पांच पाइंट में समझें पूरा मामला...
- विदिशा में इफको की DAP-APC सैंपल नॉन-स्टैंडर्ड निकले
- DAP में N-16.73% और P-42.17% मिला, मानक से कम
- IPL की TSP में फास्फोरस 46% की जगह 40.13% मिला
- 21 जनवरी को बैच 01/Nov 2025 की बिक्री तुरंत रोकी
- कृषि मंत्री ने हेल्पलाइन 18000-180-1551 पर शिकायत मांगी
पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते वैश्विक सप्लाई और शिपिंग में बाधा के बीच सरकार खरीफ सीजन से पहले खाद का भंडारण कर रही है, तभी घटिया इनपुट का बड़ा मामला सामने आया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा में रबी सीजन 2025-26 के दौरान इफको की डायअमोनियम फॉस्फेट (DAP) और अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट (APS) के सैंपल “नॉन-स्टैंडर्ड” पाए गए। इंडियन पोटाश लिमिटेड की ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (TSP) भी फेल हुई। जनवरी में जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित लॉट की बिक्री तत्काल रोक दी।
DAP में नाइट्रोजन-फास्फोरस कम
दस्तावेजों के मुताबिक विदिशा के गंज बासौदा से 20 दिसंबर 2025 को इफको की DAP (18-46-0) का सैंपल लिया गया। भोपाल की फर्टिलाइजर क्वालिटी कंट्रोल लैब ने 12 जनवरी 2026 की रिपोर्ट में इसे नॉन-स्टैंडर्ड बताया।
रिपोर्ट के अनुसार DAP सैंपल में नाइट्रोजन 16.73% मिली जो मानक 18% से कम है। फास्फोरस 42.17% मिला जबकि तय मान 46% है। संभागीय संयुक्त संचालक कृषि सुमन प्रसाद का कहना है खाद की सैंपलिंग रूटीन प्रक्रिया है।
सैंपल टेस्ट में फेल होने पर उनकी बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही नियम के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की जाती है। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
बिक्री पर लगाई गई तत्काल रोक
रिपोर्ट के बाद विदिशा के उप संचालक कृषि केएस खपेड़िया ने 21 जनवरी को आदेश जारी कर बैच 01/Nov 2025 की DAP की बिक्री और वितरण तत्काल रोकने को कहा। आदेश में यह भी निर्देश दिया कि इस लॉट का खाद जिले के किन डीलरों को कितनी मात्रा में सप्लाई हुआ, इसकी जानकारी तुरंत दें। यह आदेश फर्टिलाइजर (कंट्रोल) ऑर्डर 1985 के तहत जारी हुआ।
कृषि उप संचालक के आदेश के बाद विदिशा जिले में तो इस पर तो रोक लगी है, लेकिन दूसरे जिलों में पुराने स्टॉक से बिक्री रोकने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा हे। वहीं इफको की ओर से फिलहाल खाद अमानक होने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
APS और TSP के सैँपल फेल
इफको की APS (20:20:0:13) का सैंपल भी विदिशा ब्लॉक से 1 दिसंबर को लिया गया। ग्वालियर लैब की जांच में फास्फोरस 18.34% मिला जो 20% से कम है। सल्फर 11.43% मिला जबकि मान 13% है।
IPL की TSP का सैंपल सिरोंज ब्लॉक से 24 दिसंबर को लिया गया। भोपाल लैब में जांच में फास्फोरस 40.13% मिला जो तय 46% से काफी कम है। जनवरी में इसका भी बिक्री आदेश रोक दिया गया।
सीजन से पहले स्टॉक का दावा
पश्चिम एशिया संघर्ष से ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने के बावजूद केंद्र ने कहा है कि खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध है। 15 अप्रैल तक 184 लाख टन खाद उपलब्ध थी, जो पिछले साल 160 लाख टन थी। खरीफ 2025 में सरकार ने यूरिया 185.39 लाख टन, DAP 56.99 लाख टन, MOP 11.13 लाख टन और NPKS 76.11 लाख टन की जरूरत तय की थी।
आयात पर भारी निर्भरता
भारत खाद की जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। किसानों की जरूरत पूरी करने के लिए खाद आयात किया जाता है। 2024-25 में रॉक फॉस्फेट की 86% जरूरत आयात से पूरी हुई। सल्फर 52%, यूरिया के लिए नेचुरल गैस 78%, अमोनिया 75%, फॉस्फोरिक एसिड 52% और MOP 100% आयात पर निर्भर है।
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