Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Times New 2 weeks ago
उत्तर प्रदेश के मंत्री जयवीर सिंह ने उत्तर भारत के सबसे बड़े रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर समिट ‘राइज़ यूपी’ का शुभारंभ किया

लखनऊ, राइज़ यूपी उत्तर प्रदेश को देश की हरित अवसंरचना (ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर) और निवेश के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करता है। तीन दिवसीय ड्रीम हैबिटेट समिट एक्सपो का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर तक लखनऊ में किया जाएगा, जिसमें 10,000 से अधिक आगंतुकों और 150 प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। लखनऊ, 8 जून: वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के लक्ष्य के बीच, उत्तर प्रदेश देश की हरित अवसंरचना (ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर) को गति देने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हुए उभर रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज राइज़ यूपी के कर्टेन रेज़र का शुभारंभ करते हुए उत्तर भारत के अब तक के सबसे बड़े रियल एस्टेट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एक्सपो की औपचारिक घोषणा की। हरित ऊर्जा और नेट-ज़ीरो भवनों को केंद्र में रखने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन 2 से 4 अक्टूबर, 2026 तक लखनऊ के शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का संचालन रीगल नेक्सस द्वारा किया जा रहा है। भारत आज अपने रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है।

वर्ष 2025 में लगभग 45 लाख करोड़ रुपये मूल्य वाला देश का रियल एस्टेट बाज़ार वर्ष 2032 तक बढ़कर लगभग 100 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है, जो 13 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है। वहीं, देश का इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र भी वर्ष 2026 में 173 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2031 तक 250 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है, जिसे एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, मेट्रो कॉरिडोर और अर्बन मोबिलिटी में हो रहे निवेश से गति मिल रही है। इस राष्ट्रीय परिदृश्य में, देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल उत्तर प्रदेश इस परिवर्तन का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। विकास के इस नए चरण के लिए एक प्रमुख संवाद और निवेश मंच के रूप में परिकल्पित राइज़ यूपी रियल एस्टेट डेवलपर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों, ग्रीन टेक्नोलॉजी प्रदाताओं और सरकारी नीति-निर्माताओं को एक ही मंच पर एकत्रित करेगा।

इसका उद्देश्य साझेदारियों को बढ़ावा देना, निवेश के नए अवसरों को खोलना और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है। कर्टेन रेज़र समारोह को संबोधित करते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश एक स्पष्ट दृष्टिकोण और सुव्यवस्थित निवेश रोडमैप के बल पर एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है। हम जो प्रत्येक एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहे हैं, जिस प्रत्येक टाउनशिप की योजना बना रहे हैं और जिन सोलर रूफटॉप्स को बढ़ावा दे रहे हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि यह राज्य तेज़ गति से और जिम्मेदारी के साथ विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। राइज़ यूपी भारत और दुनिया भर के डेवलपर्स, निवेशकों तथा नवाचारकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश निवेश के लिए खुला, तैयार और विश्वस्तरीय होने के साथ-साथ हरित एवं ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हम एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर हैं और सतत इंफ्रास्ट्रक्चर इस यात्रा का प्रमुख आधार है।” प्लेटफ़ॉर्म के विज़न और व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, एके प्रॉपर्टी सॉल्यूशंस ऐप के सीएमडी तथा रीगल नेक्सस के पार्टनर श्री हिमांशु कुशवाहा ने कहा, “रियल एस्टेट का भविष्य केवल इमारतें खड़ी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्मार्ट और सतत तरीके से विकास करने में निहित है। राइज़ यूपी एक पारंपरिक प्रदर्शनी से कहीं आगे बढ़कर उत्तर भारत की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर अर्थव्यवस्था के लिए एक उच्च-प्रभावी मार्केट कोऑर्डिनेशन इकोसिस्टम का निर्माण करता है। वास्तविक निवेश और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने वाले उत्प्रेरक के रूप में परिकल्पित यह मंच उत्तर प्रदेश के विकास के उस चरण को प्रतिबिंबित करता है, जहाँ स्थिरता, विस्तार और गति को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। राइज़ यूपी डेवलपर्स को पूंजी, प्रौद्योगिकी और स्पष्ट नीतिगत दिशा से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएँ केवल विचार तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीन पर साकार हों।

यह स्थिरता को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य, परिचालन रूप से संभव और बड़े पैमाने पर निवेश योग्य बनाता है।” राइज़ यूपी की केंद्रीय थीम, पेरिस समझौते के तहत भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप, ऊर्जा संरक्षण और नेट-ज़ीरो भवन प्रथाओं पर आधारित है। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि देश का भवन क्षेत्र कुल ऊर्जा खपत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा उपयोग करता है। लखनऊ, नोएडा, आगरा, वाराणसी और अयोध्या जैसे शहरों में तीव्र शहरीकरण के बीच, उत्तर प्रदेश बड़े पैमाने पर सतत और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को लागू करने का देश का सबसे बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है। यह आयोजन वर्ष 2027 तक 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तथा पाँच प्रमुख सांस्कृतिक एवं धार्मिक शहरों को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की पहल को समर्थन देने के उद्देश्य से रणनीतिक रूप से तैयार किया गया है।

रीगल-नेक्सस द्वारा विकसित यह तीन दिवसीय समिट, जो अवध शिल्प ग्राम में आयोजित होगा, उत्तर भारत में विकास, पूंजी और प्रौद्योगिकी के लिए एक प्रमुख मंच बनने जा रहा है। इस भव्य एक्सपो में 10,000 से अधिक प्रतिभागियों, 150 प्रदर्शकों और 100 उद्योग विशेषज्ञों एवं नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन में आर्किटेक्चर एवं डिज़ाइन नवाचार, स्मार्ट लिविंग टेक्नोलॉजी तथा प्रीमियम डेवलपर-इन्वेस्टर मीट-अप्स के लिए समर्पित ज़ोन बनाए जाएंगे। प्रदर्शकों की श्रेणियां रियल एस्टेट वैल्यू चेन के सभी प्रमुख क्षेत्रों को कवर करेंगी, जिनमें निर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां, वित्तीय संस्थान, स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी प्रदाता और सोलर ऊर्जा समाधान कंपनियां शामिल होंगी।

इस प्रकार यह आयोजन भविष्य के शहरी परिवर्तन के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम प्रदान करेगा।
Dailyhunt
Disclaimer: This content has been published by the user directly on Dailyhunt, an intermediary platform. Dailyhunt has neither reviewed nor has knowledge of such content. Publisher: Times New