मध्यप्रदेश में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। नीट मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की मेडिकल फीस में एक-तिहाई तक कमी होने की संभावना है। वर्ष 2026 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
इससे मेरिट स्टूडेंट्स को ज्यादा सीट और कम फीस, दोनों का फायदा मिल सकेगा। मैनेजमेंट कोटे के एडमिशन भी अब नीट मेरिट पर आधारित राज्य सरकार की काउंसलिंग से ही होंगे।
मेरिट स्टूडेंट्स को मिलेगी सस्ती फीस
प्रदेश में नीट मेरिट में स्थान पाने वाले मेधावी छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा सस्ती होने जा रही है। मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की फीस में करीब एक-तिहाई की कमी होने के आसार हैं। इसके साथ ही सीट संख्या बढ़ने से नीट परीक्षा में मेरिट हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को सरकारी और निजी, दोनों तरह के मेडिकल कॉलेजों में ज्यादा संख्या में एडमिशन मिल सकेगा।
इस तरह मेरिट में आए नीट एस्पिरेंट को बढ़ी हुई सीट संख्या और कम फीस, दोनों का दोहरा लाभ मिलेगा। मैनेजमेंट कोटे के तहत होने वाले एडमिशन भी अब नीट मेरिट के आधार पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित काउंसलिंग के जरिए ही होंगे।
2023 की तुलना में 2026 में बढ़ीं सीटें
मध्यप्रदेश में वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में मेडिकल कॉलेजों की सीट संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2023 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 4675 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें सरकारी कॉलेजों में 2275 और निजी कॉलेजों में 2400 सीटें शामिल थीं। इनमें से मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4315 सीटें तय की गई थीं। इसमें सरकारी कॉलेजों की 2215 और निजी कॉलेजों की 2040 सीटें शामिल थीं।
2026 में मेडिकल सीटों की कुल संख्या
वर्ष 2026 में इन सीटों में बढ़ोतरी की गई है। अब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध सीटें 6020 हो गई हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों में 3020 और निजी कॉलेजों में 3000 सीटें शामिल हैं। इस तरह वर्ष 2026 में मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4520 सीटें उपलब्ध रखी गई हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों की सभी 3020 सीटें और निजी कॉलेजों की 1500 सीटें मेरिट विद्यार्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि सरकारी कॉलेजों की सभी सीटें मेरिट विद्यार्थियों के लिए रखी गई हैं। वहीं निजी कॉलेजों की कुल 3000 सीटों में से आधी यानी 1500 सीटें ही मेरिट स्टूडेंट्स के लिए निर्धारित की गई हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को राहत
मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी और फीस में संभावित कमी का यह कदम उन छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, जो आर्थिक कारणों से मेडिकल की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते हैं। इस व्यवस्था के प्रभावी रूप से लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा पहले से ज्यादा सुलभ और प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा।
FAQ
Q. मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की फीस में कितनी कमी हो सकती है? A. नीट मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की फीस में करीब एक-तिहाई की कमी होने के आसार हैं। यह लाभ खासतौर पर मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगा। इससे मेडिकल शिक्षा और सुलभ हो सकेगी। Q. वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में कुल कितनी सीटें हैं? A. वर्ष 2026 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 6020 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों में 3020 और निजी कॉलेजों में 3000 सीटें शामिल हैं। यह वर्ष 2023 के मुकाबले काफी अधिक है। Q. मैनेजमेंट कोटे के तहत एडमिशन कैसे होगा? A. मैनेजमेंट कोटे के तहत स्टूडेंट्स का एडमिशन नीट मेरिट के आधार पर होगा। यह प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा आयोजित काउंसलिंग के माध्यम से पूरी होगी। इससे एडमिशन प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
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