भोपाल के सुखीसेवनिया इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। न्याय के इस बड़े फैसले ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। अदालत ने रिश्तों को तार-तार करने वाले आरोपी को बहुत सख्त सजा सुनाई है।
मासूम बच्ची के साथ दो साल तक दरिंदगी करने वाले फूफा को सजा मिली है। अदालत ने आरोपी फूफा को तीन अलग-अलग धाराओं में तीन बार उम्रकैद की सजा सुनाई है।
कोरोना काल की आड़ में खेला घिनौना खेल
जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी के खौफ में थी, तब यह बच्ची अपनों के ही बीच दरिंदगी का शिकार बन रही थी। बच्ची के माता-पिता और उसकी दादी की पहले ही मौत हो चुकी थी। अनाथ होने के बाद उसकी बुआ और फूफा उसे अपने घर ले आए थे।
बुआ जब भी काम के सिलसिले में घर से बाहर जाती थी, फूफा बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाता था। आरोपी फूफा मासूम को जान से मारने और घर से निकालने की धमकी देता था। बच्ची इस धमकी से बुरी तरह डर गई और दो साल तक सब कुछ चुपचाप सहती रही।
सहेली की मदद से सामने आई सच्चाई
मासूम बच्ची लंबे समय तक अत्याचार सहने के कारण शारीरिक रूप से काफी बीमार रहने लगी। दर्द जब बर्दाश्त से बाहर हो गया, तब उसने अपनी सहेली को सारी बात बताई। सहेली की सलाह पर बच्ची ने अपनी बुआ को भी फूफा की करतूतों की जानकारी दी।
इसके बावजूद भी आरोपी फूफा अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और अत्याचार करता रहा। आखिर में एसओएस संस्था की एक जागरूक कार्यकर्ता ने बच्ची का दर्द समझा और पुलिस से शिकायत की। सुखीसेवनिया थाना पुलिस ने साल 2022 में मामला दर्ज करके आरोपी फूफा को गिरफ्तार कर लिया।
पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 3 बार उम्रकैद की सजा
विशेष पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला ने अदालत में पीड़िता का पक्ष मजबूती से पेश किया। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दे दिया।
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी फूफा को तीन बार सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि ऐसे घिनौने अपराध के लिए समाज में कोई माफी नहीं हो सकती।
पीड़िता के भविष्य के लिए 5 लाख रुपए के मुआवजे का आदेश
पीड़िता फिलहाल एसओएस बाल ग्राम संस्था में रहकर पढ़ाई कर रही है और अपनी नई जिंदगी शुरू कर रही है। अदालत ने उसके सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए बड़ा आदेश दिया है।
कोर्ट ने आरोपी को पीड़िता को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह फैसला समाज में यह कड़ा संदेश देता है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
महाकाल भक्तों के लिए खुशखबरी, भोपाल से उज्जैन के लिए तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनें शुरू
भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत, अब नॉर्मल किराए में मिलेगा प्रीमियम सफर
भोपाल के बड़े तलाब क्षेत्र पर विधायक, अफसर और करोबारी का कब्जा, निगम रिपोर्ट ने खोली पोल
भोपाल में बालकनी से कचरा फेंका तो लगेगा जुर्माना, नगर निगम भेजेगा नोटिस

