News In Short
शाजापुर कलेक्टर IAS ऋजु बाफना और जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के बीच विवाद चर्चा में है।
नरसिंहपुर में भी आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने बाफना के खिलाफ अभद्र व्यवहार की लिखित शिकायत की थी।
आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव ने बाफना की कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा था।
शाजापुर में कलेक्टर ने रंगशाही का प्रभार अधीनस्थ को दिया, फिर उन्हें निलंबित कराया।
हाईकोर्ट इंदौर ने निलंबन आदेश पर स्टे देते हुए कलेक्टर की मंशा पर सवाल उठाए।
News In Detail
आबकारी विभाग से पुराना पंगा
शाजापुर कलेक्टर और 2014 बैच की आईएएस ऋजु बाफना इन दिनों विवादों में हैं। जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के मामले में हाईकोर्ट इंदौर ने उनके आदेश पर कड़ी टिप्पणी की।
रंगशाही को हाईकोर्ट ने बहाल भी कर दिया, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब बाफना का आबकारी विभाग से टकराव हुआ हो। द सूत्र ने इस पूरे विवाद का खुलासा किया था। अब एक और पुरानी परत सामने आई है।
नरसिंहपुर में भी यही हुआ था
जब बाफना नरसिंहपुर की कलेक्टर थीं, तब भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। नरसिंहपुर में उनकी पोस्टिंग नवंबर 2022 से जनवरी 2024 तक रही। उस दौरान जिले की आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने उनके खिलाफ विभाग को लिखित शिकायत भेजी थी।
6 दिसंबर 2023 को दीक्षित ने तत्कालीन आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव को दो पन्नों का पत्र लिखा। इसमें बाफना के व्यवहार की गंभीर शिकायत थी। दीक्षित ने लिखा कि जब वह ज्वाइन करने के लिए कलेक्टर के चेंबर पहुंची तो बाफना ने अभद्र भाषा में कहा कि तुम वसूली करने आई हो, तुम्हारा पूरा विभाग चोर है, निकलो मेरे चेंबर से।
दीक्षित ने पत्र में यह भी लिखा कि पहले एक उपनिरीक्षक को भी इसी तरह निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने आबकारी आयुक्त से कलेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
आबकारी आयुक्त ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
मंदाकिनी दीक्षित की शिकायत के बाद एक और मामला सामने आया। नरसिंहपुर के आबकारी उपनिरीक्षक संजीव जैन को कलेक्टर बाफना ने मई 2023 में निलंबित कर दिया था। विभाग ने इसे गलत माना और जैन को बहाल कर उनकी नई पदस्थापना की। हालांकि बाफना ने इसके बाद भी पीछा नहीं छोड़ा। उन्होंने तीन महीने की बैक डेट में 17 अगस्त 2023 की तारीख से जैन के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी।
इस मामले पर 2007 बैच के IAS और तत्कालीन आबकारी आयुक्त ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने 3 जनवरी 2024 को प्रमुख सचिव को पत्र लिखा। पत्र में श्रीवास्तव ने लिखा कि कलेक्टर विभाग के नियम मानने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यालय के आदेश को कलेक्टर ने अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। उनका यह रवैया अगले साल के आबकारी ठेकों पर असर डाल सकता है। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के जरिए कलेक्टर को निर्देश देने की सिफारिश की।
आबकारी आयुक्त का पत्रशाजापुर में क्या हुआ रंगशाही के साथ
बाफना जनवरी 2024 से शाजापुर की कलेक्टर हैं। सितंबर-अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हेलिकॉप्टर में फूड बास्केट न रखे जाने पर वह नाराज हुईं। इसके लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद रंगशाही पर आरोप लगाए गए कि वह बैठकों और जनसुनवाई में नहीं आते और फोन पर जवाब नहीं देते।
जनवरी 2026 में रंगशाही का प्रभार उनकी अधीनस्थ निमिषा परमार को दे दिया गया। साथ ही प्रमुख सचिव, आबकारी आयुक्त और संभागायुक्त उज्जैन को रंगशाही पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया। संभागायुक्त आशीष सिंह ने 16 फरवरी 2026 को रंगशाही को निलंबित कर दिया।
आबकारी अधिकारी मंदाकिनी का पत्रहाईकोर्ट ने लगाया स्टे, उठाए सवाल
रंगशाही हाईकोर्ट इंदौर पहुंचे। 16 मार्च 2026 को हाईकोर्ट ने संभागायुक्त और कलेक्टर दोनों के आदेश पर स्टे लगा दिया। साथ ही रंगशाही को फिर से जिला आबकारी अधिकारी का जिम्मा सौंप दिया।
हाईकोर्ट ने आदेशों की टाइमलाइन देखकर कलेक्टर की मंशा पर सवाल खड़े किए। अदालत ने कहा कि कलेक्टर ने संभागायुक्त के निलंबन आदेश से पहले ही रंगशाही का प्रभार किसी और को दे दिया था। इससे साफ लगता है कि वह पहले ही अपना मन बना चुकी थीं। इसी आधार पर आदेश को स्टे किया गया।
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