Virangana Lakshmibai Jhansi Junction VGLJ Railway Station : वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन रेलवे स्टेशन (VGLJ) उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में से एक है.
यह स्टेशन न केवल उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला प्रमुख इंटरसिटी हब है, बल्कि तकनीकी और वाणिज्यिक दृष्टि से भी लगभग सभी गुजरने वाली ट्रेनों का अहम ठहराव केंद्र है. यहां से गातिमान एक्सप्रेस-भारत की सबसे तेज ट्रेन-सहित राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, पंजाब मेल, हमसफर और बुंदेलखंड एक्सप्रेस जैसी कई प्रतिष्ठित ट्रेनें संचालित होती हैं.
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ब्रिटिश काल में 1880 के दशक के अंत में निर्मित यह स्टेशन किलेनुमा भव्य इमारत के लिए जाना जाता है. प्राचीन काल में झांसी 'बलवंत नगर' के नाम से प्रसिद्ध था और 17वीं सदी में ओरछा के राजा बीर सिंह देव द्वारा झांसी किले के निर्माण के बाद इसका महत्व बढ़ा. प्रारंभ में स्टेशन पर तीन प्लेटफॉर्म थे, प्लेटफॉर्म नंबर-1 की लंबाई 2,525 फीट है, जो इसे देश के सबसे लंबे प्लेटफॉर्मों में शामिल करती है. झांसी, इंडियन मिडलैंड रेलवे कंपनी का प्रमुख केंद्र भी रहा है.
भारत की पहली शताब्दी एक्सप्रेस नई दिल्ली-झांसी के बीच शुरू हुई थी. वहीं गातिमान एक्सप्रेस नई दिल्ली से झांसी तक का सफर मात्र 4 घंटे 25 मिनट में पूरा करती है. पहले यह स्टेशन सेंट्रल रेलवे ज़ोन के अंतर्गत था, अब यह उत्तर मध्य रेलवे (मुख्यालय: प्रयागराज) में आता है. 1 जनवरी 2022 को स्टेशन का नाम बदलकर 'वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन' रखा गया और स्टेशन कोड JHS से VGLJ किया गया.
झांसी जंक्शन दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, भोपाल, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, नागपुर, अहमदाबाद, गोवा, तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड, जम्मू, अमृतसर सहित देश के प्रमुख औद्योगिक व धार्मिक शहरों से सीधे जुड़ा है. यहां से चार ब्रॉडगेज रूट-झांसी-भोपाल, झांसी-कानपुर, दिल्ली-झांसी और प्रयागराज-मानिकपुर-संचालित हैं. झांसी-शिवपुरी-सवाई माधोपुर-जयपुर नई लाइन के लिए सर्वे भी जारी है.
वर्तमान में स्टेशन पर 8 प्लेटफॉर्म और तीन फुट ओवरब्रिज हैं; दो नए प्लेटफॉर्म प्रस्तावित हैं, जिससे कुल संख्या 11 हो जाएगी. प्रतिदिन लगभग 262 ट्रेनों का ठहराव यहां होता है. यात्रियों के लिए मुफ्त वाई-फाई (रेलवायर), एग्जीक्यूटिव लाउंज, वातानुकूलित व गैर-वातानुकूलित प्रतीक्षालय, साइबर कैफे, पर्यटक सूचना केंद्र, क्लॉक रूम और टिकट सुविधाएं उपलब्ध हैं. स्टेशन के सामने शॉपिंग मॉल का निर्माण भी चल रहा है.
झांसी, खजुराहो (यूनेस्को विश्व धरोहर) और ओरछा जाने वाले पर्यटकों का प्रमुख प्रवेश द्वार है. यहां इलेक्ट्रिक और डीजल-दोनों प्रकार के लोको शेड मौजूद हैं, जो इसे तकनीकी रूप से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं.
कुल मिलाकर, विरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन इतिहास, आधुनिक सुविधाओं और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी का ऐसा संगम है, जो भारतीय रेल मानचित्र पर इसकी अहमियत को और मजबूत करता है.

