समझें क्या है पूरा मामला...
- 6846 शिक्षकों को मिलेगा चौथा क्रमोन्नत वेतनमान।
- जनजातीय विभाग में 10 हजार नई शिक्षक भर्तियां होंगी।
- 35 साल की सेवा पर मिलेगा बड़ा वेतन लाभ, जानिए पूरा गणित।
- पदोन्नति नहीं मिलने पर कर्मचारियों को नहीं होगा नुकसान।
- क्रमोन्नति का यह लाभ पहले तीन बार ही मिलता था।
मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। एमपी जनजातीय कार्य विभाग के 6846 शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा। यह लाभ 35 साल की सेवा पूरी करने पर मिलेगा। साथ ही 10 हजार नई शिक्षक भर्तियां भी होंगी। किसानों के लिए कवच योजना भी लाई जा रही है।
क्रमोन्नत वेतनमान आखिर है क्या
सरकारी नौकरी में समय पर पदोन्नति नहीं मिलने पर कर्मचारियों को नुकसान होता है। इसी नुकसान की भरपाई के लिए क्रमोन्नत वेतनमान की व्यवस्था बनाई गई है। इसे टाइम स्केल प्रमोशन भी कहा जाता है।
इसमें कर्मचारी को पद पर बने रहते हुए भी ऊंचा वेतनमान दिया जाता है। पदोन्नति न मिलने पर भी वेतन बढ़ता रहता है। यह सुविधा तय समय सीमा पूरी करने पर मिलती है।
आमतौर पर यह लाभ तीन बार मिलता है। पहला 10 साल पर, दूसरा 20 साल पर और तीसरा 30 साल की सेवा पर। जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के लिए अब चौथा चरण भी जोड़ा गया है। यह 35 साल की सेवा पूरी करने पर मिलेगा।
किन शिक्षकों को मिलेगा फायदा
यह लाभ जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों को मिलेगा। इसमें सहायक शिक्षक और उच्च श्रेणी शिक्षक शामिल हैं। नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक भी इसमें आएंगे।
यह वेतनमान 1 जुलाई 2023 या इसके बाद की तारीख से लागू होगा। शर्त यह है कि शिक्षक ने 35 साल की सेवा पूरी कर ली हो। कुल 6846 शिक्षकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
वेतनमान का गणित कैसे समझें
क्रमोन्नत वेतनमान का सीधा मतलब है अगले वेतन स्तर पर जाना। सातवें वेतन आयोग के तहत हर पद का एक तय वेतन मैट्रिक्स लेवल होता है। उदाहरण के लिए, माध्यमिक शिक्षक जैसे पदों के लिए सातवें वेतनमान में मैट्रिक्स लेवल-8 तय है, जिसमें न्यूनतम वेतन 32,800 रुपए है और वेतनमान 32,800 से 103,600 रुपए के बीच है।
क्रमोन्नत वेतनमान मिलने पर कर्मचारी को इसी मैट्रिक्स में अगले ऊंचे लेवल पर शिफ्ट किया जाता है। इससे बेसिक पे बढ़ती है। बेसिक पे बढ़ने पर महंगाई भत्ता, मकान भत्ता जैसे बाकी भत्ते भी बढ़ जाते हैं। कुल मिलाकर हाथ में आने वाली सैलरी में अच्छा-खासा इजाफा होता है।
हर क्रमोन्नति पर आमतौर पर एक वेतन वृद्धि (increment) के बराबर लाभ जोड़ते हुए अगले लेवल पर पहुंचाया जाता है। सटीक रकम हर शिक्षक की मौजूदा बेसिक पे और सेवा अवधि पर निर्भर करती है। इसलिए हर शिक्षक के लिए अलग-अलग शिक्षकों की अंतिम राशि अलग हो सकती है। विभाग जल्द ही इसका विस्तृत आदेश और गणना पत्रक जारी कर सकता है।
एरियर और वेतन गणना को ऐसे समझें
चौथा क्रमोन्नत वेतनमान मंजूर होने का मतलब सिर्फ आगे से ज्यादा सैलरी नहीं है। इसके साथ पुराने महीनों का बकाया पैसा भी मिलता है। इसी बकाया पैसे को एरियर कहते हैं।
एरियर बनता कैसे है
कैबिनेट ने चौथा क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2023 या उसके बाद की तारीख से लागू करने का फैसला लिया है। यानी जिस शिक्षक ने उस तारीख को या उसके बाद 35 साल की सेवा पूरी की, उसे उसी दिन से नया वेतनमान माना जाएगा।
लेकिन आदेश अब जारी हो रहा है। इसलिए बीच के महीनों की पुरानी सैलरी और नई (बढ़ी हुई) सैलरी के बीच का अंतर जोड़कर शिक्षक को एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। यही राशि एरियर कहलाती है।
एरियर निकालने का सीधा फॉर्मूला
एरियर = (नया वेतनमान − पुराना वेतनमान) × जितने महीने बकाया हैं
इसमें बेसिक पे का अंतर, महंगाई भत्ते का अंतर और अन्य जुड़े भत्तों का अंतर, तीनों जोड़े जाते हैं।
समझने के लिए उदाहरण...
मान लीजिए किसी शिक्षक की पुरानी बेसिक पे 55,000 रुपए थी। चौथी क्रमोन्नति के बाद नई बेसिक पे 58,000 रुपए हो गई। यानी हर महीने 3,000 रुपए का अंतर आया।
अगर यह लाभ 1 जुलाई 2023 से मिलना है और आदेश अगस्त 2026 में जारी हुआ, तो बीच के करीब 37 महीनों का अंतर जोड़ा जाएगा। सिर्फ बेसिक पे के हिसाब से यह करीब 1 लाख 11 हजार रुपए बनेगा। इसमें महंगाई भत्ते और अन्य भत्तों का अंतर अलग से जुड़ेगा, जिससे कुल एरियर और बढ़ जाएगा।
ध्यान रहे, यह सिर्फ गणना का तरीका समझाने के लिए है। असली आंकड़े हर शिक्षक की मौजूदा बेसिक पे, सेवा अवधि पूरी होने की तारीख और विभागीय आदेश पर निर्भर करेंगे।
एरियर कब और कैसे मिलता है...
आमतौर पर एरियर की राशि दो तरीकों से दी जाती है-
- एकमुश्त भुगतान: पूरी राशि एक बार में बैंक खाते में डाल दी जाती है।
- किस्तों में भुगतान: अगर राशि बड़ी हो तो सरकार इसे दो या तीन किस्तों में भी दे सकती है। यह पूरी तरह वित्त विभाग के फैसले पर निर्भर करता है।
जनजातीय कार्य विभाग के इस मामले में एरियर किस तरीके से दिया जाएगा, यह अभी विभागीय आदेश में साफ नहीं है। इसका खुलासा अगले आदेश में हो सकता है।
जरूरी बातें जो ध्यान रखनी चाहिए
- एरियर पर भी आयकर लागू होता है, क्योंकि यह भी सैलरी का हिस्सा माना जाता है।
- हर शिक्षक की सेवा अवधि पूरी होने की तारीख अलग हो सकती है, इसलिए एरियर की रकम भी अलग-अलग होगी।
- अंतिम गणना विभाग द्वारा जारी सर्कुलर या पत्र के आधार पर ही मान्य होगी।
पहले भी हुई थी घोषणा
यह पहला मौका नहीं है जब प्रदेश में शिक्षकों को चौथे वेतनमान का लाभ देने की बात हुई हो। इससे पहले शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चतुर्थ वेतनमान लागू करने का बड़ा ऐलान किया था।
उस समय बताया गया था कि इस फैसले से राज्य सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। यह भी कहा गया था कि इस लाभ से राज्य के करीब 1.5 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे। मौजूदा कैबिनेट फैसला उसी बड़ी घोषणा की अगली कड़ी है, जो खासतौर पर जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के लिए लागू किया गया है।
10 हजार नई शिक्षक भर्ती भी होंगी
कैबिनेट बैठक में सिर्फ वेतनमान ही नहीं, नई भर्तियों को लेकर भी फैसला हुआ है। प्रदेश में जल्द ही 10 हजार शिक्षकों की नई भर्ती की जाएगी। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।
जनजातीय बहुल क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। नई भर्तियों से इन इलाकों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। छात्रों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
आगे क्या होगा
चौथे क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ पाने वाले शिक्षकों को अब विभागीय आदेश का इंतजार है। इसके बाद ही व्यक्तिगत रूप से हर शिक्षक की सटीक वेतन वृद्धि तय होगी।
नई भर्तियों के लिए भी जल्द विज्ञापन आने की उम्मीद है। वहीं कवच योजना का पूरा स्वरूप और नियम अभी सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में इन तीनों फैसलों पर विभागीय अधिसूचना जारी हो सकती है।
FAQ
Q. चौथा क्रमोन्नत वेतनमान किसे मिलेगा? A. जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को यह लाभ मिलेगा। शर्त है कि उन्होंने 35 साल की सेवा पूरी कर ली हो। कुल 6846 शिक्षकों को फायदा होगा। Q. यह वेतनमान कब से लागू होगा? A. यह वेतनमान 1 जुलाई 2023 या इसके बाद की तारीख से लागू होगा। यह तिथि 35 साल सेवा पूरी होने पर तय होगी।

