Raipur. रायपुर शहर में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकाले गए जुलूस को तय समय पर खत्म नहीं करने के मामले में पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जुलूस करीब 2 घंटे देरी तक चलता रहा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
इस कार्रवाई की पुष्टि हालिया रिपोर्ट में भी की गई है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जुलूस निकालने के लिए आयोजकों को समय की पाबंदी के साथ अनुमति दी गई थी। नगर निवेशक/प्रशासन की ओर से जुलूस को सुबह 9 बजे तक समाप्त करने की शर्त रखी गई थी।
लेकिन जुलूस तय समय पर खत्म नहीं हुआ और करीब 11 बजे तक चलता रहा। इसके कारण शहर की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने क्यों दर्ज की FIR?
जुलूस के लिए प्रशासन की ओर से तय शर्तों का पालन नहीं होने को पुलिस ने गंभीरता से लिया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए निर्धारित नियम और समय-सीमा का पालन करना जरूरी है।
पहले से जारी था अनुमति संबंधी आदेश
रिपोर्ट में बताया गया है कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था जनवरी 2026 में लागू होने के बाद जुलूस और रैली को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। 25 फरवरी को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला की ओर से रैली-जुलूस के लिए जयस्तंभ चौक और जीई रोड को प्रतिबंधित मार्ग बताया गया था।
इसके बावजूद किसी भी कार्यक्रम से पहले आयोजकों को निर्धारित रूट, समय और अन्य शर्तों के साथ नगर निवेशक से अनुमति लेना जरूरी बताया गया है।
नियम क्या कहते हैं?
पुलिस के मुताबिक, किसी विशेष दिन रैली या जुलूस निकालने के लिए संबंधित आयोजक को पहले अनुमति लेनी होती है। अनुमति में रूट, समय और दूसरी शर्तें तय की जाती हैं।
अगर आयोजन के दौरान इन शर्तों का उल्लंघन होता है, तो जिस संस्था या आयोजक के नाम पर अनुमति ली गई है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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