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टेलीग्राम को सरकार का नोटिस, पाइरेसी रोकने के लिए 15 दिन की मोहलत

टेलीग्राम को सरकार का नोटिस, पाइरेसी रोकने के लिए 15 दिन की मोहलत

द सूत्र 3 months ago

समझें क्या है पूरा मामला...

  • टेलीग्राम को सरकार का नोटिस, 15 दिन की डेडलाइन तय।
  • पाइरेटेड कंटेंट पर सरकार सख्त, टेलीग्राम को चेतावनी।
  • फिल्मों की चोरी अब नहीं चलेगी, टेलीग्राम पर एक्शन।
  • व्हाट्सएप के बाद अब टेलीग्राम सरकार के निशाने पर
  • 15 दिन में रिपोर्ट दो वरना कार्रवाई, टेलीग्राम को अल्टीमेटम

केंद्र सरकार ने टेलीग्राम को सख्त नोटिस भेजा है। प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में पाइरेटेड फिल्में और कॉपीराइट कंटेंट शेयर हो रहा था। सरकार ने इसे फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान बताया। टेलीग्राम को 15 दिन के भीतर एक्शन रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। समय पर रिपोर्ट न देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

कुछ समय पहले व्हाट्सएप ने यूजरनेम नाम का एक नया फीचर शुरू किया था। इस फीचर को लेकर लोगों के मन में कई सवाल थे। प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई जा रही थी। इसके बाद सरकार ने व्हाट्सएप के इस फीचर पर रोक लगा दी थी। अब सरकार की नजर टेलीग्राम पर टिकी है।

भारत में ऑनलाइन प्राइवेसी और कॉपीराइट को लेकर सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में टेलीग्राम के खिलाफ यह नया नोटिस जारी हुआ है। सरकार का कहना है कि प्लेटफॉर्म को अपनी एंटी-पाइरेसी व्यवस्था मजबूत करनी होगी। साथ ही उठाए गए कदमों की रिपोर्ट भी देनी होगी।

टेलीग्राम को सरकार का आदेश

सरकार का कहना है कि टेलीग्राम पर पाइरेटेड फिल्में लगातार शेयर हो रही हैं। कॉपीराइट कंटेंट और ओटीटी (OTT - Over The Top) शो भी बिना अनुमति के फैलाए जा रहे हैं। इससे फिल्म इंडस्ट्री को सीधा नुकसान हो रहा है। क्रिएटर इकोनॉमी पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया गया है कि वह पाइरेटेड कंटेंट को खुद पहचाने। सिर्फ शिकायत का इंतजार करना अब काफी नहीं माना जा रहा। सरकार चाहती है कि टेलीग्राम खुद निगरानी करे। कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाला कंटेंट समय रहते हटाया जाए।

पहचान के साथ-साथ उस तक पहुंच भी रोकनी होगी। यानी कंटेंट को ब्लॉक करने की ठोस व्यवस्था बनानी होगी। सरकार का रुख इस मामले में बेहद स्पष्ट है। ढिलाई बरतने वालों पर कार्रवाई तय है।

नेटवर्क पर होगी कार्रवाई

सरकार ने सिर्फ कंटेंट नहीं, पूरे नेटवर्क पर नजर रखने को कहा है। बार-बार पाइरेटेड कंटेंट शेयर करने वालों की पहचान जरूरी बताई गई है। इसमें पर्सनल अकाउंट भी शामिल हैं। साथ ही ग्रुप और चैनल भी इसके दायरे में आते हैं।

बॉट और एडमिन जैसे तकनीकी हिस्सों पर भी ध्यान देने को कहा गया है। इनसे जुड़े नेटवर्क को खत्म करना सरकार का मकसद है। मंशा साफ है कि पाइरेसी की जड़ तक पहुंचा जाए। एक बार में पूरा नेटवर्क तोड़ने की तैयारी है।

शिकायत तंत्र पर भी सवाल

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry - Information and Broadcasting Ministry) ने टेलीग्राम से एक और अहम जानकारी मांगी है। यह जानकारी शिकायत निवारण यानी ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम से जुड़ी है। मंत्रालय जानना चाहता है कि असली कंटेंट निर्माता शिकायत कैसे दर्ज कराते हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि शिकायत पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।

यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि कई बार शिकायत करने के बावजूद कंटेंट देर से हटता है। तब तक नुकसान हो चुका होता है। सरकार अब इस प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना चाहती है। इससे असली क्रिएटर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।

15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

सरकार ने साफ कहा है कि 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट में हर कदम का ब्योरा देना अनिवार्य होगा। यह बताना होगा कि पाइरेटेड कंटेंट कैसे पहचाना गया। साथ ही यह भी बताना होगा कि उसे कैसे रोका और हटाया गया।

अगर तय समयसीमा में रिपोर्ट नहीं सौंपी जाती तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। यानी टेलीग्राम के लिए यह मामला हल्के में लेने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में इस पर सरकार की नजर बनी रहेगी।


FAQ
Q. सरकार ने टेलीग्राम को नोटिस क्यों भेजा है? A. सरकार का कहना है कि टेलीग्राम पर बड़ी संख्या में पाइरेटेड फिल्में और कॉपीराइट कंटेंट शेयर हो रहा है। इससे फिल्म इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है। इसी वजह से नोटिस जारी किया गया है। Q. टेलीग्राम को कितने दिन का समय दिया गया है? A. टेलीग्राम को 15 दिनों के भीतर एक्शन रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस रिपोर्ट में उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी देनी होगी। समय पर रिपोर्ट न देने पर कार्रवाई हो सकती है। Q. क्या टेलीग्राम पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है? A. हां, अगर तय समय में रिपोर्ट नहीं दी जाती तो मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। सरकार ने इसका स्पष्ट संकेत दिया है।

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