ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (pm surya ghar yojana) में राज्य को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। केंद्र सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ का चयन किया है।
इससे ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की साख बढ़ी है। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने यह सम्मान दिया है। "मंथ ऑफ सोलर" अभियान में छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन किया। राज्य को "सर्वाधिक वेंडर पंजीयन" श्रेणी में दूसरा स्थान मिला। इसके लिए पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार दिया जाएगा।
मुख्य सचिव दिल्लीआमंत्रित
इस उपलब्धि की आधिकारिक सूचना केंद्र सरकार ने भेजी है। मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने पत्र लिखा है। मुख्य सचिव विकास शील को आमंत्रित किया गया है। उन्हें नई दिल्ली में पुरस्कार ग्रहण करना है। यह सम्मान 4 जून को दिया जाएगा।
दिल्ली में सजेगा राष्ट्रीय मंच
नई दिल्ली में बड़ा कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम का नाम है- "प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के दो वर्ष, एक करोड़ सौर छतों की ओर बढ़ता भारत"। इसी मंच पर छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया जाएगा। देशभर के राज्यों की मौजूदगी रहेगी। लेकिन नजरें छत्तीसगढ़ पर होंगी।
सीएम बोले- यह जनता की जीत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी जताई है। उन्होंने इसे प्रदेश का गौरव बताया। कहा कि यह उपलब्धि जनभागीदारी का परिणाम है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का असर दिख रहा है। जनता ने योजना को अपनाया है। यही सफलता की सबसे बड़ी वजह है।
टीमवर्क ने दिलाई पहचान
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को बधाई दी। क्रेडा की सराहना की। बिजली वितरण कंपनियों को धन्यवाद दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत को भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि समन्वय से यह उपलब्धि मिली है। इसी वजह से राज्य राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है।
एक महीने में बना रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ ने वेंडर पंजीयन में कमाल किया। "मंथ ऑफ सोलर" अभियान के दौरान बड़ा रिकॉर्ड बना। सिर्फ एक महीने में 86 नए वेंडर जुड़े। इस प्रदर्शन ने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर आगे पहुंचा दिया। कई बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया।
1222 वेंडर, बढ़ती ताकत
राज्य में अब 1222 पंजीकृत वेंडर हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका फायदा आम लोगों को मिल रहा है। सोलर पैनल लगवाना आसान हुआ है। सेवाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों तक नेटवर्क पहुंचा है।
महिलाओं को भी मिला मौका
इस योजना की एक खास बात है। महिला स्व-सहायता समूहों को भी वेंडर बनाया गया है। इससे महिलाओं को रोजगार मिला है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। सोलर मिशन को नई ताकत मिली है।
बिजली बिल हुआ ‘जीरो’
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लक्ष्य साफ है। हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाना है। बिजली बिल का बोझ घटाना है। हजारों परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। कई घरों का बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच गया है। यही योजना की सबसे बड़ी सफलता है।
करोड़ों की सब्सिडी सीधे खाते में
योजना में डबल इंजन का असर दिख रहा है। केंद्र सरकार ने 45,978 हितग्राहियों को 353.20 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी है। राशि सीधे खातों में पहुंची है। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा है। आवेदन भी तेजी से बढ़े हैं। सरकार ने भी बड़ा सहयोग दिया है। राज्य सरकार ने 40,910 हितग्राहियों को 122.62 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी है। इससे सोलर इंस्टॉलेशन सस्ता हुआ है। मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिली है।
कोयले से सोलर तक का सफर
छत्तीसगढ़ कोयला उत्पादन के लिए जाना जाता है। अब राज्य सौर ऊर्जा में भी पहचान बना रहा है। यह बदलाव ऊर्जा क्षेत्र की नई तस्वीर दिखाता है। सरकार हरित विकास पर जोर दे रही है। भविष्य की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है।
अब सोलर हब बनने की तैयारी
राष्ट्रीय पुरस्कार ने बड़ा संदेश दिया है। छत्तीसगढ़ सिर्फ भागीदार नहीं, अब दावेदार बन चुका है। नए आवेदन लगातार बढ़ रहे हैं। सोलर पैनल गांवों तक पहुंच रहे हैं। आने वाले वर्षों में राज्य सोलर हब बन सकता है। बिजली का उत्पादन घर-घर होगा। यही हरित छत्तीसगढ़ का नया सपना है।
FAQ
Q. छत्तीसगढ़ को कौन सा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है? A. A. 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत "सर्वाधिक वेंडर पंजीयन" श्रेणी में देश में दूसरा स्थान (उत्कृष्टता पुरस्कार)। Q. छत्तीसगढ़ की ओर से यह अवार्ड कौन प्राप्त करेगा? A. A. राज्य के मुख्य सचिव (CS) विकास शील। Q. "मंथ ऑफ सोलर" अभियान में राज्य ने क्या रिकॉर्ड बनाया? A. A. सिर्फ एक महीने में रिकॉर्ड 86 नए वेंडर जोड़े, जिससे कुल वेंडर्स की संख्या 1,222 हो गई है। Q. योजना के तहत उपभोक्ताओं को कितनी सब्सिडी मिली है? A. A. केंद्र सरकार से 353.20 करोड़ रूपए (45,978 हितग्राही) और राज्य सरकार से 122.62 करोड़ रुपए (40,910 हितग्राही) की अतिरिक्त सब्सिडी।
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