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उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से 28 लोगों की मौत, घंटों बाधित रहीं रेल और बिजली सेवाएं

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से 28 लोगों की मौत, घंटों बाधित रहीं रेल और बिजली सेवाएं

द वायर 6 days ago

ई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में शुक्रवार (29 मई) रात आए आंधी-तूफ़ान में 28 लोगों की मौत हो गई है. इनमें से ज़्यादातर लोग घरों के ढहने से मलबे के नीचे दब कर मर गए या फिर उखड़े हुए खंभों, बिजली के पोल या पेड़ों के नीचे फंस कर उनकी जान चली गई.

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर के शाकुंभरी देवी इलाके में भारी बारिश के कारण उफ़ान पर बह रही एक नदी को पार करने की कोशिश में दो महिलाओं की डूबकर मौत हो गई.

वहीं, तूफ़ान का सबसे ज़्यादा असर राज्य के पूर्वी और मध्य ज़िलों पर पड़ा है. यहांं कई जगहों पर बिजली की सप्लाई कई घंटों तक ठप रही.

इस दौरान रेल लाइन को भी नुकसान पहुंचा. कानपुर-उरई रेलखंड पर जालाैन के पास रेलवे भवन की छत के टुकड़े उड़कर ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन पर गिर गए जिससे तार टूट गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. इसके चलते वाया उरई संचालित होने वाली ट्रेनों का संचालन छह घंटे तक ठप रहा. गोरखपुर में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ओएचई तार टूट गया. इससे 10 से ज्यादा ट्रेनें फंसी रहीं.

इस आंधी-तूफान के बीच बुंदेलखंड में 10 लोगों की मौत की खबर है. इनमें से हमीरपुर और बांदा ज़िलों में घर गिरने से तीन-तीन लोगों की और महोबा तथा उरई ज़िलों में दो-दो लोगों की मौत हुई.

इस दौरान पूर्वी ज़िले कौशांबी में चार लोगों की और प्रतापगढ़ में एक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई. जबकि आज़मगढ़, बलिया और भदोही में भी एक-एक व्यक्ति की जान चली गई. कानपुर, चित्रकूट, देवरिया और महाराजगंज से भी लोगों की मौत की खबरें मिली हैं.

मौसम विभाग ने शुक्रवार को अयोध्या में 90 मिलीमीटर, इलाहाबाद में 61 मिलीमीटर, उन्नाव में 59 मिलीमीटर, सिद्धार्थनगर में 51 मिलीमीटर और सहारनपुर में 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की.

मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के कुछ अलग-अलग हिस्सों में तेज़ हवाओं के साथ तूफ़ान आने की संभावना है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मई महीने में ही उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बिजली कड़कने और भारी बारिश के साथ ज़बरदस्त ओलावृष्टि के चलते कम से कम 111 लोगों की मौत हो गई थी. तेज आंधी और बारिश के कारण पूर्वांचल के अलग-अलग ज़िलों में दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने और कच्चे मकान ढहने की घटनाएं सामने आई थीं.

उस दौरान देश के कई राजनेताओं समेत रूस, संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर सहित कई देशों के नेताओं ने भी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की थी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस आपदा पर तत्काल कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया था.

पहाड़ों में ओलावृष्टि

इस बीच हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिसके चलते मौसम विभाग ने राज्य के ज़्यादातर हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है.

शुक्रवार शाम को शिमला और उसके आस-पास के इलाकों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त नज़र आईं.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: The Wire Hindi