मध्य प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव रविवार को तीखे तेवर में रहे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को जमकर घेरा। शाजापुर के शुजालपुर में हुए कार्यक्रम के बाद इंदौर में भी उन्हें नहीं छोड़ा और बीजेपी के प्रशिक्षण शाला में भी पटवारी पर हमला किया।
पहले शाजापुर में यह बोला
शाजापुर में सीएम ने कहा कि जब देश में संकट आए तो नेता प्रतिपक्ष भाग जाए। जब प्रदेश में विकास की बंयार चले तो जब इनका दो कौड़ी का वो प्रदेश अध्यक्ष हाय रे हाय रे करता फिरे, अरे शर्म आना चाहिए। आजादी के बाद कांग्रेस का ऐसा रद्दी अध्यक्ष नहीं देखा, जिसके यहां पर लोकसभा में उसका उम्मीदवार भाग जाए, इंदौर में। ऐसा रद्दी अध्यक्ष नहीं देखा।
कांग्रेस को कोई मिलता नहीं, जो चुनाव 40 हजार वोट से हार जाए। ऐसा अध्यक्ष आपको मुबारक। जिसका नेता अपनी विधानसभा नहीं बचा पाए वह प्रदेश अध्यक्ष। अपनी लोकसभा क्षेत्र में उम्मीदवार नहीं खड़ा सके,वह कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष। और मुंगेरीलाले के हसीन सपने् देख रहे कि हम सरकार बनाएंगे। अरे 20 साल और जाएं तो कोई दाल नहीं गलने वाली है।
फिर इंदौर में कहा टपोरी
इसके बाद इंदौर में बीजेपी प्रशिक्षण शाला कायर्क्रम में सीएम पहुंचे। सीएम ने कहा कि जब से इंदौर में निगम बनी कांग्रेस कहां गई पता नहीं चला। कहते हैं कि हम मुकाबला करेंगे, पहली पार्टी को देख लो। जो 40-40 हजार वोट से हार जाए, अपना बूथ भी हार जाए, वह मुकाबला करने की बात कहते हैं।
मां अहिल्या जंयती के कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम
सीएम ने कहा कि पार्टी का सिद्दांत है और उस पर काम करती है। हमारी कुल 22 राज्यों में सरकार है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार सफलता प्राप्त कर रही है। पार्टी दुनिया की सर्वाधिक बड़ी पार्टी है और इसके मूल सिद्दांतों को लेकर और सुशासन को लेकर प्रशिक्षण किया जा रहा है। पूरे अनुशासन से यह काम हुआ। हमे पार्टी पर गर्व है। सीएम प्रशिक्षण शाला के बाद मां अहिल्या जयंती के आयोजन में भी शामिल हुए।
जीतू पटवारी ने ऐसे दिया जवाब
देर शाम जीतू पटवारी ने ट्वीट कर जवाब दिया। उन्होंने लिखा- मुख्यमंत्री जी, आपने मुझे रद्दी कहा और दो कौड़ी का कहा। गालियां भी दी। क्या किसान के बेटे आपके लिए रद्दी और दो कौड़ी के ही हैं?
चुनाव तो अटल जी भी हारे थे तो यह शब्द उनके लिए भी हैं या नहीं। हाँ मैं फिर संकल्प लेता हूं। 2028 में किसान के बेटों की और मध्यप्रदेश की जनता की करप्शन और कमीशन रहित सरकार 100% बनेगी।
जनता सब देख रही है मुख्यमंत्री जी और एक बात और किसी का अहंकार ज्यादा दिनों तक नहीं रहता। मैं विनम्रता से वचन देता हूं, प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए कभी अमर्यादित भाषा का उपयोग नहीं करूंगा।
पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी पटवारी के समर्थन में उतरे

