विदिशा जिले के बेहलोट गांव में हाल ही में एक किसान गोविंद गुर्जर ने आत्महत्या कर ली। उसके बाद इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी। दरअसल, गोविंद गुर्जर ने आत्महत्या से पहले कुछ वीडियो बनाए थे और उनमें उसने पूर्व कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए थे।
पुलिस ने इन वीडियो के आधार पर शशांक भार्गव के खिलाफ अब भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 108 के तहत केस दर्ज किया है।
किसान ने वीडियो में क्या कहा था?
गोविंद ने आत्महत्या से पहले करीब 5 वीडियो बनाए थे, जिन्हें उसने विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप्स में भेजा था। इनमें से कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच के बेटे को भी भेजे गए थे। इन वीडियो में गोविंद ने आरोप लगाया कि शशांक भार्गव उसे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदिशा के विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने के लिए दबाव बना रहे थे।
गोविंद ने वीडियो में यह भी बताया कि शशांक भार्गव ने उसे धमकाया था। जब उसने इस दबाव को न माना, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। गोविंद का कहना था कि इस दबाव के कारण उसे जान का खतरा था और अंत में उसने आत्महत्या करने का फैसला किया।
क्या है पुलिस की भूमिका?
पुलिस ने गोविंद के वीडियो के आधार पर मामले की गंभीरता को समझते हुए एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की पूरी तरह से जांच करेंगे और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में विदिशा एसपी रोहित केसवानी के अनुसार इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में मिले सबूतों के आधार पर धारा 108 में एफआईआर दर्ज की गई है।
किसान की आत्महत्या के पीछे की राजनीति
इस घटना ने विदिशा की राजनीति को गरमा दिया है। पूर्व विधायक शशांक भार्गव के खिलाफ आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे सत्ता के दबाव में की जा रही कार्रवाई करार दिया है और दोषियों को सजा दिलवाने की मांग की है।
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