखा गया है।
पुलिस बल की तैनाती का रिव्यू
संवेदनशील और हाई-रिस्क परीक्षा केंद्रों (High-Risk Centers) की पहचान पहले ही की जा चुकी है। इन केंद्रों पर स्थानीय पुलिस के अलावा अतिरिक्त बल और लोकल इंटेलिजेंस की टीम तैनात रहेगी।
टेक्नोलॉजी और सर्विलांस
कंट्रोल रूम से सीसीटीवी लाइव फीड की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा, वायरलेस और नेटवर्क जैसे कम्युनिकेशन सिस्टम की भी टेस्टिंग की जाएगी ताकि इमरजेंसी में जानकारी तुरंत मिल सके।
चंबल बेल्ट और बॉर्डर पर खास नजर
नकल गिरोहों और बाहरी संदिग्ध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चंबल रेंज (Chambal Range) और सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन इलाकों में स्थानीय पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार के 'सॉल्वर गैंग' या पेपर लीक गिरोह की कोशिशों को नाकाम किया जा सके।
उम्मीदवारों के लिए सुझाव
प्रशासनिक कड़ाई के बीच उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी ड्रेस कोड और नियमों का सख्ती से पालन करें। सुरक्षा जांच (Security Screening) में सहयोग करें ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
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