समझें क्या है पूरा मामला
नवा रायपुर नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद बना हुआ है। हाउसिंग बोर्ड ने अपना पक्ष रखते हुए दस्तावेजों के साथ दावा किया है। बोर्ड के अनुसार गांव के 77 लोगों ने 15 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर रखा था।
यह कार्रवाई साल 2020 में शुरू हुई थी। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। इस मामले में अब कांग्रेस की जांच समिति भी सक्रिय हो गई है। समिति आज कलेक्टर से मुलाकात करेगी।
कब कितनी जमीन पर था कब्जा
हाउसिंग बोर्ड के दस्तावेजों के अनुसार साल 2021 के राजस्व रिकॉर्ड में करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में ही अतिक्रमण दर्ज था। उस समय यह सिर्फ कच्चे मकान और बाड़ी के रूप में मौजूद था।
बोर्ड का दावा है कि साल 2023 के बाद इसी जमीन पर बड़े पैमाने पर पक्के निर्माण होने लगे। इस तरह कब्जा बढ़कर करीब 15 हेक्टेयर तक पहुंच गया।
कितने लोगों पर कितनी जमीन का कब्जा
बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक अलग-अलग आकार की जमीन पर कब्जा दर्ज किया गया है। कुछ लोगों के पास 1000 वर्गफीट तो कुछ के पास 10 हजार वर्गफीट से ज्यादा जमीन पर कब्जा बताया गया है।
बोर्ड के अनुसार 44 ऐसे कब्जाधारी हैं, जिनके गांव में पहले से ही मकान मौजूद हैं। वहीं कुछ परिवारों के पास खुद का कोई मकान नहीं है, तो कुछ की बेटी-दामाद अन्यत्र मकान में रहते हैं।
2020 से 2023 तक क्या-क्या हुआ
हाउसिंग बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया की टाइमलाइन जारी की है। सितंबर 2020 में बोर्ड ने नकटी गांव में आवासीय योजना के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा था।
जनवरी 2021 तक इसका विज्ञापन जारी रहा, लेकिन कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई। जून 2021 के प्रतिवेदन में करीब 3 हेक्टेयर में कब्जे का उल्लेख किया गया। फरवरी 2022 में बोर्ड ने आवंटन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
बोर्ड का दावा है कि साल 2023 में भूमि आवंटन की जानकारी सामने आने के बाद ही अतिक्रमण तेजी से बढ़ा। यह बढ़कर करीब 15 हेक्टेयर तक पहुंच गया।
सांसद ने भी लिखा था पत्र
जून 2025 में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने सुझाव दिया था कि ग्रामीणों के मकान छोड़कर बाकी जमीन पर विधायक आवास बनाए जा सकते हैं। इस सुझाव के बाद भी मामला विवादों में बना रहा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर बहस जारी रही।
कांग्रेस समिति की सक्रियता
प्रदेश कांग्रेस की 12 सदस्यीय जांच समिति की बैठक पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू की अध्यक्षता में हुई। समिति आज सुबह 11 बजे प्रभावित परिवारों के साथ कलेक्टर से मुलाकात करेगी। समिति की मांग है कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास और मुआवजा दिया जाए। साथ ही उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण भी वापस लिए जाएं।
आगे क्या हो सकता है
हाउसिंग बोर्ड के दावों और ग्रामीणों की स्थिति को लेकर मामला अभी सुलझा नहीं है। कलेक्टर से मुलाकात के बाद यह साफ हो सकेगा कि प्रशासन आगे क्या रुख अपनाता है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावे सामने हैं और अंतिम फैसला प्रशासनिक स्तर पर होना बाकी है।
FAQ
Q. नकटी गांव अतिक्रमण मामला क्या है? A. हाउसिंग बोर्ड का दावा है कि नकटी गांव में 77 लोगों ने 15 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जा किया था। यह जमीन आवासीय योजना के लिए प्रस्तावित थी। मामला अब विवादों में है। Q. हाउसिंग बोर्ड की भूमिका क्या होती है? A. हाउसिंग बोर्ड सरकारी आवासीय योजनाओं के निर्माण और भूमि आवंटन का काम देखता है। यह राज्य सरकार के अधीन काम करने वाली एक संस्था है। यह जमीन अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने जैसे मामलों में भी शामिल रहता है। Q. हेक्टेयर किसे कहते हैं? A. हेक्टेयर भूमि मापने की एक इकाई है। एक हेक्टेयर लगभग 10,000 वर्गमीटर के बराबर होता है। भारत में बड़ी भूमि का माप अक्सर हेक्टेयर में ही किया जाता है।
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