NEWS IN SHORT
- 1089 सीटों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई।
- शपथ पत्र की भाषा से छात्रों में बढ़ा भ्रम।
- NMC के अनुसार एक साल की इंटर्नशिप अनिवार्य।
- 7 मई तक च्वाइस फिलिंग और सीट लॉक।
- दुर्ग और कोरबा में सर्वाधिक सीटें आवंटित की गईं।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चिकित्सा शिक्षा विभाग (DME) ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट छात्रों के लिए इंटर्नशिप ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश के 15 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1089 सीटों पर यह इंटर्नशिप होनी है। जिसके लिए छात्र 7 मई तक च्वाइस फिलिंग कर सकते हैं। लेकिन इस इंटरनशिप को लेकर छात्रों में भ्रम फैला हुआ हैं।
भ्रम की मुख्य वजह
छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति विभाग द्वारा जारी एफिडेविट (शपथ पत्र)के प्रारूप को लेकर है। दरअसल शपथ पत्र में 'इंटर्नशिप' के साथ-साथ क्लीनिकल क्लर्कशिप का भी उल्लेख है। जिसे छात्र समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें भारत में 1 साल की इंटर्नशिप करनी होगी या 2 साल की।
कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पहले दो साल की इंटर्नशिप का नियम था, जिसे लेकर छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल और छात्रों के बीच पहले भी विवाद हो चुका है।
NMC का नया नियम क्या कहता है?
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नवीनतम सर्कुलर ने नियमों में स्पष्टता दी है:
उन्होंने कहा 18 नवंबर 2021 के बाद दाखिला लेने वाले छात्रों को FMGE परीक्षा पास करने के बाद भारत में 1 वर्ष की अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) करनी होगी। वही पुराने आदेश को निरस्त कर दया गया है। ऑनलाइन थ्योरी क्लास के बदले अतिरिक्त समय की जो शर्त थी, उसे अब शिथिल कर दिया गया है। अधिकारी का पक्ष: "इंटर्नशिप पूरी तरह से NMC की गाइडलाइन के अनुसार ही कराई जाएगी। छात्रों को किसी भी तरह के भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है।"— डॉ. यूएस पैकरा, डीएमई
महत्वपूर्ण जानकारी और शुल्क
प्रमुख कॉलेजों में सीटों का गणित
प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में सीटों का आवंटन कुछ इस प्रकार है:
निष्कर्ष
हालांकि छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉलेज में सीटें पर्याप्त हैं, लेकिन तकनीकी शब्दावली और शपथ पत्र की भाषा ने छात्रों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। विभाग को जल्द ही इस पर स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए ताकि छात्र बिना किसी डर के आवेदन कर सकें।
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